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Ambedkar Nagar News: सूखी पड़ी शारदा सहायक नहर , 50 हजार किसान परेशान

Thu, 12 Jun 2025 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Thu, 12 Jun 2025 11:53 PM IST
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Sharda Sahayak Canal is dry, 50 thousand farmers are troubled
रफीगंज शारदा सहायक नहर।
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। शारदा सहायक नहर की रफीगंज बड़ी शाखा में पानी न आने से क्षेत्र के हजारों किसान प्रभावित हैं। तापमान अधिक होने के कारण खेतों में नमी दो दिनों में खत्म हो जा रही है, जिससे किसानों को प्रत्येक तीसरे दिन सिंचाई करनी पड़ रही है। धान की नर्सरी की सिंचाई के लिए किसानों को निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। किसानों को डीजल इंजन या ट्यूबवेल किराए पर लेकर सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत दोगुनी हो गई है।
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धान की नर्सरी तैयार करने का यह मुख्य समय है और एक जुलाई से रोपाई शुरू होनी है। गन्ने की पेड़ी भी इसी सिंचाई पर निर्भर है, लेकिन नहर में पानी न होने से हालात कठिन होते जा रहे हैं। क्षेत्र के किसान प्रति घंटा सिंचाई पर 120 से 150 रुपये तक खर्च कर रहे हैं। जिन किसानों के पास निजी संसाधन नहीं हैं, वे किराए पर पंपसेट लेकर किसी तरह सिंचाई करा रहे हैं। शारदा सहायक नहर की रफीगंज शाखा कर्बला, कासिमपुर, रफीगंज, चितईपट्टी, लवइया, प्रतापपुर, मुण्डेहरा, हाफीजपुर, फुलवारी, करीमनगर, पाभीपुर, सीताघाट, पिंडोरिया होते हुए आजमगढ़ जनपद की सीमा तक जाती है।
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अधिशासी अभियंता दिवाकर ने बताया कि 18 जून के बाद शारदा सहायक नहर में पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

विभाग नहीं करता कार्रवाई

- नसीरपुर निवासी नरेंद्र सिंह ने कहा कि नहर विभाग को इस समय तक पानी देना चाहिए था, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में निजी संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है।
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- लवइया निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि सिंचाई के लिए किराए के संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। एक ओर महंगाई और दूसरी ओर समय से पानी न मिलना, किसानों पर दोहरी मार जैसा है।


- रुकूनुद्दीनपुर निवासी अमरनाथ सिंह ने कहा कि हर वर्ष यही स्थिति बनती है, लेकिन विभाग समय से कार्रवाई नहीं करता। नहर के भरोसे बैठे किसानों को अंत में खुद ही इंतजाम करना पड़ता है।
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