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Ambedkar Nagar News: धर्म, मोक्ष और मानव कल्याण की भावना से शुरू हुई थी कथा
Sat, 29 Nov 2025 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 29 Nov 2025 11:08 PM IST
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के बड़की पंडौली बनकटा बुजुर्ग में श्रीमद्भागवत संगीतमयी कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार, मंडप की परिक्रमा और पूजन-अर्चना के साथ हर्षोल्लास से हुआ। आयोजक उमेश चंद्र पांडेय और दिनेश चंद्र पांडेय ने प्रवाचक आचार्य आशुतोष शुक्ल का तिलक, माल्यार्पण व अंगवस्त्र प्रदान कर पारंपरिक रीति से स्वागत किया।
प्रथम दिवस के प्रवचन में आचार्य शुक्ल ने श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रारंभ का विस्तृत वर्णन करते हुए बताया कि नैमिषारण्य की पुण्यभूमि पर शौनकादि ऋषियों ने सूतजी से धर्म, मोक्ष और मानव कल्याण से जुड़े प्रश्नों के साथ कथा का आरंभ किया था। उन्होंने शुकदेव महाराज ने भागवत कथा की महिमा, देवताओं को डांटकर लौटाने की घटना तथा राजा परीक्षित को भागवत श्रवण कराए जाने का भावपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किया।
उन्होंने भागवत कथा श्रवण की विधि भी समझाई और उत्तरा के गर्भ से परीक्षित के जन्म, राज्याभिषेक तथा कलियुग के चार स्थलों जुआ, मद्य, स्त्री-असत्संग और हिंसा तथा पांचवें स्थान के रूप में सोने का उल्लेख किया।
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प्रथम दिवस के प्रवचन में आचार्य शुक्ल ने श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रारंभ का विस्तृत वर्णन करते हुए बताया कि नैमिषारण्य की पुण्यभूमि पर शौनकादि ऋषियों ने सूतजी से धर्म, मोक्ष और मानव कल्याण से जुड़े प्रश्नों के साथ कथा का आरंभ किया था। उन्होंने शुकदेव महाराज ने भागवत कथा की महिमा, देवताओं को डांटकर लौटाने की घटना तथा राजा परीक्षित को भागवत श्रवण कराए जाने का भावपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किया।
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उन्होंने भागवत कथा श्रवण की विधि भी समझाई और उत्तरा के गर्भ से परीक्षित के जन्म, राज्याभिषेक तथा कलियुग के चार स्थलों जुआ, मद्य, स्त्री-असत्संग और हिंसा तथा पांचवें स्थान के रूप में सोने का उल्लेख किया।
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