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बिजली, पानी, खाद के लिए प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Sun, 05 Jul 2015 10:54 PM IST
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कहा गया कि मौजूदा समय में किसान विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर चीनी मिल द्वारा की जा रही हीलाहवाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही भुगतान नहीं किया गया, तो चीनी मिल के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष हजारीलाल ने कहा कि जिले के किसान खाद, पानी व विद्युत संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। माइनरों में पानी नहीं है, जिससे उनके समक्ष सिंचाई का संकट पैदा हो गया है। साधन संपन्न किसान तो किसी प्रकार सिंचाई कर लेते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के समक्ष इसे लेकर समस्या उत्पन्न हो रही है।
नतीजतन एक तरफ जहां धान की बेरन लगाने के लिए खेत नहीं तैयार हो पा रहा है, वहीं जिन्होंने रोपाई कर दी है, वे सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इतना ही नहीं, धान के बीज व खाद के लिए भी उन्हें भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि तमाम गन्ना किसानों का बकाया भुगतान भी अब तक नहीं हो सका है।
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वे भुगतान के लिए लगातार चीनी मिल का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। इससे किसानों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र बकाया भुगतान नहीं हुआ, तो चीनी मिल के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान नौशाद अली, रणजीत तिवारी, स्वामीनाथ, रामकृष्ण, दयाशंकर, रामजनम, सत्यप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष हजारीलाल ने कहा कि जिले के किसान खाद, पानी व विद्युत संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। माइनरों में पानी नहीं है, जिससे उनके समक्ष सिंचाई का संकट पैदा हो गया है। साधन संपन्न किसान तो किसी प्रकार सिंचाई कर लेते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के समक्ष इसे लेकर समस्या उत्पन्न हो रही है।
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नतीजतन एक तरफ जहां धान की बेरन लगाने के लिए खेत नहीं तैयार हो पा रहा है, वहीं जिन्होंने रोपाई कर दी है, वे सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इतना ही नहीं, धान के बीज व खाद के लिए भी उन्हें भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि तमाम गन्ना किसानों का बकाया भुगतान भी अब तक नहीं हो सका है।
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वे भुगतान के लिए लगातार चीनी मिल का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। इससे किसानों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र बकाया भुगतान नहीं हुआ, तो चीनी मिल के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान नौशाद अली, रणजीत तिवारी, स्वामीनाथ, रामकृष्ण, दयाशंकर, रामजनम, सत्यप्रकाश आदि मौजूद रहे।