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कर्मियों ने मांगों की उपेक्षा पर जताई नाराजगी
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अंबेडकरनगर। बीते 6 माह से लंबित वेतन भुगतान समेत विभिन्न मागों को लेकर चल रहे विरोध में मंगलवार को भी जलनिगम कर्मियों ने आवाज उठाई। कहा कि जायज मांगों को लेकर वे लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनने वाला नहीं है। न सिर्फ उनका हक मारा जा रहा है, बल्कि उनके समक्ष विभिन्न प्रकार की आर्थिक मुश्किलें भी खड़ी हो रही हैं। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष वकार हुसैन ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से विभिन्न प्रकार की आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं। उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। 6 माह का लंबा समय बीत गया, उन्हें अब तक वेतन नहीं मिल सका है। इससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। तमाम प्रकार के खर्च में कटौती करने को मजबूर होना पड़ रहा है। वेतन भुगतान के लिए जिम्मेदारों के दरवाजे लगातार खटखटा रहे हैं, लगातार सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।
वेतन भुगतान को लेकर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इस प्रकार की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि उपेक्षा का आलम यह है कि न तो वेतन ही दिया जा रहा है, न ही सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को पेंशन। मृतक आश्रितों को नौकरी भी नहीं दी जा रही है। जब तक उनकी मागों का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस दौरान अमन, अनूप, राकेश पाण्डेय समेत कई मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष वकार हुसैन ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से विभिन्न प्रकार की आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं। उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। 6 माह का लंबा समय बीत गया, उन्हें अब तक वेतन नहीं मिल सका है। इससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। तमाम प्रकार के खर्च में कटौती करने को मजबूर होना पड़ रहा है। वेतन भुगतान के लिए जिम्मेदारों के दरवाजे लगातार खटखटा रहे हैं, लगातार सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।
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वेतन भुगतान को लेकर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इस प्रकार की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि उपेक्षा का आलम यह है कि न तो वेतन ही दिया जा रहा है, न ही सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को पेंशन। मृतक आश्रितों को नौकरी भी नहीं दी जा रही है। जब तक उनकी मागों का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस दौरान अमन, अनूप, राकेश पाण्डेय समेत कई मौजूद रहे।
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