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एक बार फिर बढ़ा सरयू का जलस्तर, कई गांव प्रभावित
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फोटो 24, अंबेडकरनगर के टांडा में इस तरह बढ़ रही बाढ़ की विभीषिका।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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टांडा। जलस्तर में कमी के बाद बृहस्पतिवार मध्यरात्रि के बाद एक बार फिर सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि हो गई। इससे माझा क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों के अंदर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया तो नगरीय क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। माझा अवसानपुर गांव के ग्रामीण जहां सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं, वहीं माझा उल्टहवा गांव के ग्रामीणों ने गांव के बाहर बंधा पर शरण ली है। उधर सरयू नदी से जुड़ा िािरुआ नाला भी उफान पर है। इससे लगभग एक दर्जन गांव के ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। उधर बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने व उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन ने जरूरी व्यवस्थाएं तेज कर दी हैं।
गौरतलब है कि गत बुधवार से सरयू नदी के जलस्तर में कमीं आ रही थी। इससे माझा क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। उन्हें लगा कि अब शीघ्र ही जलस्तर पूर्व की तरह हो जाएगा। हालांकि गुरुवार मध्य रात्रि के बाद से एक बार फिर से जलस्तर में वृद्धि होना प्रारंभ हो गया। बाढ़ प्रखंड के अवर अभियंता के अनुसार शुक्रवार को अपराह्न दो बजे सरयू नदी का जलस्तर बढ़कर 93.50 मीटर हो गया, जबकि गुरुवार को जलस्तर 93.45 मीटर था। नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि का नतीजा रहा कि माझा अवसानपुर गांव के अंदर बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान की शरण लेनी पड़ी। इसी प्रकार माझा उल्टहवा गांव के आधा दर्जन पुरवे में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे संबंधित पुरवों के ग्रामीण गांव के बाहर स्थित बंधे पर शरण लेने को मजबूर हुए।
माझा क्षेत्रों के अलावा नगरीय क्षेत्र मेहनिया, नेहरूनगर, छज्जापुर, राजघाट, घसियारीटोला, रोजा मीरानपुरा की गलियों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे संबंधित मोहल्लों के नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो घरों तक पानी पहुंच जाएगा। इस बीच नदी से जुड़ा थिरुआ नाला भी जलस्तर बढने से उफान पर है। इससे इसके इर्दगिर्द के पैकोलिया, गौरा गूजर, बेलहरी, नरायनपुर, बसावनपुर, पिपरी मोहम्मदी गांव तक नाले का पानी पहुंच गया है। उधर एसडीएम अभिषेक पाठक ने बताया कि जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर भेजने का कार्य किया जा रहा है। उन्हें किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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गौरतलब है कि गत बुधवार से सरयू नदी के जलस्तर में कमीं आ रही थी। इससे माझा क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। उन्हें लगा कि अब शीघ्र ही जलस्तर पूर्व की तरह हो जाएगा। हालांकि गुरुवार मध्य रात्रि के बाद से एक बार फिर से जलस्तर में वृद्धि होना प्रारंभ हो गया। बाढ़ प्रखंड के अवर अभियंता के अनुसार शुक्रवार को अपराह्न दो बजे सरयू नदी का जलस्तर बढ़कर 93.50 मीटर हो गया, जबकि गुरुवार को जलस्तर 93.45 मीटर था। नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि का नतीजा रहा कि माझा अवसानपुर गांव के अंदर बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान की शरण लेनी पड़ी। इसी प्रकार माझा उल्टहवा गांव के आधा दर्जन पुरवे में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे संबंधित पुरवों के ग्रामीण गांव के बाहर स्थित बंधे पर शरण लेने को मजबूर हुए।
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माझा क्षेत्रों के अलावा नगरीय क्षेत्र मेहनिया, नेहरूनगर, छज्जापुर, राजघाट, घसियारीटोला, रोजा मीरानपुरा की गलियों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। इससे संबंधित मोहल्लों के नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो घरों तक पानी पहुंच जाएगा। इस बीच नदी से जुड़ा थिरुआ नाला भी जलस्तर बढने से उफान पर है। इससे इसके इर्दगिर्द के पैकोलिया, गौरा गूजर, बेलहरी, नरायनपुर, बसावनपुर, पिपरी मोहम्मदी गांव तक नाले का पानी पहुंच गया है। उधर एसडीएम अभिषेक पाठक ने बताया कि जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर भेजने का कार्य किया जा रहा है। उन्हें किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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