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Ambedkar Nagar News: अतिक्रमण से कराह रहा शहर, सड़कें बनीं वाहन स्टैंड
Tue, 09 Sep 2025 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:00 AM IST
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अकबरपुर-टांडा मार्ग पर फुटपाथ में खड़े वाहन।
अंबेडकरनगर। शहर की सड़कों पर अतिक्रमण का जाल इस कदर फैल गया है कि न सिर्फ यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि पैदल चलना भी दूभर हो गया है। अकबरपुर-अयोध्या मुख्य मार्ग से लेकर टांडा रोड, बसखारी मार्ग, दोस्तपुर और पहितीपुर मार्ग तक लगभग हर प्रमुख सड़क पर फुटपाथ गायब हो चुके हैं और सड़कें खुद अस्थायी वाहन स्टैंड बन गई हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि निकाय प्रशासन स्वयं इन अतिक्रमित सड़कों पर वाहन स्टैंड चला रहा है, जिससे ट्रैफिक पुलिस के लिए व्यवस्थाएं संभालना चुनौती बन गया है।
शहर के कई इलाकों में दुकानदारों ने सड़क की पटरियों तक अपना सामान फैला लिया है, जिससे राहगीरों और दोपहिया चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। कई जगह राष्ट्रीय राजमार्ग तक अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। रोडवेज के बाहर बने फुटपाथों पर भी दुकानें सज चुकी हैं, जिससे यातायात की रफ्तार अक्सर थम जाती है। अतिक्रमण से जहां शहर की सौंदर्यीकरण योजनाएं धरी की धरी रह गई हैं, वहीं लगातार जाम और दुर्घटनाओं की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। अब तक कई राहगीर और वाहन चालक इस अराजक व्यवस्था की भेंट चढ़ चुके हैं।
प्रशासनिक कवायद कागजों तक सीमित
जब भी अतिक्रमण हटाने की बात आती है, व्यापारी संगठन और स्थानीय जनप्रतिनिधि दबाव बनाने में जुट जाते हैं। नतीजतन, अतिक्रमण विरोधी अभियान कागजों में सीमित रह जाता है। प्रशासन की उदासीनता भी इस समस्या को लगातार बढ़ावा दे रही है। सीओ सिटी नीतीश तिवारी का कहना है कि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जल्द ही अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी तरह की बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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शहर के कई इलाकों में दुकानदारों ने सड़क की पटरियों तक अपना सामान फैला लिया है, जिससे राहगीरों और दोपहिया चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। कई जगह राष्ट्रीय राजमार्ग तक अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। रोडवेज के बाहर बने फुटपाथों पर भी दुकानें सज चुकी हैं, जिससे यातायात की रफ्तार अक्सर थम जाती है। अतिक्रमण से जहां शहर की सौंदर्यीकरण योजनाएं धरी की धरी रह गई हैं, वहीं लगातार जाम और दुर्घटनाओं की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। अब तक कई राहगीर और वाहन चालक इस अराजक व्यवस्था की भेंट चढ़ चुके हैं।
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प्रशासनिक कवायद कागजों तक सीमित
जब भी अतिक्रमण हटाने की बात आती है, व्यापारी संगठन और स्थानीय जनप्रतिनिधि दबाव बनाने में जुट जाते हैं। नतीजतन, अतिक्रमण विरोधी अभियान कागजों में सीमित रह जाता है। प्रशासन की उदासीनता भी इस समस्या को लगातार बढ़ावा दे रही है। सीओ सिटी नीतीश तिवारी का कहना है कि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जल्द ही अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी तरह की बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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