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Ambedkar Nagar News: ऑनलाइन सुविधा, फिर भी परचा बनवाने के लिए लग रही कतार
Tue, 08 Apr 2025 10:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 08 Apr 2025 10:56 PM IST
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जिला अस्पताल के परचा काउंटर पर जुटी भीड़
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में मोबाइल पर आभा एप के जरिए मरीजों के ऑनलाइन पंजीकरण कराने की सुविधा दी गई है, ताकि यहां आने पर लाइन न लगानी पड़े। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण यह योजना परवान नहीं चढ़ पाई। प्रचार-प्रसार के अभाव में लोगों को इसकी जानकारी नहीं है और घंटों लाइन में खड़े होकर पसीना बहाना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में वर्ष 2023 में आभा एप की शुरुआत हुई थी। इसका उद्देश्य था कि लोगों को इलाज के लिए परचा बनवाने में घंटों समय बर्बाद न करना पड़े। लंबी लाइनें लगने से अस्पताल की व्यवस्थाएं भी गड़बड़ा जाती है, लेकिन इन सबके बाद भी इस एप को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अस्पताल प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
जिला अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। सोमवार को यह संख्या 1500 के करीब पहुंच गई। ऐसे में इलाज के लिए आने वाले लोग सुबह से परचा बनवाने के लिए कतार में खड़े हो जाते हैं। भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को इसमें भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। कई बार तो मारपीट की नौबत आ जाती है।
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वैसे तो परचा बनाने के लिए चार काउंटर हैं, लेकिन भीड़ के आगे यह व्यवस्था दम तोड़ जाती है। दो वर्ष से चल रही यह योजना जिला अस्पताल में परवान नहीं चढ़ पा रही है। प्रचार-प्रसार के अभाव में महीने में 10 से 20 लोग ही इसका उपयोग कर रहे हैं। इस संबंध में जब प्रभारी सीएमएस डॉ. पीएन यादव से फोन किया गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।
बॉक्स
ऐसे होगा रजिस्ट्रेशन
मोबाइल में आभा एप डाउनलोड करने के बाद क्यूआर कोड स्कैन कर कोई भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। ओटीपी आने के बाद रजिस्ट्रेशन हो जाता है। परचा काउंटर पर बताने पर उसे बिना कतार के परचा मिल जाता है।
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जिला अस्पताल में वर्ष 2023 में आभा एप की शुरुआत हुई थी। इसका उद्देश्य था कि लोगों को इलाज के लिए परचा बनवाने में घंटों समय बर्बाद न करना पड़े। लंबी लाइनें लगने से अस्पताल की व्यवस्थाएं भी गड़बड़ा जाती है, लेकिन इन सबके बाद भी इस एप को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अस्पताल प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
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जिला अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। सोमवार को यह संख्या 1500 के करीब पहुंच गई। ऐसे में इलाज के लिए आने वाले लोग सुबह से परचा बनवाने के लिए कतार में खड़े हो जाते हैं। भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को इसमें भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। कई बार तो मारपीट की नौबत आ जाती है।
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वैसे तो परचा बनाने के लिए चार काउंटर हैं, लेकिन भीड़ के आगे यह व्यवस्था दम तोड़ जाती है। दो वर्ष से चल रही यह योजना जिला अस्पताल में परवान नहीं चढ़ पा रही है। प्रचार-प्रसार के अभाव में महीने में 10 से 20 लोग ही इसका उपयोग कर रहे हैं। इस संबंध में जब प्रभारी सीएमएस डॉ. पीएन यादव से फोन किया गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।
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ऐसे होगा रजिस्ट्रेशन
मोबाइल में आभा एप डाउनलोड करने के बाद क्यूआर कोड स्कैन कर कोई भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। ओटीपी आने के बाद रजिस्ट्रेशन हो जाता है। परचा काउंटर पर बताने पर उसे बिना कतार के परचा मिल जाता है।