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Ambedkar Nagar News: सरयू में समाई सात किसानों की धान व गन्ने की फसल

Mon, 23 Sep 2024 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Mon, 23 Sep 2024 11:36 PM IST
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Paddy and sugarcane crops of seven farmers submerged in Saryu
मांझा कम्हरिया में खेत में पहुंचकर कटान को देखता किसान।  -संवाद
मांझा कम्हरिया में नदी का जलस्तर कम होने के बाद नदी ने तेज की कटान
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी का जलस्तर घटने के बाद मांझा कम्हरिया में सोमवार को भी कटान हुई। इसमें लगभग डेढ़ बीघा धान व गन्ने की फसल नदी की धारा में समाहित हो गई। इसे लेकर माझा क्षेत्र के किसानोंं की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।
मांझा कम्हरिया में कटान न रुकने के कारण किसानों के खेत नदी की धारा में समाहित होते चले जा रहे हैं। सोमवार को मांझा कम्हरिया के निवासी राम लौट, बीरबल, फिरतू ,हरिहर, बिरजू व प्रकाश
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ने बताया कि जहां धान की फसल कटान से नदी में समाहित हो गई वहीं रामवृक्ष निषाद
के गन्ने की फसल भी कटान की भेंट चढ़ गई।
सरयू में लगातार हो रहे कटान के कारण किसान अपनी धान की हरी फसल को काटने को मजबूर हो गए हैं। मांझा कम्हरिया के लोगों को एक तरफ जहां बाढ़ के समय में मुश्किलें झेलनी पड़ती है, तो वहीं नदी का जलस्तर कम होते ही कटान का भी सामना करना पड़ता है। इससे किसानों की उपजाऊ भूमि नदी की धारा में समाहित हो जाती हैं। मांझा कम्हरिया के पटपरवा निवासी फूदल, रामचंद्र व राजेश ने कहा कि पिछले वर्ष से ही कटान की समस्या को देखते हुए ग्रामीण लगातार कटान वाले क्षेत्रों में बंधे बनवाकर उस पर बोल्डर लगाए जाने की मांग कर रहे हैं।अभी तक सभी क्षेत्र मेंं ऐसा नहीं हो सका है।
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सामाजिक कार्यकर्ता भावेश सिंह गंगे व मित्रसेन ने बताया कि विगत वर्ष ही कम्हरिया से मांझा कम्हरिया तक कटान की समस्या को देखते हुए बंधे बनवाकर उस पर बोल्डर लगवाए जाने की मांग की जा रही है। इस तरफ अभी तक जिम्मेदार लोगों का ध्यान नहीं पहुंच सका जिससे मांझा कम्हरिया क्षेत्र में कटान से लेकर विगत एक वर्षों में 150 बीघे से अधिक उपजाऊ भूमि नदी की धारा में समाहित हो गई। इधर एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह ने कहा कि कटान की स्थिति ज्यादा नहीं है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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