{"_id":"6a36cb58847f82d81403a38b","slug":"son-gets-seven-years-for-accidentally-killing-his-father-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1014-158953-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: पिता की गैर इरादतन हत्या में बेटे को सात साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: पिता की गैर इरादतन हत्या में बेटे को सात साल की सजा
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। बेवाना के रसूलपुर दियरा गांव में वर्ष 2020 में बुजुर्ग पिता की गैर इरादतन हत्या के मामले में अपर जिला व सत्र न्यायाधीश राम विलास सिंह की अदालत ने दोषसिद्ध बेटे रजनीश यादव को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए कुल 14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
रामसुख ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि 15 अक्तूबर 2020 की सुबह करीब 10:30 बजे रजनीश यादव और बहन सुनीता खाना बना रहे थे। जाते समय दोनों ने जलती आग नहीं बुझाई। पिता त्रिभुवन ने आग बुझाने को कहा और नुकसान की आशंका जताई। इस बात पर दोनों ने गाली-गलौज करते हुए उनकी पिटाई की। इसमें उन्हें गंभीर चोंटें आईं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मामले में पुलिस ने मारपीट, गाली-गलौज और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए। मेडिकल जांच में चोट और फ्रैक्चर की पुष्टि हुई थी। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने रजनीश यादव को दोषी माना। गैर-इरादतन हत्या के आरोप में उसे सात वर्ष कठोर कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। जुर्माना न जमा करने पर दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा चोट पहुंचाने के मामले में एक वर्ष साधारण कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना, गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में तीन वर्ष साधारण कारावास व तीन हजार रुपये जुर्माना, अपमान और आपराधिक धमकी के आरोपों में क्रमशः एक व दो वर्ष साधारण कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रामसुख ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि 15 अक्तूबर 2020 की सुबह करीब 10:30 बजे रजनीश यादव और बहन सुनीता खाना बना रहे थे। जाते समय दोनों ने जलती आग नहीं बुझाई। पिता त्रिभुवन ने आग बुझाने को कहा और नुकसान की आशंका जताई। इस बात पर दोनों ने गाली-गलौज करते हुए उनकी पिटाई की। इसमें उन्हें गंभीर चोंटें आईं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
मामले में पुलिस ने मारपीट, गाली-गलौज और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए। मेडिकल जांच में चोट और फ्रैक्चर की पुष्टि हुई थी। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने रजनीश यादव को दोषी माना। गैर-इरादतन हत्या के आरोप में उसे सात वर्ष कठोर कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। जुर्माना न जमा करने पर दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा चोट पहुंचाने के मामले में एक वर्ष साधारण कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना, गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में तीन वर्ष साधारण कारावास व तीन हजार रुपये जुर्माना, अपमान और आपराधिक धमकी के आरोपों में क्रमशः एक व दो वर्ष साधारण कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन