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Ambedkar Nagar News: नदी में खेलना पड़ा महंगा, एक टापू से दूसरे पर जाने के बीच हुआ हादसा
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महादेवा घाट पर हादसे के बाद मौजूद भीड़ व पुलिस। संवाद
अंबेडकरनगर। सरयू नदी में डूबने से दो युवकों की मौत और एक के लापता होने के बाद कश्मीरिया मोहल्ले में मातम छाया हुआ है। लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। परिजनों की चीत्कार सुन हर किसी के दिल पसीज उठे। हादसे के बारे में जिसने भी सुना वह सरयू की दौड़ पड़ा। इस हादसे के पीछे कहीं न कहीं नदी में खेल करना बड़ी वजह माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक टापू से दूसरे टापू तक जाने के प्रयास के दौरान यह हादसा हुआ है।
कश्मीरिया मोहल्ले के रामनवल का सरयू नदी के महादेवा घाट पर अंतिम संस्कार होने के बाद जुड़वा भाई अजय आजाद और विजय आजाद, अभिषेक, बब्बी और बृजेश सरयू नदी में नहाने के लिए पहुंच गए थे। यहां तीनों नाव से पहले नदी के बीच रेत के टापू पर पहुंचे। इसके बाद नदी में नहाते नहाते करीब 30 मीटर दूर दूसरे टापू पर गए। इस दौरान किनारे पर खड़े कुछ लोगों ने उन्हें रोका भी, लेकिन वह लोग आगे बढ़ते चले गए। देखते ही देखते दूसरे से तीसरे रेत के टापू पर जाने लगे। इसी बीच गहरे पानी में जाने की वजह से पांचों डूब गए, जिनमें बब्बी और बृजेश की जान तो बच गई, लेकिन दो परिवारों ने अपने जवान बेटों को खो दिया।
विजय का शव मिलने के बाद उसके पिता एक तरफ जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने जुटे रहे, वहीं मां नदी की ओर टकटकी लगाए दूसरे बेटे अजय का इंतजार करती रहीं। यह नजारा देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। मोहल्ले के लोगों ने स्वजन को संभालने की कोशिश की, लेकिन वह दहाड़ मारकर रोते-बिखलते रहे। दिनभर लोगों के आने का तांता मृतकों के घरों में लगा रहा। बड़ी संख्या में मोहल्ले के लोग देर शाम तक नदी के तट पर डटे रहे, लेकिन एसडीआरएफ की टीम लापता अजय का अब तक सुराग नहीं लगा पाई है।
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बेटों के साथ सरयू में डूब गए पिता के अरमान
शनिवार को सरयू नदी में अंतिम संस्कार के बाद नदी में नहाने गए कश्मीरिया निवासी चंद्रशेखर आजाद के दो जुड़वा बेटे ही थे। अजय और विजय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उनके पिता चंद्र शेखर का सपना बेटों को अफसर बनाने का था, लेकिन नदी में उनके बेटों के साथ अरमान भी डूब गए। मां एएनएम थीं और कुछ समय पहले ही रिटायर हुई थीं। पिता खेती बाड़ी देखते थे। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। वह भी हादसे की जानकारी लगते ही घटनास्थल पर पहुंची और मां से लिपटकर रो पड़ीं। माता पिता के दोनों बेटों के साथ उनके बुढ़ापे का सहारा भी छिन गया है।
मजदूरी कर गुजर बसर करते थे अभिषेक
मृतक अभिषेक मजूदरी करते थे। इनके पिता का देहांत पूर्व में हो चुका है। परिवार में उनकी मां के अलावा बड़े भाई अभिमन्यु और छोटे भाई विवेक हैं। दोनों भाई भी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। इस हादसे के बाद परिजन रो-रोकर बेहाल हैं।
लापता युवक को ढूंढ रही टीम
सरयू नदी में लापता युवक की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा है। जल्द से जल्द पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
- शुभम कुमार, सीओ भीटी
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कश्मीरिया मोहल्ले के रामनवल का सरयू नदी के महादेवा घाट पर अंतिम संस्कार होने के बाद जुड़वा भाई अजय आजाद और विजय आजाद, अभिषेक, बब्बी और बृजेश सरयू नदी में नहाने के लिए पहुंच गए थे। यहां तीनों नाव से पहले नदी के बीच रेत के टापू पर पहुंचे। इसके बाद नदी में नहाते नहाते करीब 30 मीटर दूर दूसरे टापू पर गए। इस दौरान किनारे पर खड़े कुछ लोगों ने उन्हें रोका भी, लेकिन वह लोग आगे बढ़ते चले गए। देखते ही देखते दूसरे से तीसरे रेत के टापू पर जाने लगे। इसी बीच गहरे पानी में जाने की वजह से पांचों डूब गए, जिनमें बब्बी और बृजेश की जान तो बच गई, लेकिन दो परिवारों ने अपने जवान बेटों को खो दिया।
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विजय का शव मिलने के बाद उसके पिता एक तरफ जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने जुटे रहे, वहीं मां नदी की ओर टकटकी लगाए दूसरे बेटे अजय का इंतजार करती रहीं। यह नजारा देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। मोहल्ले के लोगों ने स्वजन को संभालने की कोशिश की, लेकिन वह दहाड़ मारकर रोते-बिखलते रहे। दिनभर लोगों के आने का तांता मृतकों के घरों में लगा रहा। बड़ी संख्या में मोहल्ले के लोग देर शाम तक नदी के तट पर डटे रहे, लेकिन एसडीआरएफ की टीम लापता अजय का अब तक सुराग नहीं लगा पाई है।
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बेटों के साथ सरयू में डूब गए पिता के अरमान
शनिवार को सरयू नदी में अंतिम संस्कार के बाद नदी में नहाने गए कश्मीरिया निवासी चंद्रशेखर आजाद के दो जुड़वा बेटे ही थे। अजय और विजय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उनके पिता चंद्र शेखर का सपना बेटों को अफसर बनाने का था, लेकिन नदी में उनके बेटों के साथ अरमान भी डूब गए। मां एएनएम थीं और कुछ समय पहले ही रिटायर हुई थीं। पिता खेती बाड़ी देखते थे। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। वह भी हादसे की जानकारी लगते ही घटनास्थल पर पहुंची और मां से लिपटकर रो पड़ीं। माता पिता के दोनों बेटों के साथ उनके बुढ़ापे का सहारा भी छिन गया है।
मजदूरी कर गुजर बसर करते थे अभिषेक
मृतक अभिषेक मजूदरी करते थे। इनके पिता का देहांत पूर्व में हो चुका है। परिवार में उनकी मां के अलावा बड़े भाई अभिमन्यु और छोटे भाई विवेक हैं। दोनों भाई भी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। इस हादसे के बाद परिजन रो-रोकर बेहाल हैं।
लापता युवक को ढूंढ रही टीम
सरयू नदी में लापता युवक की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा है। जल्द से जल्द पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
- शुभम कुमार, सीओ भीटी