{"_id":"62b5f54f5f54367f7b170322","slug":"saving-of-1-446-quintal-ration-every-month-ambedkar-nagar-news-lko6366787111","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर माह 1,446 क्विंटल राशन की हो रही बचत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर माह 1,446 क्विंटल राशन की हो रही बचत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। राशन कार्ड सरेंडर किए जाने के बाद जिले में प्रति माह 1,446 क्विंटल राशन की बचत हो रही है। हालांकि बीते दिनों जब शासन ने स्थिति स्पष्ट की, तो जिले में अपात्रों की ओर से राशन कार्ड सरेंडर करने की गति अत्यंत धीमी पड़ गई। तब तक 6,215 अपात्र राशन कार्ड सरेंडर कर चुके थे। ऐसे अपात्र राशन कार्डधारकों की ओर से प्रति माह बड़ी मात्रा में जिले की 1,126 कोटे की दुकानों से राशन लिया जा रहा था।
बीते दिनों निर्देश जारी हुआ था, जिसमें कहा गया था कि अपात्र राशन कार्डधारक निर्धारित तिथि तक अपने राशन कार्ड संबंधित पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर सरेंडर कर दें। ऐसा न करने पर जब जांच के लिए चलने वाले अभियान में अपात्र मिले, तो संबंधित से रिकवरी की जाएगी। यह भी कहा गया था कि मौजूदा समय में बाजार में जो गेहूं व चावल का दाम है, उसी के अनुसार ही रिकवरी होगी। इससे राशन कार्डधारकों में हड़कंप मच गया था।
अपात्रों में राशन कार्ड सरेंडर करने की होड़ मच गई थी। आलम यह था कि पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर राशन कार्ड सरेंडर करने वालों की लंबी लाइन लगने लगी थी। हालांकि कुछ दिन बाद शासन ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा था कि उसने किसी भी प्रकार की रिकवरी का कोई नया आदेश जारी नहीं किया है। इस पर राशन कार्डधारकों ने हालांकि राहत की सांस ली थी, लेकिन तब तक 6,215 लोग राशन कार्ड संबंधित पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पहुंचकर सरेंडर करा चुके थे। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय के अनुसार बड़ी संख्या में राशन कार्ड सरेेंडर होने से प्रति माह 1,446 क्विंटल राशन की बचत हो रही है।
विज्ञापन
जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि राशन कार्डधारकों की ओर से कार्ड सरेंडर करने के बाद मई में लगभग लगभग डेढ़ हजार क्विंटल राशन की बचत हुई है। अब राशन कार्ड के सरेंडर होने की गति काफी धीमी हो गई है।
धीमी हो गई राशन कार्ड सरेंडर की गति
बीते दिनों उहापोह की स्थिति स्पष्ट हुई तो इसके बाद से राशन कार्ड सरेंडर करने का सिलसिला काफी धीमा हो गया। पूर्व में जहां इसके लिए लंबी लाइन लगती थी, तो वहीं अब इक्का-दुक्का लोग ही सरेंडर करने के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में मौजूदा समय में 1126 कोटे से तीन लाख 97 हजार 303 राशन कार्डधारक जुड़े हैं। इसमें तीन लाख 31 हजार 336 पात्र गृहस्थी, जबकि 65967 अंत्योदय राशन कार्डधारक हैं। राशन कार्ड सरेंडर करने से पहले कुल संख्या चार लाख एक हजार से अधिक थी।
विज्ञापन
बीते दिनों निर्देश जारी हुआ था, जिसमें कहा गया था कि अपात्र राशन कार्डधारक निर्धारित तिथि तक अपने राशन कार्ड संबंधित पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर सरेंडर कर दें। ऐसा न करने पर जब जांच के लिए चलने वाले अभियान में अपात्र मिले, तो संबंधित से रिकवरी की जाएगी। यह भी कहा गया था कि मौजूदा समय में बाजार में जो गेहूं व चावल का दाम है, उसी के अनुसार ही रिकवरी होगी। इससे राशन कार्डधारकों में हड़कंप मच गया था।
विज्ञापन
अपात्रों में राशन कार्ड सरेंडर करने की होड़ मच गई थी। आलम यह था कि पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर राशन कार्ड सरेंडर करने वालों की लंबी लाइन लगने लगी थी। हालांकि कुछ दिन बाद शासन ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा था कि उसने किसी भी प्रकार की रिकवरी का कोई नया आदेश जारी नहीं किया है। इस पर राशन कार्डधारकों ने हालांकि राहत की सांस ली थी, लेकिन तब तक 6,215 लोग राशन कार्ड संबंधित पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पहुंचकर सरेंडर करा चुके थे। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय के अनुसार बड़ी संख्या में राशन कार्ड सरेेंडर होने से प्रति माह 1,446 क्विंटल राशन की बचत हो रही है।
विज्ञापन
जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि राशन कार्डधारकों की ओर से कार्ड सरेंडर करने के बाद मई में लगभग लगभग डेढ़ हजार क्विंटल राशन की बचत हुई है। अब राशन कार्ड के सरेंडर होने की गति काफी धीमी हो गई है।
धीमी हो गई राशन कार्ड सरेंडर की गति
बीते दिनों उहापोह की स्थिति स्पष्ट हुई तो इसके बाद से राशन कार्ड सरेंडर करने का सिलसिला काफी धीमा हो गया। पूर्व में जहां इसके लिए लंबी लाइन लगती थी, तो वहीं अब इक्का-दुक्का लोग ही सरेंडर करने के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में मौजूदा समय में 1126 कोटे से तीन लाख 97 हजार 303 राशन कार्डधारक जुड़े हैं। इसमें तीन लाख 31 हजार 336 पात्र गृहस्थी, जबकि 65967 अंत्योदय राशन कार्डधारक हैं। राशन कार्ड सरेंडर करने से पहले कुल संख्या चार लाख एक हजार से अधिक थी।