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उलझती जा रही पुलिस टीम, नहीं सूझ रहे जवाब

Tue, 17 May 2022 11:34 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2022 11:34 PM IST
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Police team getting confused, not understanding the answer
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। जाली नोटों की बरामदगी को ठगी का मामला बताने की खेल में जुटी मालीपुर पुलिस अब बैकफुट पर नजर आ रही है। अब इस पूरे मामले में उठते सवालों से बचने के लिए पुलिस पूरी तरह से अपने बचाव में जुटी दिख रही है। इसके चलते ही एसओ मालीपुर ने उस वादी का मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया, जिसने कथित तौर पर ठगी का केस दर्ज कराया था। मालीपुर पुलिस के पास इस बात का कोई जवाब नहीं था कि पैसे को दोगुना व तीन गुना कराने पहुंचे व्यक्ति ने गत्ते का टुकड़ा पाने के बाद उसे मौके पर ही क्यों नहीं देखा।
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पुलिस अपने ही बुने जाल में इस हद तक उलझ गई है कि बीते सोमवार को उसने थर्माकोल के टुकड़े का प्रयोग करने की जानकारी दी थी, तो वजन बढ़ाने के लिए मंगलवार को गत्ते के टुकड़े थमाए जाने की नई जानकारी दे दी। दो दिन पहले मालीपुर में जाली नोटों की बरामदगी की खबर उजागर हुई थी। पुलिस टीम इस मामले में शुरू से ही कुछ भी सार्वजनिक करने से बचती दिख रही थी।
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पुलिस ने सोमवार को भी पूरी जानकारी देने की बजाए सिर्फ इतना बताया था कि ठगी का मामला है। मंगलवार को पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में 50 हजार रुपया लेकर नोट दो गुना करने की ठगी की गई। इसके एक आरोपी अवधेश निवासी अहिरौली को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से 45 हजार रुपया बरामद हुए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि यह सिर्फ सामान्य ठगी का ही मामला था तो रविवार को प्रकरण सामने आने के बाद इसे अधिकृत रूप से सार्वजनिक करने में तीन दिन क्यों लगे। पुलिस आखिर क्या छिपाना चाहती थी।
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पहले था थर्माकोल, फिर हुआ गत्ता
पुलिस ने एक दिन पहले सोमवार को बताया था कि असली नोट के बदले नकली नोट की जो गड्डी दी गई थी, वह थर्माकोल की थी। अमर उजाला ने इस पर सवाल खड़ा किया था कि थर्माकोल काफी हल्का होता है। ऐसे में कथित पीड़ित नोटों के मुकाबले थर्माकोल की गड्डी का वजन कैसे नहीं समझ पाया। इसके बाद अब मंगलवार का पुलिस ने थर्माकोल के स्थान पर गत्ते की गड्डी दर्शा दी है क्योंकि गत्ते का वजन थर्माकोल से ज्यादा होता है। हालांकि गत्ते की गड्डी भी असली नोटों की गड्डी के मुकाबले काफी हल्की होती है। इसे कोई भी व्यक्ति हाथों में लेते समझ सकता है कि उसे नोटों की असली गड्डी नहीं मिली है।
पूरा मामला ठगी से जुड़ा
मालीपुर में एसओ की तरफ से जो जानकारी दी गई, उसके अनुसार ठगी का ही मामला है। इसमें एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया है।
आलोक प्रियदर्शी, एसपी
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