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युवाओं का दबदबा बढने की ओर अग्रसर जलालपुर की राजनीति
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अंबेडकरनगर। जलालपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में युवाओं का दबदबा और मजबूत होने की तरफ बढ़ता जा रहा। युवा नेता रितेश पांडेय के विधायक चुने जाने व उनके त्याग पत्र दिए जाने के बाद खाली हुई सीट पर बसपा ने तमाम प्रबल दावेदारों के बीच पूर्व मंत्री लालजी वर्मा की युवा पुत्री को मैदान में उतार दिया है। उधर भाजपा, सपा व कांग्रेस ने टिकट के दावेदारों में युवाओं की मजबूत दावेदारी प्रमुखता से बनी हुई है। इन तीनों ही दलों में टिकट के लिए युवाओं का वर्चस्व देखने को मिल रहा है। ऐसे में आने वाले उपचुनाव में यहां एक रोचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।
जनपद गठन के बाद से जिले की राजनीति में बीते विधानसभा चुनाव में तब पहला मौका आया, जब जलालपुर सीट से युवा प्रत्याशी के तौर पर बसपा नेता रितेश पाण्डेय विधायक चुन लिए गए। इस सीट पर पहले उनके पिता राकेश पाण्डेय विधायक हुआ करते थे। उनके सीट छोड़ने के बाद बसपा प्रत्याशी के तौर पर रितेश पहला चुनाव नहीं जीत पाए, लेकिन 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने धमाकेदार जीत दर्ज कर ली। गत लोकसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें अंबेडकरनगर संसदीय सीट से प्रत्याशी बना दिया, जिसमें उन्हें लंबे अंतर से जीत भी मिली, जबकि उनके सामने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा मैदान में थे। सांसद चुने जाने के चलते रितेश ने जलालपुर विधानसभा सीट से त्याग पत्र दे दिया, जिसके बाद अब उस सीट पर उपचुनाव की तैयारियां तेज हो चली हैं।
बसपा ने इस सीट पर रितेश के पिता पूर्व सांसद राकेश पाण्डेय को तीन दिन पहले प्रत्याशी घोषित किया, लेकिन अपने स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने चुनाव लड़ पाने में असमर्थता जतायी। इसके बाद से बसपा में अचानक कई दावेदार उभरे, लेकिन इसी बीच पार्टी ने पूर्व मंत्री लालजी वर्मा की पुत्री डॉ. छाया वर्मा को उपचुनाव में बसपा प्रत्याशी घोषित कर दिया। टांडा तहसील निवासी व टांडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे लालजी इन दिनों कटेहरी सीट से विधायक हैं। छाया इन्हीं दोनों सीट पर सक्रिय रही हैं, लेकिन उन्हें जलालपुर भेजे जाने से पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। माना जा रहा कि छाया के नाम पर राकेश व रितेश ने ही पहले अपनी सहमति दी थी, जिसके बाद पार्टी ने विचार विमर्श कर छाया को प्रत्याशी बना दिया।
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भाजपा में यूं तो टिकट के दावेदारों की लंबी फौज है, लेकिन इसमें भी युवाओं का दबदबा बना हुआ है। युवा नेताओं में पूर्व विधायक पवन पांडेय के पुत्र प्रतीक पांडेय लगातार क्षेत्र में रैली, गोष्ठी व पौधरोपण अभियान के माध्यम से अपनी दावेदारी को मजबूत बना रहे। उन्हें अपने पिता के राजनीतिक कौशल व पकड़ का भी लाभ मिलने का भरोसा है।
जिला उपाध्यक्ष डॉ रजनीश सिंह व जिला मंत्री विमलेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू ने न सिर्फ भाजपा नेताओं वरन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारियों के बूते टिकट पाने की पुरजोर उम्मीद लगा रखी है। सपा में भी वरिष्ठ नेताओं के अलावा युवा तुर्क में लोहिया से अखिलेश अभियान के संयोजक सिद्धार्थ मिश्र, चिकित्सक अभिषेक सिंह तथा अवध विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य कृष्ण कुमार मिश्र उर्फ पप्पू प्रबल दावेदार हैं। कांग्रेस पार्टी की तरफ से युवा नेताओं में रेहान जैदी के समर्थक उन्हें टिकट मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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जनपद गठन के बाद से जिले की राजनीति में बीते विधानसभा चुनाव में तब पहला मौका आया, जब जलालपुर सीट से युवा प्रत्याशी के तौर पर बसपा नेता रितेश पाण्डेय विधायक चुन लिए गए। इस सीट पर पहले उनके पिता राकेश पाण्डेय विधायक हुआ करते थे। उनके सीट छोड़ने के बाद बसपा प्रत्याशी के तौर पर रितेश पहला चुनाव नहीं जीत पाए, लेकिन 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने धमाकेदार जीत दर्ज कर ली। गत लोकसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें अंबेडकरनगर संसदीय सीट से प्रत्याशी बना दिया, जिसमें उन्हें लंबे अंतर से जीत भी मिली, जबकि उनके सामने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा मैदान में थे। सांसद चुने जाने के चलते रितेश ने जलालपुर विधानसभा सीट से त्याग पत्र दे दिया, जिसके बाद अब उस सीट पर उपचुनाव की तैयारियां तेज हो चली हैं।
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बसपा ने इस सीट पर रितेश के पिता पूर्व सांसद राकेश पाण्डेय को तीन दिन पहले प्रत्याशी घोषित किया, लेकिन अपने स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने चुनाव लड़ पाने में असमर्थता जतायी। इसके बाद से बसपा में अचानक कई दावेदार उभरे, लेकिन इसी बीच पार्टी ने पूर्व मंत्री लालजी वर्मा की पुत्री डॉ. छाया वर्मा को उपचुनाव में बसपा प्रत्याशी घोषित कर दिया। टांडा तहसील निवासी व टांडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे लालजी इन दिनों कटेहरी सीट से विधायक हैं। छाया इन्हीं दोनों सीट पर सक्रिय रही हैं, लेकिन उन्हें जलालपुर भेजे जाने से पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। माना जा रहा कि छाया के नाम पर राकेश व रितेश ने ही पहले अपनी सहमति दी थी, जिसके बाद पार्टी ने विचार विमर्श कर छाया को प्रत्याशी बना दिया।
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भाजपा में यूं तो टिकट के दावेदारों की लंबी फौज है, लेकिन इसमें भी युवाओं का दबदबा बना हुआ है। युवा नेताओं में पूर्व विधायक पवन पांडेय के पुत्र प्रतीक पांडेय लगातार क्षेत्र में रैली, गोष्ठी व पौधरोपण अभियान के माध्यम से अपनी दावेदारी को मजबूत बना रहे। उन्हें अपने पिता के राजनीतिक कौशल व पकड़ का भी लाभ मिलने का भरोसा है।
जिला उपाध्यक्ष डॉ रजनीश सिंह व जिला मंत्री विमलेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू ने न सिर्फ भाजपा नेताओं वरन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारियों के बूते टिकट पाने की पुरजोर उम्मीद लगा रखी है। सपा में भी वरिष्ठ नेताओं के अलावा युवा तुर्क में लोहिया से अखिलेश अभियान के संयोजक सिद्धार्थ मिश्र, चिकित्सक अभिषेक सिंह तथा अवध विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य कृष्ण कुमार मिश्र उर्फ पप्पू प्रबल दावेदार हैं। कांग्रेस पार्टी की तरफ से युवा नेताओं में रेहान जैदी के समर्थक उन्हें टिकट मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।