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Ambedkar Nagar News: बढ़ेंगी खेल गतिविधियां, स्टेडियम में दो नए कोच तैनात
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अंबेडकरनगर। जिले की खेल गतिविधियों को अब और बढ़ावा मिलने जा रहा है। राजकीय खेल स्टेडियम में वेट लिफ्टिंग व जूडो कोच की तैनाती हो गई है। इसका लाभ यहां आने वाले युवा खिलाड़ी अब उठा सकेंगे। आधा दर्जन से अधिक खेलों के कोच यहां पहले से ही तैनात हैं। हालांकि अभी भी क्रिकेट, बैडमिंटन व वॉलीबाल जैसे खेलों में कोच की तैनाती का इंतजार है।
29 सितंबर 1995 को जनपद स्थापना के कुछ दिनों बाद ही तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने जिले को राजकीय खेल स्टेडियम की सौगात दी थी। इससे यहां के खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों में नए उत्साह का संचार हुआ। हालांकि फील्ड के नीचा होने की वजह से कई माह तक यहां पानी भरे रहने की समस्या बनी रहती है। इसके साथ ही पर्याप्त कोच न होने से खिलाड़ियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
इन सबके बीच अब यहां दो नए कोचों की तैनाती होने से खिलाड़ियों के लिए राहत की खबर है। जूडो कोच के तौर पर अमित कुमार चौरसिया को हरी झंडी मिली है। वे यहां अब खिलाड़ियों को जूडो का प्रशिक्षण देंगे। मालूम हो कि स्टेडियम परिसर में ही विशाल जूडो हाॅल का निर्माण काफी पहले हो गया था लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पा रहा था। स्टेडियम में लंबे समय से जिम से जुड़ी अत्याधुनिक मशीनें आकर रखी थीं लेकिन प्रशिक्षक के अभाव में वह भी निष्प्रयोज्य हो रही थीं।
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अब वेट लिफ्टिंग के प्रशिक्षक के तौर पर सत्यम सिंह की तैनाती हो गई है। दोनों नए कोच जल्द ही यहां काम संभाल लेंगे। स्टेडियम में फिलहाल फुटबाॅल, हॅाकी, एथलेटिक्स, हैंडबाॅल व तैराकी के प्रशिक्षक तैनात हैं।
इन खेलों में कोच का इंतजार
खेल स्टेडियम में युवाओं को लंबे समय से क्रिकेट में कोच की तैनाती का इंतजार है। अत्यंत लोकप्रिय खेल के लिए कोच की तैनाती होने से युवाओं को और लाभ मिलेगा। इसके साथ ही वॉलीबॉल, बैडमिंटन तथा बास्केट बाॅल के लिए भी कोच नहीं हैं। युवा खिलाड़ी विक्रम व सुल्तान का कहना है कि इन खेलों में भी कोच तैनात हो जाएं तो और इनके प्रशिक्षण का भी मौका खिलाड़ियों को मिल सकेगा।
बेहतर हो रहे हालात
स्टेडियम तथा खेलों को लेकर बेहतरी के सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें बड़ी सफलताएं भी मिल रही हैं। अगले कुछ दिनों में हालात और भी बेहतर हो जाएंगे। - शीला भट्टाचार्य, जिला खेल अधिकारी
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29 सितंबर 1995 को जनपद स्थापना के कुछ दिनों बाद ही तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने जिले को राजकीय खेल स्टेडियम की सौगात दी थी। इससे यहां के खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों में नए उत्साह का संचार हुआ। हालांकि फील्ड के नीचा होने की वजह से कई माह तक यहां पानी भरे रहने की समस्या बनी रहती है। इसके साथ ही पर्याप्त कोच न होने से खिलाड़ियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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इन सबके बीच अब यहां दो नए कोचों की तैनाती होने से खिलाड़ियों के लिए राहत की खबर है। जूडो कोच के तौर पर अमित कुमार चौरसिया को हरी झंडी मिली है। वे यहां अब खिलाड़ियों को जूडो का प्रशिक्षण देंगे। मालूम हो कि स्टेडियम परिसर में ही विशाल जूडो हाॅल का निर्माण काफी पहले हो गया था लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पा रहा था। स्टेडियम में लंबे समय से जिम से जुड़ी अत्याधुनिक मशीनें आकर रखी थीं लेकिन प्रशिक्षक के अभाव में वह भी निष्प्रयोज्य हो रही थीं।
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अब वेट लिफ्टिंग के प्रशिक्षक के तौर पर सत्यम सिंह की तैनाती हो गई है। दोनों नए कोच जल्द ही यहां काम संभाल लेंगे। स्टेडियम में फिलहाल फुटबाॅल, हॅाकी, एथलेटिक्स, हैंडबाॅल व तैराकी के प्रशिक्षक तैनात हैं।
इन खेलों में कोच का इंतजार
खेल स्टेडियम में युवाओं को लंबे समय से क्रिकेट में कोच की तैनाती का इंतजार है। अत्यंत लोकप्रिय खेल के लिए कोच की तैनाती होने से युवाओं को और लाभ मिलेगा। इसके साथ ही वॉलीबॉल, बैडमिंटन तथा बास्केट बाॅल के लिए भी कोच नहीं हैं। युवा खिलाड़ी विक्रम व सुल्तान का कहना है कि इन खेलों में भी कोच तैनात हो जाएं तो और इनके प्रशिक्षण का भी मौका खिलाड़ियों को मिल सकेगा।
बेहतर हो रहे हालात
स्टेडियम तथा खेलों को लेकर बेहतरी के सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें बड़ी सफलताएं भी मिल रही हैं। अगले कुछ दिनों में हालात और भी बेहतर हो जाएंगे। - शीला भट्टाचार्य, जिला खेल अधिकारी