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Ambedkar Nagar News: भूमि अधिग्रहण में शेष 30 मकान भी हुए जमींदोज
Thu, 16 Oct 2025 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 16 Oct 2025 12:58 AM IST
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सलाहपुर रजौर में घर को ध्वस्त करती हुई जेसीबी।
विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। एनटीपीसी टांडा स्टेज-2 विस्तारीकरण परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में अड़चन बन रहे शेष 30 मकानों को बुधवार को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। चार दिवसीय अभियान में कुल 74 मकानों को गिरा दिया गया, जिससे अब अधिग्रहित भूमि पूरी तरह से मुक्त हो गई है।
कार्रवाई की शुरुआत सुबह से ही एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता, एएसपी पश्चिमी हरेंद्र कुमार की मौजूदगी में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में ग्राम सलाहपुर रजौर से हुई। यहां नरेंद्र बहादुर, बसंतराम, बिजली बहादुर, शम्भूदत्त, पारसनाथ, अनिल दुबे, दिवाकर दुबे, सुरेश वर्मा, राजपति वर्मा, बुद्धिराम गौड़, इन्द्रदेव उपाध्याय सहित अन्य प्रभावितों के मकानों को जेसीबी की मदद से गिराया गया। हुसैनपुर सुधाना को सोमवार को खाली करा लिया गया था, जबकि हासिमपुर को मंगलवार को खाली कराया गया था। चार दिनों तक चली इस कार्रवाई में प्रशासन की ओर से 60 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 20 जेसीबी मशीनों के अलावा भारी पुलिस बल की तैनाती की गई।
एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि पहले ही सभी प्रभावित किसानों को नोटिस जारी कर स्वेच्छा से मकान व संरचनाएं हटाने के निर्देश दिए गए थे। इस कार्रवाई के पूरा होने के साथ ही एनटीपीसी टांडा परियोजना के विस्तारीकरण कार्य में अब भूमि संबंधी अड़चनें समाप्त हो गई हैं। जिन लोगों के घर ध्वस्त किए गए हैं, प्रशासन उनके साथ है। सभी को आवास से लेकर अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
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पुश्तैनी घर के दरवाजे पर नहीं जला पाएंगे दीप
एनटीपीसी टांडा स्टेज-दो विस्तारीकरण परियोजना के तहत सलाहपुर रजौर, हुसैनपुर सुधाना और हासिमपुर गांवों में प्रशासनिक बुलडोजर की कार्रवाई ने दर्जनों परिवारों को बेघर कर दिया है। कोई किराये के मकान में आसरा ले रहा है तो कोई रिश्तेदारों के घर। मकानों को ध्वस्त होते देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। दीपावली से पहले उजड़े इन मकानों में अब सिर्फ मलबा बचा है।
ग्रामीणों ने भावुक होते हुए कहा कि इस बार अपने पुश्तैनी घर के दरवाजे पर दीप नहीं जला पाएंगे। ये दीप बुझने की नहीं, टूटने की पीड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन चाहता तो यह कार्रवाई दीपावली के बाद भी की जा सकती थी, लेकिन अचानक बुलडोजर चला दिया गया। कार्रवाई के दौरान कई बुजुर्ग और महिलाएं भावुक होकर रो पड़ीं।
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कार्रवाई की शुरुआत सुबह से ही एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता, एएसपी पश्चिमी हरेंद्र कुमार की मौजूदगी में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में ग्राम सलाहपुर रजौर से हुई। यहां नरेंद्र बहादुर, बसंतराम, बिजली बहादुर, शम्भूदत्त, पारसनाथ, अनिल दुबे, दिवाकर दुबे, सुरेश वर्मा, राजपति वर्मा, बुद्धिराम गौड़, इन्द्रदेव उपाध्याय सहित अन्य प्रभावितों के मकानों को जेसीबी की मदद से गिराया गया। हुसैनपुर सुधाना को सोमवार को खाली करा लिया गया था, जबकि हासिमपुर को मंगलवार को खाली कराया गया था। चार दिनों तक चली इस कार्रवाई में प्रशासन की ओर से 60 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 20 जेसीबी मशीनों के अलावा भारी पुलिस बल की तैनाती की गई।
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एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि पहले ही सभी प्रभावित किसानों को नोटिस जारी कर स्वेच्छा से मकान व संरचनाएं हटाने के निर्देश दिए गए थे। इस कार्रवाई के पूरा होने के साथ ही एनटीपीसी टांडा परियोजना के विस्तारीकरण कार्य में अब भूमि संबंधी अड़चनें समाप्त हो गई हैं। जिन लोगों के घर ध्वस्त किए गए हैं, प्रशासन उनके साथ है। सभी को आवास से लेकर अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
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पुश्तैनी घर के दरवाजे पर नहीं जला पाएंगे दीप
एनटीपीसी टांडा स्टेज-दो विस्तारीकरण परियोजना के तहत सलाहपुर रजौर, हुसैनपुर सुधाना और हासिमपुर गांवों में प्रशासनिक बुलडोजर की कार्रवाई ने दर्जनों परिवारों को बेघर कर दिया है। कोई किराये के मकान में आसरा ले रहा है तो कोई रिश्तेदारों के घर। मकानों को ध्वस्त होते देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। दीपावली से पहले उजड़े इन मकानों में अब सिर्फ मलबा बचा है।
ग्रामीणों ने भावुक होते हुए कहा कि इस बार अपने पुश्तैनी घर के दरवाजे पर दीप नहीं जला पाएंगे। ये दीप बुझने की नहीं, टूटने की पीड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन चाहता तो यह कार्रवाई दीपावली के बाद भी की जा सकती थी, लेकिन अचानक बुलडोजर चला दिया गया। कार्रवाई के दौरान कई बुजुर्ग और महिलाएं भावुक होकर रो पड़ीं।

सलाहपुर रजौर में घर को ध्वस्त करती हुई जेसीबी।