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विभागीय लापरवाही से टला विद्यालय आवंटन, निराश लौटे शिक्षक
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फोटो-20, अंबेडकरनगर के सीडीओ कार्यालय पर विद्यालय आवंटन के लिए इंतजार में बैठे नवनियुक्त शिक्षक
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते विद्यालय आवंटन की उम्मीद में सोमवार को विकास भवन पहुंचे नवनियुक्त शिक्षकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। कारण यह कि बेसिक शिक्षा विभाग नवनियुक्त शिक्षकों का आईडी व पासवर्ड जेनरेट नहीं कर सका था। इसके चलते ही सोमवार को विद्यालय आवंटन का कार्य नहीं हो सका। विभाग की इस उदासीनता पर शिक्षकों ने नाराजगी भी जाहिर की। कहा कि अधिकारियों की मनमानी के चलते ही उन लोगों को इस तरह की मुश्किलें झेलनी पड़ी। दूर दराज से आए नवनियुक्त शिक्षकों ने कहा कि विभाग को आवश्यक तैयारी के बाद ही उन्हें बुलाना चाहिए था।
बीते दिनों 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले में करीब साढ़े 500 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। भव्य कार्यक्रम आयोजित कर हवाईपट्टी पर युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा गया था। शासन का निर्देश है कि यह प्रक्रिया तेजी पूरी कर नवनियुक्त शिक्षकों को विद्यालयों तैनात किया जाए, जिससे विद्यालय खुलने पर पठन पाठन सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जाए। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग स्थानीय टीम का रवैया शासन के मंसूबे पर खरा उतरता नहीं दिख रहा है।
सोमवार को शिक्षकों को विद्यालय आवंटन के लिए विकास भवन बुलाया गया था। विभिन्न जनपदों व क्षेत्रों से नवनियुक्त शिक्षक सुबह 9 बजे से ही विकास भवन पहुंचने लगे। समय बढने के साथ ही इनकी संख्या सैकड़ों में पहुंच गई। घंटों इंतजार के बाद करीब 12 बजे उन्हें यह जानकारी दी गई कि अभी शिक्षकों को आईडी पासवर्ड नहीं बन सका है। ऐसे में आज विद्यालय आवंटन का कार्य नहीं हो पाएगा। इससे शिक्षकों में आक्रोश फैल गया। कहा कि विभागीय लापरवाही के चलते उन्हें इस तरह की मुश्किलें झेलनी पड़ रही है।
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आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर समेत विभिन्न पास पड़ोस के जनपदों से आए शिक्षकों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। नाम न छापने की शर्त पर कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग जानबूझ कर उनके कार्यों में व्यवधान डाल रहा है। शासन के सख्त निर्देश के बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे नहीं बढ़ा रहा है। विभागीय उदासीनता के चलते ही उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
मनमानी का आलम यह है कि विभाग कोई निर्धारित तिथि भी नहीं बता रहा है कि उन्हें अब कब आना है। शिक्षकों ने विभाग की इस तरह की मनमानी पर अंकुश लगाए जाने की मांग की। कहा कि विभाग को एसएमएस या फिर समाचार पत्रों के माध्यम से इसकी जानकारी मुहैया करानी चाहिए। जिससे उन्हें व्यर्थ में चक्कर लगाने के लिए विवश न होना पड़े। उधर बीएसए अतुल कुमार सिंह का कहना है कि आईडी पासवर्ड जनरेट न हो पाने के लिए विद्यालय आवंटन नहीं हो सका। जल्द ही इसकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। (संवाद)
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बीते दिनों 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले में करीब साढ़े 500 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। भव्य कार्यक्रम आयोजित कर हवाईपट्टी पर युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा गया था। शासन का निर्देश है कि यह प्रक्रिया तेजी पूरी कर नवनियुक्त शिक्षकों को विद्यालयों तैनात किया जाए, जिससे विद्यालय खुलने पर पठन पाठन सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जाए। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग स्थानीय टीम का रवैया शासन के मंसूबे पर खरा उतरता नहीं दिख रहा है।
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सोमवार को शिक्षकों को विद्यालय आवंटन के लिए विकास भवन बुलाया गया था। विभिन्न जनपदों व क्षेत्रों से नवनियुक्त शिक्षक सुबह 9 बजे से ही विकास भवन पहुंचने लगे। समय बढने के साथ ही इनकी संख्या सैकड़ों में पहुंच गई। घंटों इंतजार के बाद करीब 12 बजे उन्हें यह जानकारी दी गई कि अभी शिक्षकों को आईडी पासवर्ड नहीं बन सका है। ऐसे में आज विद्यालय आवंटन का कार्य नहीं हो पाएगा। इससे शिक्षकों में आक्रोश फैल गया। कहा कि विभागीय लापरवाही के चलते उन्हें इस तरह की मुश्किलें झेलनी पड़ रही है।
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आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर समेत विभिन्न पास पड़ोस के जनपदों से आए शिक्षकों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। नाम न छापने की शर्त पर कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग जानबूझ कर उनके कार्यों में व्यवधान डाल रहा है। शासन के सख्त निर्देश के बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे नहीं बढ़ा रहा है। विभागीय उदासीनता के चलते ही उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
मनमानी का आलम यह है कि विभाग कोई निर्धारित तिथि भी नहीं बता रहा है कि उन्हें अब कब आना है। शिक्षकों ने विभाग की इस तरह की मनमानी पर अंकुश लगाए जाने की मांग की। कहा कि विभाग को एसएमएस या फिर समाचार पत्रों के माध्यम से इसकी जानकारी मुहैया करानी चाहिए। जिससे उन्हें व्यर्थ में चक्कर लगाने के लिए विवश न होना पड़े। उधर बीएसए अतुल कुमार सिंह का कहना है कि आईडी पासवर्ड जनरेट न हो पाने के लिए विद्यालय आवंटन नहीं हो सका। जल्द ही इसकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। (संवाद)