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Ambedkar Nagar News: 88 क्रय केंद्रोंं पर 20 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद
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अंबेडकरनगर। जिले में 26 दिनों बाद भी गेहूं खरीद की रफ्तार सुस्त है। जिले में 88 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 26 दिन बीत जाने के बाद 13 अप्रैल तक कुल 20 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। खरीद की गति मंद होने का कारण क्रय केंद्र से अधिक दाम किसानों को व्यापारी व आढ़तियों से मिलना बताया जा रहा है।
किसानों को बाहर 2700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का दाम मिल रहा है। जबकि सरकारी क्रय केंद्र पर 2425 रुपये ही दिए जा रहे हैं। पूर्व में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होती थी, लेकिन बीते दो साल से खरीद एक मार्च से क्रय केंद्र खोल दिए जाते थे, लेकिन इस बार 17 मार्च से खरीद शुरू हुई थी। एक अप्रैल तक एक भी केंद्र पर किसान नहीं पहुंचे। दो अप्रैल से नवीन मंडी सिझौली में बने क्रय केंद्रों पर किसानों का आना शुरू हुआ। हालांकि विपणन विभाग गेहूं की खरीदारी को तेज करने के लिए गांव-गांव पहुंचकर किसानों से गेहूं क्रय केंद्र पर भेजने या खुद किसानों के घर से खरीदने में जुटे हैं।
गांव से ही फसल खरीद रहे व्यापारी
विभागीय अफसरों के अनुसार जिले में गेहूं खरीद में तेजी न आने के पीछे आढ़त व्यापारी हैं। वह गांव में मड़ाई के समय ही किसानों से भाव तय कर लेते हैं। मड़ाई के बाद किसान गेहूं वहीं से बेच देते हैं। व्यापारी सरकारी रेट 2425 रुपये से अधिक किसानों को दे रहे हैं, जिससे किसान क्रय केंद्र पर जाने के बजाय गांव में ही व्यापारियों को फसल बेच रहे हैं।
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गेहूं की खरीद तेजी से कराई जा रही है। सभी क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हो गई है। जिले से गेहूं आसपास के जनपदों में न भेजा जा सके इसकी निगरानी की जा रही है। शासन ने जो लक्ष्य दिया है उसे पूरा करने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
- संतोष द्विवेदी, डिप्टी आरएमओ
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किसानों को बाहर 2700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का दाम मिल रहा है। जबकि सरकारी क्रय केंद्र पर 2425 रुपये ही दिए जा रहे हैं। पूर्व में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होती थी, लेकिन बीते दो साल से खरीद एक मार्च से क्रय केंद्र खोल दिए जाते थे, लेकिन इस बार 17 मार्च से खरीद शुरू हुई थी। एक अप्रैल तक एक भी केंद्र पर किसान नहीं पहुंचे। दो अप्रैल से नवीन मंडी सिझौली में बने क्रय केंद्रों पर किसानों का आना शुरू हुआ। हालांकि विपणन विभाग गेहूं की खरीदारी को तेज करने के लिए गांव-गांव पहुंचकर किसानों से गेहूं क्रय केंद्र पर भेजने या खुद किसानों के घर से खरीदने में जुटे हैं।
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गांव से ही फसल खरीद रहे व्यापारी
विभागीय अफसरों के अनुसार जिले में गेहूं खरीद में तेजी न आने के पीछे आढ़त व्यापारी हैं। वह गांव में मड़ाई के समय ही किसानों से भाव तय कर लेते हैं। मड़ाई के बाद किसान गेहूं वहीं से बेच देते हैं। व्यापारी सरकारी रेट 2425 रुपये से अधिक किसानों को दे रहे हैं, जिससे किसान क्रय केंद्र पर जाने के बजाय गांव में ही व्यापारियों को फसल बेच रहे हैं।
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गेहूं की खरीद तेजी से कराई जा रही है। सभी क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हो गई है। जिले से गेहूं आसपास के जनपदों में न भेजा जा सके इसकी निगरानी की जा रही है। शासन ने जो लक्ष्य दिया है उसे पूरा करने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
- संतोष द्विवेदी, डिप्टी आरएमओ