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लाल निशान से 28 सेमी. ऊपर बह रही सरयू
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Wed, 03 Aug 2016 11:26 PM IST
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अंबेडकरनगर के टांडा में सरयू नदी के पानी से इस तरह प्रभावित हो रहा चारागाह।
- फोटो : अमर उजाला
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सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा। मंगलवार शाम चार बजे जलस्तर खतरे के निशान से 31 सेंमी. ऊपर था तो बुधवार दोपहर 12 बजे तक घटने लगा। इसके बाद जलस्तर में वृद्धि शुरू हुई तो शाम चार बजे 93.01 मीटर दर्ज किया गया जो लाल निशान 92.73 मीटर से 28 सेंमी. ऊपर था।
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जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच डेढ़ दर्जन से अधिक गांव व आधा दर्जन से अधिक मोहल्ला के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। बुधवार सुबह से तेज धूप निकलने के चलते संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। उधर बुधवार दोपहर बाद एसडीएम पंकज ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और संबंधित क्षेत्र के लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
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गौरतलब है कि सरयू नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। एक सप्ताह से लगातार जलस्तर में हो रही वृद्धि के बाद मंगलवार शाम से जलस्तर में कमी होने लगी थी। मंगलवार शाम चार बजे जलस्तर लाल निशान से 31 सेंमी. ऊपर दर्ज किया गया था। इसके बाद जलस्तर में धीरे-धीरे कमी होने लगी। बुधवार दोपहर 12 बजे तक जलस्तर में मंगलवार के सापेक्ष चार सेंमी. की कमी हुई।
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बुधवार दोपहर 12 बजे नदी का जलस्तर लाल निशान 92.73 मीटर से 27 सेंमी. ऊपर दर्ज किया। इससे लोगों को उम्मीद हुई कि शीघ्र ही जलस्तर लाल निशान से नीचे पहुंच जाएगा। हालांकि उनकी उम्मीदों को उस समय झटका लगा जब दोपहर बाद जलस्तर में एक बार फिर से वृद्धि होने लगी। शाम चार बजे जलस्तर 93.01 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से 28 सेंमी. ऊपर था।
जलस्तर में वृद्धि होने से तटीय क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक गांव माझा उलटहवा, माझा चिंतौरा, माझा कला, माझा अवसानपुर, माझा इस्माइलपुर बेलदहा, माझा छज्जापुर व माझा केवटला आदि के अलावा कश्मीरिया नई बस्ती, नेहरूनगर, मेहनिया, मुबारकपुर, छज्जापुर आदि मोहल्लों के लोगों की चिंता लगातार बनी हुई है।
सबसे अधिक समस्या माझा उलटहवा के तीन गांव दिलशेर का पूरा, जालिम का पूरा व बाबूराम का पूरा के लोगों को हो रही है। चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरा होने के चलते उन्हें आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच बुधवार को सुबह से ही तेज धूप निकलने से संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका जताई जा रही है।
उधर, बुधवार दोपहर बाद एसडीएम पंकज ने राजस्वकर्मियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। इसके अलावा महादेवा घाट व हनुमानगढ़ी मंदिर घाट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।