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नहीं पहुंची नई करेंसी, एटीएम पर लटके रहे ताले
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Sat, 12 Nov 2016 12:36 AM IST
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अंबेडकरनगर के कटेहरी स्थित बैंक शाखा के समक्ष पैसा जमा करने व बदलने के लिए लगी उपभोक्ताओं की लम्बी लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
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पुरानी बड़ी नोटों पर प्रतिबंध के बाद धनाभाव से जूझ रहे उपभोक्ताओं को एटीएम सेवा ने भी शुक्रवार को तगड़ा झटका दिया। दो दिन की बंदी के बाद शुक्रवार को एटीएम का खुलना तय था, लेकिन जिला मुख्यालय से लेकर अन्य नगरीय क्षेत्रों में लगे अधिकांश एटीएम के शटर धनाभाव के चलते खुले ही नहीं।
जिन इक्का दुक्का एटीएम से धननिकासी हुई भी, तो वहां भी कुछ देर बाद ही धनराशि समाप्त हो गई। नतीजा यह रहा कि धनराशि प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं की जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंकों की शाखाओं में ही मारामारी को मजबूर होना पड़ा। भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
बीते दिनों ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 व 1 हजार रुपये की नोटों के प्रचलन पर प्रतिबंध लगा दिया था। बुधवार व गुरुवार को एटीएम सेवा बंद रखने का निर्देश दिया गया था। बुधवार को बैंक बंद रहने के बाद गुरुवार को जब बैंक खुला, तो धननिकासी व पुरानी बड़ी नोट जमा करने के लिए बैंकों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
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शुक्रवार से एटीएम सेवा के संचालन की घोषणा से उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि शुक्रवार को उन्हें धननिकासी के लिए बैंकों में लाइन नहीं लगाना पड़ेगा। हालांकि उनकी उम्मीदों को शुक्रवार सुबह से ही करारा झटका लगा। जिला मुख्यालय से लेकर अन्य नगरीय क्षेत्रों में स्थित अधिकांश एटीएम के शटर नहीं खुल सके।
जिला मुख्यालय स्थित एचडीएफसी व एक्सिस बैंक समेत कुछ इक्कादुक्का एटीएम से धनराशि निकलना प्रारंभ हुआ, लेकिन कुछ ही देर में धनराशि समाप्त हो गया। दरअसल एटीएम में जो पैसा पडना था, वह जिले में शुक्रवार को पहुंच ही नहीं पाया। ऐसे में मायूस हुए लोगों का रुख सुबह ही विभिन्न बैंकों की शाखाओं की तरफ हो गया।
देखते ही देखते जिला मुख्यालय पर बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, राजस्थान बैंक, ओरियंटल बैंक की शाखओं पर उपभोक्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा।
धननिकासी व पुरानी बड़ी नोट जमा करने को लेकर बैंक शाखाओं पर उमडने वाली भीड़ के मद्देनजर किसी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमण करते रहे। एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने एएसपी राहुलराज व सीओ सिटी राघवेंद्र मिश्र के साथ जिला मुख्यालय स्थित बैंक शाखाओं का जायजा लिया।
बैंक शाखाओं पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश देने के साथ ही उन्होंने उपभोक्ताओं से भी वार्ता की। एसपी ने सभी थानाध्यक्षों से एक एककर वार्ता की और उन्हें निर्देशित किया कि वे हालात पर नजर रखें। शुक्रवार को सुबह से ही जिले में अफवाह फकैली कि आयकर विभाग की टीम जिला मुख्यालय पहुंच गई है।
कुछ राजनैतिक दल के पदाधिकारियों समेत व्यापारियों के घरों व प्रतिष्ठानों पर छापेमारी होने की खबर तेजी से फैली। नतीजा यह रहा कि दोपहर होते होते जिला मुख्यालय समेत अन्य नगरीय क्षेत्रों में सराफा, मेडिकल स्टोर, फर्नैीचर, इलेक्ट्रानिक समेत खाद आदि की कई बड़ी दुकानों के शटर गिर गए। दुकानदार अपनी अपनी दुकान बंद कर अपने अपने घर चले गए।
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जिन इक्का दुक्का एटीएम से धननिकासी हुई भी, तो वहां भी कुछ देर बाद ही धनराशि समाप्त हो गई। नतीजा यह रहा कि धनराशि प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं की जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंकों की शाखाओं में ही मारामारी को मजबूर होना पड़ा। भीड़ को नियंत्रण में करने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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बीते दिनों ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 व 1 हजार रुपये की नोटों के प्रचलन पर प्रतिबंध लगा दिया था। बुधवार व गुरुवार को एटीएम सेवा बंद रखने का निर्देश दिया गया था। बुधवार को बैंक बंद रहने के बाद गुरुवार को जब बैंक खुला, तो धननिकासी व पुरानी बड़ी नोट जमा करने के लिए बैंकों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
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शुक्रवार से एटीएम सेवा के संचालन की घोषणा से उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि शुक्रवार को उन्हें धननिकासी के लिए बैंकों में लाइन नहीं लगाना पड़ेगा। हालांकि उनकी उम्मीदों को शुक्रवार सुबह से ही करारा झटका लगा। जिला मुख्यालय से लेकर अन्य नगरीय क्षेत्रों में स्थित अधिकांश एटीएम के शटर नहीं खुल सके।
जिला मुख्यालय स्थित एचडीएफसी व एक्सिस बैंक समेत कुछ इक्कादुक्का एटीएम से धनराशि निकलना प्रारंभ हुआ, लेकिन कुछ ही देर में धनराशि समाप्त हो गया। दरअसल एटीएम में जो पैसा पडना था, वह जिले में शुक्रवार को पहुंच ही नहीं पाया। ऐसे में मायूस हुए लोगों का रुख सुबह ही विभिन्न बैंकों की शाखाओं की तरफ हो गया।
देखते ही देखते जिला मुख्यालय पर बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, राजस्थान बैंक, ओरियंटल बैंक की शाखओं पर उपभोक्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा।
धननिकासी व पुरानी बड़ी नोट जमा करने को लेकर बैंक शाखाओं पर उमडने वाली भीड़ के मद्देनजर किसी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमण करते रहे। एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने एएसपी राहुलराज व सीओ सिटी राघवेंद्र मिश्र के साथ जिला मुख्यालय स्थित बैंक शाखाओं का जायजा लिया।
बैंक शाखाओं पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश देने के साथ ही उन्होंने उपभोक्ताओं से भी वार्ता की। एसपी ने सभी थानाध्यक्षों से एक एककर वार्ता की और उन्हें निर्देशित किया कि वे हालात पर नजर रखें। शुक्रवार को सुबह से ही जिले में अफवाह फकैली कि आयकर विभाग की टीम जिला मुख्यालय पहुंच गई है।
कुछ राजनैतिक दल के पदाधिकारियों समेत व्यापारियों के घरों व प्रतिष्ठानों पर छापेमारी होने की खबर तेजी से फैली। नतीजा यह रहा कि दोपहर होते होते जिला मुख्यालय समेत अन्य नगरीय क्षेत्रों में सराफा, मेडिकल स्टोर, फर्नैीचर, इलेक्ट्रानिक समेत खाद आदि की कई बड़ी दुकानों के शटर गिर गए। दुकानदार अपनी अपनी दुकान बंद कर अपने अपने घर चले गए।