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Ambedkar Nagar News: परचा काउंटर से लेकर दवा खिड़की तक कतारों में घंटों फंसे रहे मरीज

Tue, 09 Sep 2025 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Tue, 09 Sep 2025 12:13 AM IST
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Patients were stuck in queues for hours from the prescription counter to the medicine window
जिला अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीज
अंबेडकरनगर। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में भारी भीड़ उमड़ने से व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं। करीब 2100 मरीजों के पहुंचने के कारण पर्चा काउंटर से लेकर जांच व दवा वितरण खिड़की तक हर जगह लंबी कतारें लगी रहीं। तीमारदारों और मरीजों को घंटों धूप में खड़े रहना पड़ा।
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भीड़ का असर इलाज की गुणवत्ता पर भी दिखा। मरीजों ने शिकायत की कि डॉक्टरों को पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है और जांच रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सर्जन, ईएनटी, त्वचा, हड्डी, मानसिक रोग व फिजिशियन की ओपीडी में सबसे अधिक दबाव रहा। अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और पैथोलॉजी विभाग में भी मरीजों की लंबी कतारें रहीं। कई मरीजों को रिपोर्ट के लिए देर शाम तक इंतजार करना पड़ा। दवा वितरण केंद्र पर भी व्यवस्था ध्वस्त रही और मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ा।
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बाहर की दवा लिखने का सिलसिला जारी
प्रशासनिक आदेशों के बावजूद चिकित्सक अब भी बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। कई मरीजों ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध न होने की बात कहकर उन्हें बार-बार दवाएं बाहर से लानी पड़ रही हैं, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। वहीं बीते सप्ताह लगातार पांच दिन ओपीडी बंद रहने के बाद सोमवार को जनरल ओटी दोबारा शुरू हो गई। इस दौरान सात मरीजों के ऑपरेशन संपन्न हुए। इससे गंभीर मरीजों को कुछ राहत मिली।
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इलाज नहीं, सिर्फ परेशानी
फोटो: 1
हरिकृष्ण सिंह निवासी रामपुर सकरवारी (बेवाना) का कहना है कि एक घंटे लाइन में लगने के बाद पर्चा बन पाया। डॉक्टर ने बिना ध्यान दिए जल्दी से दवाएं थमा दीं। इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूरी हुई।


फोटो: 2
शकील अहमद, गोहन्ना (अकबरपुर) ने बताया कि मानसिक रोग से पीड़ित हूं। डॉक्टर ने जो दवा लिखी, वो अस्पताल में नहीं मिली। मजबूरी में बाहर से खरीदनी पड़ी, जबकि मेरी आर्थिक हालत पहले से कमजोर है।
फोटो: 3
कपिल देव निवासी दोस्तपुर (बेवाना) का कहना है कि पिता को सिरदर्द की समस्या है। इलाज के बाद दो दवाएं बाहर से खरीदने को कहा गया। यहां तो मुफ्त इलाज की उम्मीद से आए थे।

बाहर से लिखी दवा तो होगी कार्रवाई
अस्पताल में आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। यदि कोई चिकित्सक बाहर की दवा लिखता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को भीड़ जरूर रही, लेकिन डॉक्टरों ने सक्रिय रहकर ओपीडी सेवाओं को संभाला।

डॉ. पीएन यादव, प्रभारी सीएमएस
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