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Ambedkar Nagar News: भाई की मौत के सदमे से दूसरे ने भी दम तोड़ा
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अंबेडकरनगर। कटेहरी क्षेत्र के भरथुआ गांव में मंगलवार को एक ही परिवार से दो सगे भाइयों की अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई। छोटे भाई की मौत का सदमा बड़े भाई बर्दाश्त नहीं कर सके। छोटे भाई के अंतिम दर्शन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और कुछ ही देर बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार में दो मौतों से परिजनों में मातम पसर गया। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
भरथुआ गांव निवासी राजकरण इंडस्ट्रीज के प्रोपराइटर नवीन वर्मा के चाचा रामगोपाल वर्मा (63) की सोमवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। शव घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। इसके बाद रिश्तेदारों और परिचितों को सूचना दी गई।
रामगोपाल के बड़े भाई बंशीधर वर्मा (70) भी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका बस्ती स्थित एक आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज चल रहा था। छोटे भाई के निधन की सूचना मिलते ही वह उपचार छोड़कर गांव पहुंच गए। घर के आंगन में छोटे भाई का शव देखकर वह फूट-फूटकर रोने लगे। परिजन उन्हें संभालने में जुटे थे, तभी उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह जमीन पर गिर पड़े।
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आननफानन परिजन उन्हें अकबरपुर के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी भी मौत हो गई। छोटे भाई की मौत से पहले ही दुख में डूबे परिवार पर दूसरी मौत ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। जिस घर में एक अर्थी उठाने की तैयारी चल रही थी, वहां से दो भाइयों की अर्थियां एक साथ उठीं तो हर तरफ मातम छा गया। अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों के लोग भी पहुंच गए।
मंगलवार दोपहर दोनों भाइयों का श्रृंगी ऋषि आश्रम के घाट पर एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। दोनों आठ भाइयों में सबसे छोटे थे। वे अपने पीछे करीब 50 सदस्यों का संयुक्त परिवार छोड़ गए हैं। दुख की इस घड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा, सांसद लालजी वर्मा, ब्लॉक प्रमुख सुरजीत वर्मा, ब्लॉक प्रमुख आनंद वर्मा और विकास पटेल समेत कई लोगों ने पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
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भरथुआ गांव निवासी राजकरण इंडस्ट्रीज के प्रोपराइटर नवीन वर्मा के चाचा रामगोपाल वर्मा (63) की सोमवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। शव घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। इसके बाद रिश्तेदारों और परिचितों को सूचना दी गई।
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रामगोपाल के बड़े भाई बंशीधर वर्मा (70) भी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका बस्ती स्थित एक आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज चल रहा था। छोटे भाई के निधन की सूचना मिलते ही वह उपचार छोड़कर गांव पहुंच गए। घर के आंगन में छोटे भाई का शव देखकर वह फूट-फूटकर रोने लगे। परिजन उन्हें संभालने में जुटे थे, तभी उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह जमीन पर गिर पड़े।
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आननफानन परिजन उन्हें अकबरपुर के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी भी मौत हो गई। छोटे भाई की मौत से पहले ही दुख में डूबे परिवार पर दूसरी मौत ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। जिस घर में एक अर्थी उठाने की तैयारी चल रही थी, वहां से दो भाइयों की अर्थियां एक साथ उठीं तो हर तरफ मातम छा गया। अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों के लोग भी पहुंच गए।
मंगलवार दोपहर दोनों भाइयों का श्रृंगी ऋषि आश्रम के घाट पर एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। दोनों आठ भाइयों में सबसे छोटे थे। वे अपने पीछे करीब 50 सदस्यों का संयुक्त परिवार छोड़ गए हैं। दुख की इस घड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा, सांसद लालजी वर्मा, ब्लॉक प्रमुख सुरजीत वर्मा, ब्लॉक प्रमुख आनंद वर्मा और विकास पटेल समेत कई लोगों ने पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।