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Ambedkar Nagar News: किसान परिवार की दो बेटियों को नेट में मिली सफलता
Wed, 30 Jul 2025 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 30 Jul 2025 12:22 AM IST
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शिखा पांडेय।
अंबेडकरनगर। किसान परिवार की दो बेटियों ने मई-2025 में हुई यूजीसी की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। रमाबाई राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय अकबरपुर से पीजी करने के बाद राजनीति विज्ञान विभाग की आकांक्षा वर्मा ने वर्ष 2025 की यूजीसी नेट परीक्षा पास की है। साथ ही महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग से पीजी कर शिखा पांडेय ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) के साथ ही नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। शिखा पांडेय को पीएचडी में प्रवेश लेने के बाद करीब 43000 रुपये प्रतिमाह फेलोशिप प्राप्त होगी। साथ ही दोनों छात्राएं विश्वविद्यालय व महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर आवेदन करने के लिए पात्र बन गई हैं।
शिखा अकबरपुर के कुटवा महमदपुर की रहने वाली हैं। उनके पिता कैलाश नाथ किसान व मां रंजना पांडेय गृहणी हैं। बातचीत के दौरान बताया कि बाहर जाने के लिए बजट नहीं था, इसलिए घर में ही रहकर ऑनलाइन कोचिंग के सहारे डेढ़ साल तैयारी की है। उनका लक्ष्य भविष्य में पीएचडी कर प्रोफेसर बनना है।
वहीं आकांक्षा वर्मा टांडा के कटरिया में रहती हैं। उनके पिता भगवानदी वर्मा किसान और मां गृहणी के साथ आशा कार्यकत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि बेशक उनके अभिभावक ज्यादा नहीं पढ़-लिख पाए, लेकिन उन्होंने हमेशा मुझे पढ़ने के लिए प्रेरित किया है।
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महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. शेफाली सिंह ने कहा कि दोनों छात्राओं की सफलता पर न केवल महाविद्यालय का नाम रोशन किया है, बल्कि भविष्य में परास्नातक कर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देखने वाली छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बनीं।
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शिखा अकबरपुर के कुटवा महमदपुर की रहने वाली हैं। उनके पिता कैलाश नाथ किसान व मां रंजना पांडेय गृहणी हैं। बातचीत के दौरान बताया कि बाहर जाने के लिए बजट नहीं था, इसलिए घर में ही रहकर ऑनलाइन कोचिंग के सहारे डेढ़ साल तैयारी की है। उनका लक्ष्य भविष्य में पीएचडी कर प्रोफेसर बनना है।
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वहीं आकांक्षा वर्मा टांडा के कटरिया में रहती हैं। उनके पिता भगवानदी वर्मा किसान और मां गृहणी के साथ आशा कार्यकत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि बेशक उनके अभिभावक ज्यादा नहीं पढ़-लिख पाए, लेकिन उन्होंने हमेशा मुझे पढ़ने के लिए प्रेरित किया है।
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महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. शेफाली सिंह ने कहा कि दोनों छात्राओं की सफलता पर न केवल महाविद्यालय का नाम रोशन किया है, बल्कि भविष्य में परास्नातक कर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देखने वाली छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बनीं।

शिखा पांडेय।