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न सीसीटीवी कैमरे लगे न ही खुली पुलिस चौकी

Sun, 17 Jan 2016 11:48 PM IST
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 17 Jan 2016 11:48 PM IST
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Neither open police station  nor CCTV camera setup

पुलिस व प्रशासन ने पूर्व में घाटों तक जाने वाले मार्ग पर सीसीटीवी कैमरा लगाने तथा अस्थायी पुलिस चौकी बनाने की जो कार्ययोजना तैयार की थी वह अमल में नहीं आ सकी है। इसमें एक बड़ा व्यवधान यह है कि सफेदपोशों के संरक्षण के चलते अवैध बालू खनन पर प्रभावी कार्रवाई तय नहीं हो पा रही।

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नतीजतन टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध बालू खनन हो रहा है। इक्का-दुक्का कार्रवाई हुई भी तो सिर्फ गुर्गों तक ही सीमित रही। खनन को लेकर हिंसक झड़पें भी कई सामने आ चुकी हैं। इसके बाद भी कोई कार्य योजना अब तक सामने नहीं आ पायी।
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पिछले कुछ वर्षों में सरयू नदी के किनारे स्थित घाटों से अवैध बालू खनन का काला कारोबार तेजी से पनपा है। दरअसल इसमें लम्बे मुनाफे को देखते हुए तमाम लोगों का रुझान इस तरफ बढ़ा है। इसमें सिर्फ दबंग व आपराधिक तत्व ही शामिल नहीं हैं, बल्कि कई सफेदपोशों की भी सक्रिय भूमिका बतायी जाती है।
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बीते दिनों टांडा तहसील के रायगंज घाट पर अवैैध खनन में लिप्त लोगों व ग्रामीणों के बीच जमकर मारपीट व आगजनी की घटना सामने आयी थी। पूर्व में भी कई बार ग्रामीणों से विवाद अलग अलग घाटों पर हो चुका था।

इसे देखते हुए प्रशासन ने तय किया था कि अवैध खनन रोकने के लिए टांडा तहसील क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर जाने वाले मार्गों के सुरक्षित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे। इसके लिए इब्राहिमपुर, अलीगंज, टांडा कोतवाली व हंसवर थाना क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन घाटों पर तीसरी आंख से निगरानी कराए जाने का निर्णय हुआ था।

ऐसा इसलिए भी तय किया गया था कि क्योंकि इलाकाई पुलिस के कई बार घाटों पर जाने के दौरान कार्रवाई की बजाए मिलीभगत कर वापस लौट आने की शिकायत मिल रही थी। यह भी तय हुआ था कि अस्थायी चौकी बनाकर प्रमुख घाटों पर रात के समय निगरानी कराई जाएगी।

इन सब कार्य योजनाओं पर अब तक कोई अमल नहीं हो सका है। नतीजा यह है कि टांडा से लेकर आलापुर तहसील के विभिन्न घाटों पर आए दिन रात के अधेरे में अवैध खनन हो रहा है। गत दिनों ही आलापुर के एक घाट पर अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों व खनन में लिप्त लोगों के बीच विवाद सामने आया था।

हंसवर के मैंदीघाट के निकट भी इसी प्रकार का विवाद एक माह पूर्व हो चुका है। इन सब के बावजूद पुलिस या राजस्व प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी प्रयास नहीं किए जा रहे। इसका फायदा अवैैध खनन कराने वाले लोग लगातार उठा रहे हैं।


अवैैध खनन को लेकर प्रशासन काफी सतर्क है। बीते एक माह के भीतर ही अवैध खनन के कई मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। आगे भी कहीं जानकारी मिली तो उसका संज्ञान जरूर लिया जाएगा। टांडा व आलापुर तहसील के घाटों पर निगरानी बढ़ाई गई है। -रामसूरत पाण्डेय, उधर अपर जिलाधिकारी

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