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छात्रों को जल्द मिलेंगी नई किताबें
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अंबेडकरनगर। जिले के 1582 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। शीघ्र ही उनके हाथों में नई पुस्तकें होंगी। शासन के निर्देश पर गत दिवस ही बीएसए कार्यालय ने सत्यापन के बाद दो लाख 42 हजार छात्र-छात्राओं की सूची भेज दी है। पुस्तकें जिले को उपलब्ध कराने के लिए 16 प्रकाशकों का भी चयन शासन द्वारा कर लिया गया। ऐसे में संभावना है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह से जिले में पुस्तकों का आना प्रारंभ हो जाएगा। साथ ही जुलाई के अंतिम सप्ताह में छात्र-छात्राओं के हाथों में नई पुस्तकें होंगी।
नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने से पहले दावा किया गया था कि अप्रैल में जब परिषदीय स्कूल खुलेंगे, तो छात्र-छात्राओं के हाथों में नई पुस्तकें होंगी। एक अप्रैल को स्कूल खुले, लेकिन किताबें नहीं मिल पाईं। ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद बीती 16 जून को स्कूल फिर से खुल गए, लेेकिन तमाम दावों के बावजूद जिले में नई पुस्तकें नहीं पहुंच सकीं।
नतीजा यह हुआ कि छात्र-छात्राओं को पुरानी पुस्तकों से या फिर बगैर पुस्तक के ही पढ़ाई करने के लिए विद्यालय जाने को मजबूर होना पड़ा। कारण यह कि राज्यस्तर पर टेंडर प्रक्रिया नहीं हो सकी थी। इस बीच गत दिवस ही न सिर्फ टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई, बल्कि पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए 16 प्रकाशकों का भी चयन कर लिया गया। इसके साथ ही बीएसए कार्यालय को निर्देशित किया गया कि जल्द से जल्द छात्रों की सूची शासन को उपलब्ध कराएं।
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बीएसए कार्यालय के सुरेश तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सत्यापन कर दो लाख 42 हजार छात्र-छात्राओं की सूची शासन को भेज दी गई है। जरूरी प्रक्रिया के बाद पूरी उम्मीद है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह से पुस्तकों का जिले में पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो जाएगा। अंतिम सप्ताह तक छात्र-छात्राओं के हाथों में नई पुस्तकें होंगी। बताया कि जिन प्रकाशकों को चयनित किया गया है, उनमें मेसर्स आस्टर प्रिंटर एंड पब्लिशर्स मथुरा, मेसर्स भगवत प्रिंटिंग प्रेस मथुरा, मेसर्स दीपक प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स हल्द्वानी, पायनियर प्रिंटर लखनऊ समेत 16 प्रकाशक हैं।
यह होंगी पुस्तकें
कक्षा एक में कलरव, कार्य पुस्तिका कलरव, गणित कलरव, कक्षा दो की किसलय, कार्य पुस्तिका किसलय, गिनतारा, कार्य पुस्तिका गिनतारा, कक्षा तीन की पंखुड़ी, अंकों का जादू कार्य पुस्तिका अंकों का, हमारा परिवेश, रैंबो, वर्कबुक रैंबो, संस्कृत पियूषम, कक्षा चार की फुलवारी, अंक जगत, पर्यावरण, सिप्रंग, संस्कृत सुधा, कक्षा पांच की वाटिका, गणित ज्ञान, प्राकृतिक, पैटर्न, संस्कृत सुबोध किताबें होंगी। कक्षा छह की अक्षरा, सीखें गणित, पृथ्वी और हमारा जीवन, हमारा इतिहास एवं नागरिक जीवन, विज्ञान भारती, संस्कृत निधि, इंग्लिश रीडर, महान व्यक्तित्व, कृषि विज्ञान, गृह शिल्प, कक्षा सात में स्काउट गाइड, खेल एवं स्वास्थ्य, दीक्षा, गणित प्रकाश, हमारा भूमंडल, हमारा इतिहास एवं नागरिक जीवन, विज्ञान भारती, संस्कृत मंजूसा, इंग्लिश रीडर टू, भारत की महान विभूतियां, कृषि विज्ञान, गृह कौशल की पुस्तकें होेंगी। कक्षा आठ की प्रज्ञा, गणित मंथन, भारत संसाधन एवं विकास, हमारा विकास एवं नागरिक जीवन, संस्कृत भारती, विज्ञान भारती, इंग्लिश रीडर थ्री, हमारे आदर्श, कृषि विज्ञान, दर्शिका के अलावा कक्षा छह, सात व आठ में हमारा पर्यावरण, स्काउट गाइड शिक्षा, खेल एवं स्वास्थ्य उर्दू में शामिल हैं।
