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Ambedkar Nagar News: छठे दिन भी नहीं मिला दरोगा पर केस दर्ज करने का आदेश
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अंबेडकरनगर। आम आदमी की न्याय पाने की उम्मीद अधिकारियों पर टिकी रहती हैं, लेकिन यहां भी सुनवाई न होने पर आखिरी चारा न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का ही रहता है। न्यायालय के आदेश के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी अपने ही मातहत पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं।
बता दें कि थाना अलीगंज क्षेत्र में कताई मिल के निदेशक अंकित पांडेय और उनके मैनेजर को धमकाने व 30 हजार रुपये हफ्ता मांगने के मामले में न्यायालय ने चार फरवरी को दरोगा जितेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। आदेश के छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी आदेश कोर्ट से निकलकर सीओ टांडा के कार्यालय तक नहीं पहुंचा है।
सूत्रों की माने तो दरोगा की अधिकारियों के बीच ठीक-ठाक पकड़ है। यहीं वजह है कि पूर्व में भी निदेशक की ओर से शिकायतों पर कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई थी, जबकि इस मामले में जांच भी कराई गई थी। इसके बाद भी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चौकी का फेरबदल कर दिया गया था। यह मामला पिछले काफी समय से चर्चा में बना हुआ है। महकमे के नीचे से लेकर ऊपर तक से सभी लोगों को इसकी खबर भी है। बावजूद इसके कार्रवाई से गुरेज करना मित्र पुलिस की छवि को बिगाड़ रहा है। सीओ टांडा शुभम कुमार ने बताया कि सोमवार शाम तक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। शायद थाने पर आदेश पहुंचा था। आदेश प्राप्त होने पर केस दर्ज किया जाएगा।
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बता दें कि थाना अलीगंज क्षेत्र में कताई मिल के निदेशक अंकित पांडेय और उनके मैनेजर को धमकाने व 30 हजार रुपये हफ्ता मांगने के मामले में न्यायालय ने चार फरवरी को दरोगा जितेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। आदेश के छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी आदेश कोर्ट से निकलकर सीओ टांडा के कार्यालय तक नहीं पहुंचा है।
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सूत्रों की माने तो दरोगा की अधिकारियों के बीच ठीक-ठाक पकड़ है। यहीं वजह है कि पूर्व में भी निदेशक की ओर से शिकायतों पर कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई थी, जबकि इस मामले में जांच भी कराई गई थी। इसके बाद भी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चौकी का फेरबदल कर दिया गया था। यह मामला पिछले काफी समय से चर्चा में बना हुआ है। महकमे के नीचे से लेकर ऊपर तक से सभी लोगों को इसकी खबर भी है। बावजूद इसके कार्रवाई से गुरेज करना मित्र पुलिस की छवि को बिगाड़ रहा है। सीओ टांडा शुभम कुमार ने बताया कि सोमवार शाम तक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। शायद थाने पर आदेश पहुंचा था। आदेश प्राप्त होने पर केस दर्ज किया जाएगा।
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