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दो रसोइयों को मिड-डे मील बनाने से किया मना
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामपुर सकरवारी द्वितीय में रसोइया के पद पर तैनात दो महिलाओं ने प्रधानाध्यापिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
पत्र में कहा गया कि वे दोनों विद्यालय में रसोइया के पद पर तैनात हैं। आरोप है कि प्रधानाध्यापिका की ओर से इसलिए बर्तन छूने से उन्हें मना कर दिया गया कि वे अनुसूचित जाति की हैं। यह भी तर्क दिया कि तुम लोग अनुसूचित जाति की महिला हो। इसलिए बच्चे तुम्हारा बनाया खाना खाने से इन्कार कर रहे हैं। ऐसे में तुम दोनों की छुट्टी की जाती है। तुम लोगों को खेतों में मजदूरी करनी चाहिए।
विद्या देवी ने बताया कि वह विधवा है। उसके दो बच्चे इसी विद्यालय में पढ़ते हैं। उसके पास कमाई का कोई अन्य जरिया नहीं है। ऐसे में बगैर किसी ठोस कारण के उन्हें विद्यालय से निकाल देना कतई उचित नहीं है। महिलाओं ने डीएम को पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पत्र में बताया कि दो जुलाई को उन्हें बर्तन छूने व खाना बनाने से मना किया गया। हवाला यह दिया गया कि बच्चे व अभिभावक विरोध कर रहे हैं।
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उधर, बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसी कोई शिकायत फिलहाल सामने नहीं आई है। किसी जाति-धर्म के आधार पर रखे जाने व निकाले जाने का सवाल ही नहीं खड़ा होता है। पूरे प्रकरण में रिपोर्ट तलब की जाएगी। इसके बाद सामने आये तथ्यों के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।
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पत्र में कहा गया कि वे दोनों विद्यालय में रसोइया के पद पर तैनात हैं। आरोप है कि प्रधानाध्यापिका की ओर से इसलिए बर्तन छूने से उन्हें मना कर दिया गया कि वे अनुसूचित जाति की हैं। यह भी तर्क दिया कि तुम लोग अनुसूचित जाति की महिला हो। इसलिए बच्चे तुम्हारा बनाया खाना खाने से इन्कार कर रहे हैं। ऐसे में तुम दोनों की छुट्टी की जाती है। तुम लोगों को खेतों में मजदूरी करनी चाहिए।
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विद्या देवी ने बताया कि वह विधवा है। उसके दो बच्चे इसी विद्यालय में पढ़ते हैं। उसके पास कमाई का कोई अन्य जरिया नहीं है। ऐसे में बगैर किसी ठोस कारण के उन्हें विद्यालय से निकाल देना कतई उचित नहीं है। महिलाओं ने डीएम को पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पत्र में बताया कि दो जुलाई को उन्हें बर्तन छूने व खाना बनाने से मना किया गया। हवाला यह दिया गया कि बच्चे व अभिभावक विरोध कर रहे हैं।
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उधर, बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसी कोई शिकायत फिलहाल सामने नहीं आई है। किसी जाति-धर्म के आधार पर रखे जाने व निकाले जाने का सवाल ही नहीं खड़ा होता है। पूरे प्रकरण में रिपोर्ट तलब की जाएगी। इसके बाद सामने आये तथ्यों के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।