{"_id":"2f85b809f244fcf0ea5b65e8a5122db1","slug":"needs-to-increase-passenger-amenities-on-station-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी की दरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी की दरकार
अंबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूराे
Updated Tue, 23 Feb 2016 11:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदहाली एवं उपेक्षा का दंश झेल रहे अकबरपुर रेलवे स्टेशन को आगामी रेल बजट से काफी उम्मीदें हैं। बीते रेल बजटों में पूर्वांचल के इस महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन की अनदेखी की गई है। यात्री सुविधाओं की बदहाली तो है ही, साथ में कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का न होना भी यात्रियों को अखर रहा है। यात्रियों की सबसे बड़ी उम्मीद रेल लाइन दोहरीकरण से जुड़ी है। चार एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की बाट भी जनपदवासी इस रेल बजट से लगाए हुए हैं।
अकबरपुर रेलवे स्टेशन लंबे समय से उपेक्षा का शिकार चल रहा है। नतीजा यह है कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रतिदिन इस स्टेशन से होकर कुल 54 ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें से 4 ट्रेनों में गरीब नवाज, कामाख्या, टाटा अमृतसर व लोकनायक जैसी महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव इस स्टेशन पर नहीं हैं। इनके ठहराव की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन बजट में इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। यात्रियों की सबसे बड़ी उम्मीद अकबरपुर होकर रेल लाइन के दोहरीकरण से जुड़ी है। जफराबाद से लेकर बाराबंकी तक रेल लाइन का दोहरीकरण न होने से ट्रेनों के विलंब से चलने तथा क्रॉसिंग में समय बर्बाद होने का दंश यात्रियों को झेलना पड़ रहा है।
रेल बजट से यात्रियों की एक बड़ी उम्मीद टांडा से अकबरपुर होकर कानपुर तक एक इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन चलने की भी जुड़ी हुई है। इसके अलावा अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का भी जो संकट है, उसके दूर होने की आस यात्रियों ने लगा रखी है। दरअसल प्लेटफार्म नंबर दो व तीन के बीच में एक, प्लेटफार्म नंबर एक पर एक तथा टिकट खिड़की के निकट लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब चल रहा है। इसे ठीक कराने की सुध नहीं है। पेयजल सप्लाई के लिए पानी की टंकी की स्थापना तो की गई है, लेकिन उसकी लंबे समय से साफ सफाई नहीं की गई है।
विज्ञापन
प्लेटफार्म नंबर एक पर शौचालय तो है, लेकिन न सिर्फ उनके दरवाजे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, बल्कि उसके आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। टिकट आरक्षण के लिए दो काउंटर व सामान्य के तीन काउंटर हैं। इनमें में भी दो ही काउंटर कार्य करते हैं। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए टिकट काउंटर की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है। इस रेलवे स्टेशन पर किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधा नहीं उपलब्ध है। ऐसे में यदि कोई यात्री किसी कारणवश घायल होता है, तो उसका प्राथमिक इलाज मौके पर नहीं हो पाता। निशक्त व बीमार यात्रियों के लिए न तो विश्राम कक्ष है और न ही व्हील चेयर।
विज्ञापन
अकबरपुर रेलवे स्टेशन लंबे समय से उपेक्षा का शिकार चल रहा है। नतीजा यह है कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रतिदिन इस स्टेशन से होकर कुल 54 ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें से 4 ट्रेनों में गरीब नवाज, कामाख्या, टाटा अमृतसर व लोकनायक जैसी महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव इस स्टेशन पर नहीं हैं। इनके ठहराव की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन बजट में इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। यात्रियों की सबसे बड़ी उम्मीद अकबरपुर होकर रेल लाइन के दोहरीकरण से जुड़ी है। जफराबाद से लेकर बाराबंकी तक रेल लाइन का दोहरीकरण न होने से ट्रेनों के विलंब से चलने तथा क्रॉसिंग में समय बर्बाद होने का दंश यात्रियों को झेलना पड़ रहा है।
विज्ञापन
रेल बजट से यात्रियों की एक बड़ी उम्मीद टांडा से अकबरपुर होकर कानपुर तक एक इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन चलने की भी जुड़ी हुई है। इसके अलावा अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं का भी जो संकट है, उसके दूर होने की आस यात्रियों ने लगा रखी है। दरअसल प्लेटफार्म नंबर दो व तीन के बीच में एक, प्लेटफार्म नंबर एक पर एक तथा टिकट खिड़की के निकट लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब चल रहा है। इसे ठीक कराने की सुध नहीं है। पेयजल सप्लाई के लिए पानी की टंकी की स्थापना तो की गई है, लेकिन उसकी लंबे समय से साफ सफाई नहीं की गई है।
विज्ञापन
प्लेटफार्म नंबर एक पर शौचालय तो है, लेकिन न सिर्फ उनके दरवाजे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, बल्कि उसके आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। टिकट आरक्षण के लिए दो काउंटर व सामान्य के तीन काउंटर हैं। इनमें में भी दो ही काउंटर कार्य करते हैं। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए टिकट काउंटर की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है। इस रेलवे स्टेशन पर किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधा नहीं उपलब्ध है। ऐसे में यदि कोई यात्री किसी कारणवश घायल होता है, तो उसका प्राथमिक इलाज मौके पर नहीं हो पाता। निशक्त व बीमार यात्रियों के लिए न तो विश्राम कक्ष है और न ही व्हील चेयर।