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अवैध वसूली की जांच को टीम गठित
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Wed, 19 Aug 2015 10:42 PM IST
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जिला आबकारी अधिकारी ने सात दिन का चिकित्सीय अवकाश ले लिया है। उन्होंने डीएम व अन्य को भेजे पत्र में गत दिवस अपने साथ हुए बर्ताव पर चिंता जताते हुए कहा कि इसी के चलते उन्हें चिकित्सीय अवकाश पर जाना पड़ रहा है।
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जिला मुख्यालय पर 58 ताड़ी विक्रेताओं ने प्रदर्शन कर लाइसेंस नवीनीकरण न होने का आरोप लगाया था। इसके बाद डीएम ने आबकारी अधिकारी व निरीक्षकों को तलब किया था। तमाम विक्रेताओं ने जिला आबकारी अधिकारी पर दस से पं्द्रह हजार की वसूली का आरोप लगाया, और शपथपत्र भी देने को कहा था।
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इस पर डीएम ने आबकारी अधिकारी को जेल भिजवाने की चेतावनी दी थी। उन्हें अपने कक्ष से बाहर जाने का निर्देश देते हुए अविलंब पत्रावली लेकर ही लौटने को कहा था। इस बीच बुधवार को 43 ताड़ी विक्रेताओं ने डीएम को संबोधित शपथपत्र सौंपा।इसमें जिला आबकारी अधिकारी पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया गया।
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ताड़ी विक्रेताओं ने एक सिपाही हरिकेश सिंह पर शपथपत्र न देने के लिए धमकाने का भी आरोप लगाया। शपथपत्र मिलने पर डीएम ने मामले में प्रभावी कार्रवाई तय करने के लिए अपर जिलाधिकारी रामसूरत पाण्डेय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी।
टीम को पूरे मामले की विस्तृत् जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। संबंधित सिपाही को गुरुवार को डीएम ने कलक्ट्रेट में तलब किया है। उधर जिला आबकारी अधिकारी बजरंग बहादुर सिंह बुधवार को एक सप्ताह के चिकित्सीय अवकाश पर चले गए।
उन्होंने डीएम व अन्य उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा कि उनके साथ जो बर्ताव हुआ, उससे ही उन्हें चिकित्सीय अवकाश पर जाने की जरूरत आ पडी है। ऐसे में वे एक सप्ताह के लिए चिकित्सीय अवकाश पर जा रहे हैं।कहा कि पत्रावली उन्होंने पूर्व में ही जिलाधिकारी कार्यालय को भिजवा दी थी। पत्र में कहा कि उनके विरुद्घ दबाव बनवाकर कार्रवाई तय की जा सकती है।