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दस्तावेज लेखकों की हड़ताल से ठप रहा रजिस्ट्री कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Sep 2017 10:46 PM IST
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ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में जिले के दस्तावेज लेखकों ने मंगलवार को हड़ताल की। इस कारण सभी तहसीलों में रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप रहा। जिले में करीब तीन करोड़ रुपये राजस्व की क्षति हुई। रजिस्ट्री कराने आए लोगों को इससे मायूस होना पड़ा। बड़ी तादाद में दस्तावेज लेखक लखनऊ प्रदर्शन में भी भाग लेने के लिए गए। गौरतलब है कि ऑनलाइन दस्तावेज लेखन रोकने की मांग को लेकर दस्तावेज लेखक संघ आंदोलित हैं।
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उनका कहना है कि शासन द्वारा दस्तावेज लेखन को लेकर जो ऑनलाइन व्यवस्था का प्रयास किया जा रहा है उसे बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में ही दस्तावेज लेखकों ने बीते दिनों घोषणा की थी कि वे 19 सितंबर को जिले की सभी तहसीलों में काम पूरी तरह ठप रखेंगे। घोषणा के अनुरूप ही मंगलवार को सभी तहसीलों में दस्तावेज लेखक हड़ताल पर रहे।
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राधेश्याम मिश्र ने बताया कि हड़ताल के चलते अकबरपुर समेत सभी तहसीलों में रजिस्ट्री का काम बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ। कहा कि शासन को दस्तावेज लेखकों की जायज मांगों को लेकर सकारात्मक पहल सुनिश्चित करनी चाहिए। जिला मुख्यालय के पुराने तहसील परिसर में स्थित उपनिबंधक कार्यालय से जुड़े दस्तावेज लेखक बृजेन्द्रलाल, सतीराम, वीरेन्द्र कुमार, विनोद तिवारी, मयाराम व मोहम्मद आजम आदि ने कार्य से दूरी बनाए रखा।
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आलापुर में दस्तावेज लेखकों की कलम बंद हड़ताल से दिन भर उपनिबंधक कार्यालय में रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप रहा। टांडा, जलालपुर व भीटी तहसील में भी दस्तावेज लेखकों की हड़ताल से रजिस्ट्री का काम नहीं हो पाया। इससे उपनिबंधक कार्यालयों पर रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। दस्तावेज लेखकों की इस हड़ताल से शासन को लगभग तीन करोड़ रुपये के राजस्व की क्षति हुई है। रजिस्ट्रार संतोष सिंह ने बताया कि करीब तीन करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित हुआ है।