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वर्षों से सिर्फ मिल रहा आश्वासन
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अंबेडकरनगर। समस्याओं के निस्तारण को लेकर तमाम फरियादियों को दर-दर की ठोकर खानी पड़ रही है। उन्हें वर्षों से सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। तहसीलों में आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस से लेकर थाना समाधान दिवस तक में दिए जाने वाले प्रार्थना पत्रों पर वर्षोँ से कार्रवाई होने का इंतजार तमाम पीड़ितों को है। ऐसा इसलिए क्योंकि ग्राम स्तरीय कर्मचारियों की मनमानी के चलते अकसर पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता है। आरोप के अनुसार मनमानी रिपोर्ट लगा देने का खामियाजा शिकायतकर्ताओं को भुगतना पड़ता है। मंगलवार को तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे कई पीड़ितों से अमर उजाला ने वार्ता की, तो उनका दर्द उभर कर सामने आ गया।
पांच बार की शिकायत, नहीं हटे पेड़
ज्ञानपुर निवासी केराईलाल ने कहा कि उसके घर जाने वाले मार्ग पर विपक्षियों ने पेड़ लगाकर आवागमन अवरुद्ध कर दिया है। इसकी शिकायत पांच बार संपूर्ण समाधान दिवस में कर चुका है। एक बार लेखपाल ने गांव पहुंचकर विपक्षियों को निर्देशित किया था कि पेड़ पौधे हटा लिए जाएं, लेकिन इसके बाद भी नहीं हटाए जा सके। उसने एक बार फिर से संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया जा सका है।
डेढ़ साल में नहीं मिला कनेक्शन
खेवार निवासी त्रिलोकीनाथ ने कहा कि कृषि कार्य के लिए विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। जरूरी औपचारिकता पूरी करने के बाद राशि भी जमा कर दी। 24 मई 2019 में उसने यह सभी औपचारिकताएं पूरी कीं, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं हो सका है। इसके लिए न सिर्फ संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत की, बल्कि संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई। प्रत्येक बार सिर्फ आश्वासन ही दिया गया। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ सकी।
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सात बार शिकायत, नहीं हुई पैमाइश
सकरा दक्षिण के जान मोहम्मद ने कहा कि भूमि की पैमाइश के लिए वह सात बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज करा चुका है। जब भी वह जिम्मेदारों से शिकायत करता है, तो सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। कभी इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा सकी है। इससे पैमाइश का कार्य नहीं हो सका है, जिससे उसे उसकी भूमि नहीं मिल पा रही है। पैमाइश न होने से संबंधित भूखंड पर विपक्षियों का कब्जा बना हुआ है।
अपात्र को दिया पट्टा, नहीं दिया ध्यान
अम्मरपुर के रामपलट ने कहा कि गांव में अपात्र को पट्टा आवंटित कर दिया गया है। पट्टा निरस्तीकरण के लिए उसने कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। संपूर्ण समाधान दिवस में भी उसने पांच बार शिकायतीपत्र दिया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। कहा कि पट्टा निरस्त न होने से पात्र को इसके लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है।
सात बार की शिकायत, नहीं दिया ध्यान
अम्मरपुर के ही राधेश्याम ने कहा कि उसकी भूमि पर विपक्षियों ने कब्जा कर रखा है। लगभग तीन वर्ष से वह संबंधित भूमि की पैमाइश कराए जाने की मांग को लेकर जिम्मेदारों से शिकायत कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। स्थानीय प्रशासन से लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में सात बार शिकायत दर्ज कराया, लेकिन अब तक पैमाइश नहीं हो सकी है।
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पांच बार की शिकायत, नहीं हटे पेड़
ज्ञानपुर निवासी केराईलाल ने कहा कि उसके घर जाने वाले मार्ग पर विपक्षियों ने पेड़ लगाकर आवागमन अवरुद्ध कर दिया है। इसकी शिकायत पांच बार संपूर्ण समाधान दिवस में कर चुका है। एक बार लेखपाल ने गांव पहुंचकर विपक्षियों को निर्देशित किया था कि पेड़ पौधे हटा लिए जाएं, लेकिन इसके बाद भी नहीं हटाए जा सके। उसने एक बार फिर से संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया जा सका है।
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डेढ़ साल में नहीं मिला कनेक्शन
खेवार निवासी त्रिलोकीनाथ ने कहा कि कृषि कार्य के लिए विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। जरूरी औपचारिकता पूरी करने के बाद राशि भी जमा कर दी। 24 मई 2019 में उसने यह सभी औपचारिकताएं पूरी कीं, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं हो सका है। इसके लिए न सिर्फ संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत की, बल्कि संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई। प्रत्येक बार सिर्फ आश्वासन ही दिया गया। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ सकी।
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सात बार शिकायत, नहीं हुई पैमाइश
सकरा दक्षिण के जान मोहम्मद ने कहा कि भूमि की पैमाइश के लिए वह सात बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज करा चुका है। जब भी वह जिम्मेदारों से शिकायत करता है, तो सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। कभी इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा सकी है। इससे पैमाइश का कार्य नहीं हो सका है, जिससे उसे उसकी भूमि नहीं मिल पा रही है। पैमाइश न होने से संबंधित भूखंड पर विपक्षियों का कब्जा बना हुआ है।
अपात्र को दिया पट्टा, नहीं दिया ध्यान
अम्मरपुर के रामपलट ने कहा कि गांव में अपात्र को पट्टा आवंटित कर दिया गया है। पट्टा निरस्तीकरण के लिए उसने कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। संपूर्ण समाधान दिवस में भी उसने पांच बार शिकायतीपत्र दिया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। कहा कि पट्टा निरस्त न होने से पात्र को इसके लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है।
सात बार की शिकायत, नहीं दिया ध्यान
अम्मरपुर के ही राधेश्याम ने कहा कि उसकी भूमि पर विपक्षियों ने कब्जा कर रखा है। लगभग तीन वर्ष से वह संबंधित भूमि की पैमाइश कराए जाने की मांग को लेकर जिम्मेदारों से शिकायत कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। स्थानीय प्रशासन से लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में सात बार शिकायत दर्ज कराया, लेकिन अब तक पैमाइश नहीं हो सकी है।