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Ambedkar Nagar News: घर जाकर छात्र के स्कूल न आने का कारण जानेंगे शिक्षक
Mon, 11 Nov 2024 10:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 11 Nov 2024 10:39 PM IST
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अंबेडकरनगर। परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति शत-प्रतिशत नहीं हो पा रही है। इसलिए अब सभी विद्यार्थियों की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। अगर विद्यार्थी लगातार चार दिन तक स्कूल नहीं पहुंचा तो शिक्षक उसके घर जाकर अभिभावकों को शिक्षा का महत्व बताएंगे। इसके लिए सभी बीईओ व प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं।
जिले में 1582 परिषदीय स्कूल संचालित हैं, जिनमें डेढ़ लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। शासन प्रत्येक नए शैक्षिक सत्र में इन्हें मुफ्त पुस्तकों के साथ दो जोड़ी यूनीफार्म, जूते, मोजे, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी उपलब्ध कराती है। इसे खरीदने के लिए अभिभावकों के बैंक खातों में 1250 रुपये की धनराशि भेजी जाती हैं। साथ ही सभी स्कूलों को 19 मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त किए जा रहे हैं।
इसके बाद भी ज्यादातर स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 50 से 60 प्रतिशत ही रहती है। इस स्थिति में सुधार के लिए बेसिक शिक्षा महानिदेशक ने प्रत्येक छात्र की निगरानी कराने का निर्णय लिया है। बीएसए को जारी किए पत्र में कहा गया है कि ऐसे छात्रों की निगरानी की जाए, जो नियमित रूप से स्कूल नहीं आते हैं। इसका कारण अगर उनके छोटे भाई-बहनों की देखभाल करना है तो उन्हें भी आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रवेश दिलाए जाए। अगर वह खेती एवं अन्य कारण से नहीं आ रहे हैं, तो उनके अभिभावकों को शिक्षा का महत्व बताएं।
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यदि तीन दिन तक लगातार बच्चा स्कूल नहीं आता है तो प्रधानाध्यापक और शिक्षक उसके अभिभावकों से संपर्क करेंगे। इसके बाद भी अगर वह चौथे दिन स्कूल में उपस्थित नहीं होता है तो शिक्षक उसके घर जाएंगे और इसका कारण जानेंगे। सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को निर्देश दे दिए हैं। -बीपी सिंह, बीएसए
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जिले में 1582 परिषदीय स्कूल संचालित हैं, जिनमें डेढ़ लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। शासन प्रत्येक नए शैक्षिक सत्र में इन्हें मुफ्त पुस्तकों के साथ दो जोड़ी यूनीफार्म, जूते, मोजे, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी उपलब्ध कराती है। इसे खरीदने के लिए अभिभावकों के बैंक खातों में 1250 रुपये की धनराशि भेजी जाती हैं। साथ ही सभी स्कूलों को 19 मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त किए जा रहे हैं।
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इसके बाद भी ज्यादातर स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 50 से 60 प्रतिशत ही रहती है। इस स्थिति में सुधार के लिए बेसिक शिक्षा महानिदेशक ने प्रत्येक छात्र की निगरानी कराने का निर्णय लिया है। बीएसए को जारी किए पत्र में कहा गया है कि ऐसे छात्रों की निगरानी की जाए, जो नियमित रूप से स्कूल नहीं आते हैं। इसका कारण अगर उनके छोटे भाई-बहनों की देखभाल करना है तो उन्हें भी आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रवेश दिलाए जाए। अगर वह खेती एवं अन्य कारण से नहीं आ रहे हैं, तो उनके अभिभावकों को शिक्षा का महत्व बताएं।
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यदि तीन दिन तक लगातार बच्चा स्कूल नहीं आता है तो प्रधानाध्यापक और शिक्षक उसके अभिभावकों से संपर्क करेंगे। इसके बाद भी अगर वह चौथे दिन स्कूल में उपस्थित नहीं होता है तो शिक्षक उसके घर जाएंगे और इसका कारण जानेंगे। सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को निर्देश दे दिए हैं। -बीपी सिंह, बीएसए