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मरीजों को जल्द मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:26 PM IST
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टांडा व आस पास के क्षेत्र के मरीजों को जल्द ही इलाज की हाइटेक सुविधाएं मिलेनेगी। मार्च में निर्माणाधीन 200 बेड का वातानुकूलित हाईटेक अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद मरीजों सुविधाएं भी मिलनी शुरू हो जाएंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत 90 करोड़ की लागत से 2015 में टांडा सीएचसी में ही जच्चा बच्चा अस्पताल का निर्माण शुरू कराया गया था।
200 बेड के इस अस्पताल का निर्माण मई 2017 में पूरा होना था, लेकिन किन्हीं कारणों से इसका निर्माण तय समय पर पूरा नहीं हो सका। अधिकारियों की मानें तो मार्च में इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। अस्पताल निर्माण के साथ ही आठ मंजिला कर्मचारियों का आवास भी तहसील के निकट मेडिकल केयर यूनिट परिसर में बन रहे हैं। निर्माण कार्य अत्याधुनिक मशीनों व आधुनिक तकनीक से किया जा रहा है।
अस्पताल में मरीजों को गर्म पानी देने के लिए सौर उर्जा संयंत्र लगाया गया है। इसके काम न करने पर हॉट वाटर जनरेटर लगाया गया है। आईसीयू में विनायल फ्लोरिंग की गई है। इस पर स्ट्रेचर ले जाने के दौरान आवाज नहीं होगी। तीन स्थानों पर ठंडा पानी के लिए मशीन लगी है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए तीन स्थानों पर आरओ पानी मरीजों व तीमारदारों को उपलब्ध होगा।
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वीआरवी के प्रयोग के चलते अस्पताल में कम बिजली खर्च होगी। स्वाइल ट्रीटमेंट प्लांट भी लगा है जो अस्पताल का गंदा पानी व केमिकल वाले पानी को अलग करके साफ करेगा। परिसर में दो बड़े टैंक बनाए गए हैं। बरसात का पानी बर्बाद न हो इसके लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग लगाया है। एक दूसरे मंजिल पर जाने के लिए 5 आधुनिक लिफ्ट लगी है। अग्निरोधक, आधुनिक कैमरा, इंटरकॉम व मरीजों को बुलाने के लिए साउंड स्पीकर सिस्टम लगा है।
कार्यदायी संस्था के मैनेजर अनिल सिंह ने बताया कि कर्मचारियों के आवास में भी लिफ्ट के अलावा कई अन्य बेहतर तकनीकी सुविधाएं दी गई हैं। पानी सिस्टम को कंट्रोल करने के अलावा बिजली घर बनाया गया है। निर्माण मेडिकल साइंस के आधार पर कराया जा रहा है। निर्माण कार्य अन्तिम चरण में चल रहा है। मार्च माह तक निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद इसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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200 बेड के इस अस्पताल का निर्माण मई 2017 में पूरा होना था, लेकिन किन्हीं कारणों से इसका निर्माण तय समय पर पूरा नहीं हो सका। अधिकारियों की मानें तो मार्च में इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। अस्पताल निर्माण के साथ ही आठ मंजिला कर्मचारियों का आवास भी तहसील के निकट मेडिकल केयर यूनिट परिसर में बन रहे हैं। निर्माण कार्य अत्याधुनिक मशीनों व आधुनिक तकनीक से किया जा रहा है।
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अस्पताल में मरीजों को गर्म पानी देने के लिए सौर उर्जा संयंत्र लगाया गया है। इसके काम न करने पर हॉट वाटर जनरेटर लगाया गया है। आईसीयू में विनायल फ्लोरिंग की गई है। इस पर स्ट्रेचर ले जाने के दौरान आवाज नहीं होगी। तीन स्थानों पर ठंडा पानी के लिए मशीन लगी है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए तीन स्थानों पर आरओ पानी मरीजों व तीमारदारों को उपलब्ध होगा।
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वीआरवी के प्रयोग के चलते अस्पताल में कम बिजली खर्च होगी। स्वाइल ट्रीटमेंट प्लांट भी लगा है जो अस्पताल का गंदा पानी व केमिकल वाले पानी को अलग करके साफ करेगा। परिसर में दो बड़े टैंक बनाए गए हैं। बरसात का पानी बर्बाद न हो इसके लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग लगाया है। एक दूसरे मंजिल पर जाने के लिए 5 आधुनिक लिफ्ट लगी है। अग्निरोधक, आधुनिक कैमरा, इंटरकॉम व मरीजों को बुलाने के लिए साउंड स्पीकर सिस्टम लगा है।
कार्यदायी संस्था के मैनेजर अनिल सिंह ने बताया कि कर्मचारियों के आवास में भी लिफ्ट के अलावा कई अन्य बेहतर तकनीकी सुविधाएं दी गई हैं। पानी सिस्टम को कंट्रोल करने के अलावा बिजली घर बनाया गया है। निर्माण मेडिकल साइंस के आधार पर कराया जा रहा है। निर्माण कार्य अन्तिम चरण में चल रहा है। मार्च माह तक निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद इसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।