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निजी स्कूलों में पढ़ना गरीब बच्चों के लिए सपना
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Fri, 07 Aug 2015 11:41 PM IST
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नतीजतन आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं का इन निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। इसकी शिकायतें भी अधिकारियों से हुईं, लेकिन इसे लेकर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए।
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साधन संपन्न छात्र-छात्राओं की तरह आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे भी निजी विद्यालय में प्रवेश पा सकें, इसके लिए सर्वशिक्षा अभियान के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिए जाने की योजना का संचालन किया जा रहा है।
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योजना के संचालन से वे अभिभावक काफी खुश हुए जो आर्थिक संकट के चलते अपने बच्चों का प्रवेश अच्छे व निजी विद्यालयों में नहीं नहीं करा पा रहे थे। समय बीता तो उनकी उम्मीदों को भी झटका लगने लगा। तमाम दिशा निर्देशों को दरकिनार करते हुए अधिकांश निजी विद्यालय ऐसे बच्चों को प्रवेश लेने से इंकार करने लगे।
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नतीजतन इन निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने का गरीब छात्र छात्राओं का सपना अधूरा ही रह गया। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने जिले के विभिन्न विद्यालयों का जायजा लिया तो योजनाओं को लेकर बरती जा रही मनमानी साफ दिखाई दी।