सुचारु चल रहा शिक्षण कार्य
मौजूदा समय में सभी विद्यालयों में सुचारु रूप से शिक्षण कार्य चल रहा है। फिलहाल पुरानी पुस्तकों से ही बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। शासन को छात्रों की सूची भेजी गई है। शीघ्र ही नई पुस्तकें भी जिले में पहुंच जाएंगी।
भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने से पहले दावा किया गया था कि अप्रैल में जब परिषदीय स्कूल खुलेंगे, तो छात्र-छात्राओं के हाथों में नई पुस्तकें होंगी। एक अप्रैल को स्कूल खुले, लेकिन किताबें नहीं मिल पाईं। ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद बीती 16 जून को स्कूल फिर से खुल गए, लेेकिन तमाम दावों के बावजूद जिले में नई पुस्तकें नहीं पहुंच सकीं।
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नतीजा यह हुआ कि छात्र-छात्राओं को पुरानी पुस्तकों से या फिर बगैर पुस्तक के ही पढ़ाई करने के लिए विद्यालय जाने को मजबूर होना पड़ा। कारण यह कि राज्यस्तर पर टेंडर प्रक्रिया नहीं हो सकी थी। इस बीच गत दिवस ही न सिर्फ टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई, बल्कि पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए 16 प्रकाशकों का भी चयन कर लिया गया। इसके साथ ही बीएसए कार्यालय को निर्देशित किया गया कि जल्द से जल्द छात्रों की सूची शासन को उपलब्ध कराएं।
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बीएसए कार्यालय के सुरेश तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सत्यापन कर दो लाख 42 हजार छात्र-छात्राओं की सूची शासन को भेज दी गई है। जरूरी प्रक्रिया के बाद पूरी उम्मीद है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह से पुस्तकों का जिले में पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो जाएगा। अंतिम सप्ताह तक छात्र-छात्राओं के हाथों में नई पुस्तकें होंगी। बताया कि जिन प्रकाशकों को चयनित किया गया है, उनमें मेसर्स आस्टर प्रिंटर एंड पब्लिशर्स मथुरा, मेसर्स भगवत प्रिंटिंग प्रेस मथुरा, मेसर्स दीपक प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स हल्द्वानी, पायनियर प्रिंटर लखनऊ समेत 16 प्रकाशक हैं।
यह होंगी पुस्तकें
कक्षा एक में कलरव, कार्य पुस्तिका कलरव, गणित कलरव, कक्षा दो की किसलय, कार्य पुस्तिका किसलय, गिनतारा, कार्य पुस्तिका गिनतारा, कक्षा तीन की पंखुड़ी, अंकों का जादू कार्य पुस्तिका अंकों का, हमारा परिवेश, रैंबो, वर्कबुक रैंबो, संस्कृत पियूषम, कक्षा चार की फुलवारी, अंक जगत, पर्यावरण, सिप्रंग, संस्कृत सुधा, कक्षा पांच की वाटिका, गणित ज्ञान, प्राकृतिक, पैटर्न, संस्कृत सुबोध किताबें होंगी। कक्षा छह की अक्षरा, सीखें गणित, पृथ्वी और हमारा जीवन, हमारा इतिहास एवं नागरिक जीवन, विज्ञान भारती, संस्कृत निधि, इंग्लिश रीडर, महान व्यक्तित्व, कृषि विज्ञान, गृह शिल्प, कक्षा सात में स्काउट गाइड, खेल एवं स्वास्थ्य, दीक्षा, गणित प्रकाश, हमारा भूमंडल, हमारा इतिहास एवं नागरिक जीवन, विज्ञान भारती, संस्कृत मंजूसा, इंग्लिश रीडर टू, भारत की महान विभूतियां, कृषि विज्ञान, गृह कौशल की पुस्तकें होेंगी। कक्षा आठ की प्रज्ञा, गणित मंथन, भारत संसाधन एवं विकास, हमारा विकास एवं नागरिक जीवन, संस्कृत भारती, विज्ञान भारती, इंग्लिश रीडर थ्री, हमारे आदर्श, कृषि विज्ञान, दर्शिका के अलावा कक्षा छह, सात व आठ में हमारा पर्यावरण, स्काउट गाइड शिक्षा, खेल एवं स्वास्थ्य उर्दू में शामिल हैं।
सुचारु चल रहा शिक्षण कार्य
मौजूदा समय में सभी विद्यालयों में सुचारु रूप से शिक्षण कार्य चल रहा है। फिलहाल पुरानी पुस्तकों से ही बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। शासन को छात्रों की सूची भेजी गई है। शीघ्र ही नई पुस्तकें भी जिले में पहुंच जाएंगी।
भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए