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सात साल बाद भी पूरा नहीं हो सका पुल
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अंबेडकरनगर के कम्हरिया घाट पर पूरा नहीं हो पा रहा इस पुल का निर्माण कार्य ।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर निर्माणाधीन पुल सुस्त रफ्तार का शिकार होकर रह गया है। निर्माण कार्य शुरू हुए लगभग सात वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक कार्य अधूरा पड़ा है। पुल में कुल 46 पिलर का निर्माण होना था, लेकिन अब तक 39 पिलर ही बन सके हैं। सात पिलर अब तक नहीं बन सके हैं। जबकि पुल के निर्माण कार्य को वर्ष 2017 में ही पूरा हो जाना था। पुल का निर्माण कार्य पूरा न होने से लगभग 50 हजार की आबादी को आवागमन के संकट से जूझना पड़ रहा है। अतिरिक्त दूरी का चक्कर लगाने के लिए भी उन्हें विवश होना पड़ रहा है।
सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर करोड़ों की लागत से वर्ष 2014 में पुल का निर्माण हुआ था। पुल में कुल 46 पिलर का निर्माण होना है। निर्माण का जिम्मा सेतु निगम विभाग द्वारा मित्तल कंपनी व आरके कंपनी को दिया गया है। अब तक गोरखपुर जनपद की ओर से 34 पिलर, जबकि अंबेडकरनगर जनपद की तरफ से 5 पिलर ही बनाए गए हैं। इन पिलर पर छत भी लग चुकी है। लेकिन सरयू नदी के बीच धारा में बनने वाले 7 पिलर का निर्माण कार्य अब तक नही हो सका है। निर्माण कार्य जहां तीन वर्ष में वर्ष 2017 में पूरा हो जाना था, वहीं करीब 7 वर्ष बाद भी अब तक पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इससे अंबेडकरनगर व गोरखपुर के अलावा आसपास के कई जनपदों के नागरिकों को सुचारु आवागमन में व्यवधान हो रहा है।
नागरिकों को 30 से 40 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। लोगाें का कहना है कि तमाम शिकायतों के बावजूद निर्माण कार्य में गति नही आ रही है। बताया जाता है कि पुल निर्माण की मांग को लेकर सर्वहित बैनर तले धरना प्रदर्शन भी हुआ था। तब प्रदर्शनकारी ने सरयू नदी में जल समाधि लेने का निर्णय कर लिया था, बाद में मामला टल गया था। पुल के न बनने से अंबेडकरनगर व गोरखपुर के अलावा आजमगढ़, जौनपुर, इलाहाबाद, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ व महाराजगंज आदि जनपद के नागरिकों को आवागमन में दिक्कत होती है। अधिक दूरी तय करने से न सिर्फ उनका समय बर्बाद होता है, बल्कि अतिरिक्त खर्च भी आता है। नागरिकों ने शासन से पुल निर्माण को जल्द पूरा कराने की मांग की है। उधर, मामले में अधिशाषी अभियंता एके वर्मा ने बताया कि जरूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर करोड़ों की लागत से वर्ष 2014 में पुल का निर्माण हुआ था। पुल में कुल 46 पिलर का निर्माण होना है। निर्माण का जिम्मा सेतु निगम विभाग द्वारा मित्तल कंपनी व आरके कंपनी को दिया गया है। अब तक गोरखपुर जनपद की ओर से 34 पिलर, जबकि अंबेडकरनगर जनपद की तरफ से 5 पिलर ही बनाए गए हैं। इन पिलर पर छत भी लग चुकी है। लेकिन सरयू नदी के बीच धारा में बनने वाले 7 पिलर का निर्माण कार्य अब तक नही हो सका है। निर्माण कार्य जहां तीन वर्ष में वर्ष 2017 में पूरा हो जाना था, वहीं करीब 7 वर्ष बाद भी अब तक पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इससे अंबेडकरनगर व गोरखपुर के अलावा आसपास के कई जनपदों के नागरिकों को सुचारु आवागमन में व्यवधान हो रहा है।
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नागरिकों को 30 से 40 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। लोगाें का कहना है कि तमाम शिकायतों के बावजूद निर्माण कार्य में गति नही आ रही है। बताया जाता है कि पुल निर्माण की मांग को लेकर सर्वहित बैनर तले धरना प्रदर्शन भी हुआ था। तब प्रदर्शनकारी ने सरयू नदी में जल समाधि लेने का निर्णय कर लिया था, बाद में मामला टल गया था। पुल के न बनने से अंबेडकरनगर व गोरखपुर के अलावा आजमगढ़, जौनपुर, इलाहाबाद, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ व महाराजगंज आदि जनपद के नागरिकों को आवागमन में दिक्कत होती है। अधिक दूरी तय करने से न सिर्फ उनका समय बर्बाद होता है, बल्कि अतिरिक्त खर्च भी आता है। नागरिकों ने शासन से पुल निर्माण को जल्द पूरा कराने की मांग की है। उधर, मामले में अधिशाषी अभियंता एके वर्मा ने बताया कि जरूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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