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जमीन के विवाद में राजगीर को गोली से उड़ाया, छह लोगों पर केस दर्ज
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फोटो 05, अंबेडकरनगर के जैतपुर थाना क्षेत्र के जोलहापुर गांव में राजगीर की हत्या के बाद मौके पर छानब
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
जलालपुर। जैतपुर थाना क्षेत्र के डरारी गांव के पास बाइक से काम पर जा रहे राजगीर की दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना से नाराज परिवारीजन व ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा करते हुए पुलिस को शव सौंपने से इंकार कर दिया। ये लोग जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। बाद में मृतक के भाई की तहरीर पर दो नामजद समेत छह लोगों के विरुद्ध हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है। बताया जाता है कि घटना को अंजाम देने वालों से मृतक का एक भूखंड को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था।
जानकारी के अनुसार, जोलहापुर डरारी गांव निवासी रमेश (28) पुत्र रामधारी राजगीर का कार्य करता है। वह शनिवार सुबह अपने रिश्तेदार मऊ के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के चंदौरी निवासी मनोज पुत्र रामभुवन के साथ बाइक से काम पर जा रहा था। बताया जाता है कि जब दोनों डरारी गांव के बाहर स्थित एक पोखरे के पास पहुंचे तो इसी बीच बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें ओवर टेक किया और कुछ दूर आगे जाकर रोक लिया।
इससे पहले कि रमेश कुछ समझ पाता बदमाश असलहा लेकर उसके पास आ गए। पीछे बैठे रिश्तेदार युवक को जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इसके बाद रमेश को गोली मार दी। गोली उसके सिर में लग्री। इससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जब तक आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचते तब तक बदमाश वहां से भाग खड़े हुए।
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इस बीच रिश्तेदार मनोज ने फोन कर डायल 112 व परिवारीजनों को सूचना दी। परिवारीजन ग्रामीणों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही एसओ जैतपुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की, लेकिन परिवारीजन व ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा करते हुए शव उठाने से रोक दिया। कहा गया कि पहले दोषियों की गिरफ्तारी हो, इसके बाद ही शव ले जाने दिया जाएगा।
इस बीच एसडीएम महेंद्रपाल सिंह व सीओ अशोक कुमार सिंह जलालपुर, सम्मनपुर, बसखारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिवारीजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में एसपी आलोक प्रियदर्शी ने घटनास्थल पर पहुंच कर परिवारीजनों को आश्वस्त किया कि जल्द ही बदमाशों की गिरफ्तारी होगी। इसके बाद मामला शांत हो सका। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में मृतक के छोटे भाई चंद्रेश की तहरीर पर पुलिस ने डरारी गांव निवासी जितेंद्र व योगेंद्र पुत्रगण शत्रुघ्न समेत कुल छह के विरुद्ध हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
मृतक के भाई चंद्रेश ने जैतपुर पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि लगभग एक वर्ष पूर्व उसके चचेरे भाई उमेश पर तमसा नदी के पुल पर जानलेवा हमला किया गया था। इसमें भी जितेंद्र व योगेंद्र नामजद थे। बीते दिनों ही दोनों जमानत पर छूटे थे।
इसके बाद से वे मुझे व मेरे भाई को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसकी कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन पुलिस ने उस पर तनिक भी ध्यान नहीं दिया। आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती तो उसके भाई की जान बचाई जा सकती थी। उसने पूरे मामले की जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि भूमि विवाद में घटना को अंजाम दिया गया है। छह लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। जैतपुर पुलिस को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।
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जानकारी के अनुसार, जोलहापुर डरारी गांव निवासी रमेश (28) पुत्र रामधारी राजगीर का कार्य करता है। वह शनिवार सुबह अपने रिश्तेदार मऊ के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के चंदौरी निवासी मनोज पुत्र रामभुवन के साथ बाइक से काम पर जा रहा था। बताया जाता है कि जब दोनों डरारी गांव के बाहर स्थित एक पोखरे के पास पहुंचे तो इसी बीच बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें ओवर टेक किया और कुछ दूर आगे जाकर रोक लिया।
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इससे पहले कि रमेश कुछ समझ पाता बदमाश असलहा लेकर उसके पास आ गए। पीछे बैठे रिश्तेदार युवक को जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इसके बाद रमेश को गोली मार दी। गोली उसके सिर में लग्री। इससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जब तक आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचते तब तक बदमाश वहां से भाग खड़े हुए।
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इस बीच रिश्तेदार मनोज ने फोन कर डायल 112 व परिवारीजनों को सूचना दी। परिवारीजन ग्रामीणों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही एसओ जैतपुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की, लेकिन परिवारीजन व ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा करते हुए शव उठाने से रोक दिया। कहा गया कि पहले दोषियों की गिरफ्तारी हो, इसके बाद ही शव ले जाने दिया जाएगा।
इस बीच एसडीएम महेंद्रपाल सिंह व सीओ अशोक कुमार सिंह जलालपुर, सम्मनपुर, बसखारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिवारीजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में एसपी आलोक प्रियदर्शी ने घटनास्थल पर पहुंच कर परिवारीजनों को आश्वस्त किया कि जल्द ही बदमाशों की गिरफ्तारी होगी। इसके बाद मामला शांत हो सका। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में मृतक के छोटे भाई चंद्रेश की तहरीर पर पुलिस ने डरारी गांव निवासी जितेंद्र व योगेंद्र पुत्रगण शत्रुघ्न समेत कुल छह के विरुद्ध हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
मृतक के भाई चंद्रेश ने जैतपुर पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि लगभग एक वर्ष पूर्व उसके चचेरे भाई उमेश पर तमसा नदी के पुल पर जानलेवा हमला किया गया था। इसमें भी जितेंद्र व योगेंद्र नामजद थे। बीते दिनों ही दोनों जमानत पर छूटे थे।
इसके बाद से वे मुझे व मेरे भाई को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसकी कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन पुलिस ने उस पर तनिक भी ध्यान नहीं दिया। आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती तो उसके भाई की जान बचाई जा सकती थी। उसने पूरे मामले की जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि भूमि विवाद में घटना को अंजाम दिया गया है। छह लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। जैतपुर पुलिस को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।