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Ambedkar Nagar News: प्रवक्ता को 10.20 लाख जमा कराने का दिया निर्देश
Wed, 14 Jan 2026 10:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 14 Jan 2026 10:18 PM IST
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अंबेडकरनगर। बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर से जुड़े गबन प्रकरण में प्रबंधन समिति ने प्रवक्ता विपिन कुमार सिंह को विद्यालय के विभिन्न खातों से गबन की गई 10,20,648 रुपये की धनराशि संबंधित खातों में ब्याज सहित जमा कराने का निर्देश दिया गया है।
प्रबंधक कृष्ण कुमार टंडन के अनुसार, तदर्थ प्रधानाचार्य पद पर कार्यकाल के दौरान लगाए गए गबन के आरोपों की जांच इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत गठित जांच समिति की ओर से की गई। जांच प्रक्रिया में आरोप पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया व निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर सुनवाई हुई।
जांच समिति ने आरोपों को प्रमाणित पाया। जांच आख्या प्राप्त होने के बाद प्रबंधन ने स्पष्टीकरण को असंतोषजनक मानते हुए 11 मई 2024 को सेवा से बर्खास्तगी का प्रस्ताव पारित कर डीआईओएस को अनुमोदन के लिए भेजा। डीआईओएस ने 30 सितंबर 2025 के आदेश में बर्खास्तगी के प्रस्ताव को लघुकृत करते हुए वर्ष 2025-26 की एक वेतन वृद्धि स्थायी रूप से रोके जाने का दंड दिया, जबकि जांच में गबन की पुष्टि को यथावत रखा।
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प्रबंधक ने बताया कि इस मामले में आपराधिक अभियोग दर्ज है। प्रबंधन समिति ने पुनः निर्देश देते हुए कहा है कि गबन की गई 10,20,648 रुपये की राशि को एकमुश्त ब्याज सहित विद्यालय के संबंधित खातों में जमा कराया जाए और इसके लिए कार्यालय से समन्वय किया जाए। वर्तमान में दंड प्रभावी है और प्रबंधन ने शीघ्र धनराशि जमा कराने की मांग दोहराई है।
डीआईओएस प्रवीण तिवारी ने कहा कि नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की गई है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
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प्रबंधक कृष्ण कुमार टंडन के अनुसार, तदर्थ प्रधानाचार्य पद पर कार्यकाल के दौरान लगाए गए गबन के आरोपों की जांच इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत गठित जांच समिति की ओर से की गई। जांच प्रक्रिया में आरोप पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया व निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर सुनवाई हुई।
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जांच समिति ने आरोपों को प्रमाणित पाया। जांच आख्या प्राप्त होने के बाद प्रबंधन ने स्पष्टीकरण को असंतोषजनक मानते हुए 11 मई 2024 को सेवा से बर्खास्तगी का प्रस्ताव पारित कर डीआईओएस को अनुमोदन के लिए भेजा। डीआईओएस ने 30 सितंबर 2025 के आदेश में बर्खास्तगी के प्रस्ताव को लघुकृत करते हुए वर्ष 2025-26 की एक वेतन वृद्धि स्थायी रूप से रोके जाने का दंड दिया, जबकि जांच में गबन की पुष्टि को यथावत रखा।
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प्रबंधक ने बताया कि इस मामले में आपराधिक अभियोग दर्ज है। प्रबंधन समिति ने पुनः निर्देश देते हुए कहा है कि गबन की गई 10,20,648 रुपये की राशि को एकमुश्त ब्याज सहित विद्यालय के संबंधित खातों में जमा कराया जाए और इसके लिए कार्यालय से समन्वय किया जाए। वर्तमान में दंड प्रभावी है और प्रबंधन ने शीघ्र धनराशि जमा कराने की मांग दोहराई है।
डीआईओएस प्रवीण तिवारी ने कहा कि नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की गई है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।