{"_id":"5d9e1ebc8ebc3e017d36448d","slug":"mordhwaj-fort-ambedkar-nagar-news-lko485932574","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 लाख से होगा राजा मोरध्वज किले का सौन्दर्यीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 लाख से होगा राजा मोरध्वज किले का सौन्दर्यीकरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जहांगीरगंज। पवित्र सरयू नदी के किनारे स्थित राजा मोरध्वज के किले के दिन बहुरने वाले हैं। इस ऐतिहासिक स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए विधायक अनीता कमल की मांग को पर्यटन विभाग ने स्वीकार कर लिया है। पर्यटन विभाग ने इसे सजाने-संवारने के लिए 50 लाख रुपए खर्च करने की तैयारी कर ली है। इस धनराशि से मिट्टी समतलीकरण, पुष्पवाटिका, लोगों के बैठने के लिए सीमेंटेड बेंच का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही हैंडपंप भी लगाए जाएंगे।
गौरतलब है कि आलापुर तहसील क्षेत्र का चाड़ीपुर गांव अपनी उपलब्धियों के चलते कई दशकों से ऐतिहासिक स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां न सिर्फ सरयू नदी का पवित्र घाट है, बल्कि राजा मोरध्वज के किले के चलते भी यह इलाका काफी प्रसिद्ध है। यहां हर रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान-पूजन के लिए पहुंचते हैं। अंबेडकरनगर, आजमगढ़, गोरखपुर सहित आसपास के पड़ोसी जिलों में चाड़ीपुर किले की अपनी विशेष पहचान है। इस पवित्र घाट पर वर्षभर दूरदूराज के क्षेत्रों से साधु-संत पूजन के लिए पहुंचते रहते हैं।
यहां पर किले के अलावा भगवान शिव, माता दुर्गा सहित कई अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां हैं। आज भी यहां किले की दीवारें मौजूद हैं। क्षेत्र में मान्यता है कि अयोध्या से 10 योजन की दूरी पर स्थित चाड़ीपुर कला में राजा मोरध्वज ने किला स्थापित कराया था। समय के थपेड़ों ने इस प्राचीन स्थल को उपेक्षित कर दिया।
विज्ञापन
बीते दिनों विधायक अनीता कमल ने प्रदेश सरकार के ऐतिहासिक धरोहर बचाने की मुहिम के क्रम में चाड़ीपुर स्थित राजा मोरध्वज के किले को चुना। उन्होंने पर्यटन विभाग को पत्र लिखा। पर्यटन विभाग ने विधायक के इस पत्र को स्वीकार करते हुए 50 लाख रुपये सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत भी कर दिए। भी प्रदान कर दी। इस धनराशि से ऐतिहासिक स्थल में मिट्टी समतलीकरण, पुष्पवाटिका व सीमेंटेड बेंच बनाई जाएगी। स्थानीय शिवचरन तिवारी व महेंद्र सिंह ने इस कदम को सराहनीय बताया।
शासन से इस योजना पर काम करने की स्वीकृति मिल चुकी है। धन मिलते ही धरोहर को संरक्षित करने व सजाने-संवारने का काम शुुरू किया जाएगा। पयर्टन विभाग लगातार इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
- राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, अयोध्या मंडल
विज्ञापन
गौरतलब है कि आलापुर तहसील क्षेत्र का चाड़ीपुर गांव अपनी उपलब्धियों के चलते कई दशकों से ऐतिहासिक स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां न सिर्फ सरयू नदी का पवित्र घाट है, बल्कि राजा मोरध्वज के किले के चलते भी यह इलाका काफी प्रसिद्ध है। यहां हर रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान-पूजन के लिए पहुंचते हैं। अंबेडकरनगर, आजमगढ़, गोरखपुर सहित आसपास के पड़ोसी जिलों में चाड़ीपुर किले की अपनी विशेष पहचान है। इस पवित्र घाट पर वर्षभर दूरदूराज के क्षेत्रों से साधु-संत पूजन के लिए पहुंचते रहते हैं।
विज्ञापन
यहां पर किले के अलावा भगवान शिव, माता दुर्गा सहित कई अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां हैं। आज भी यहां किले की दीवारें मौजूद हैं। क्षेत्र में मान्यता है कि अयोध्या से 10 योजन की दूरी पर स्थित चाड़ीपुर कला में राजा मोरध्वज ने किला स्थापित कराया था। समय के थपेड़ों ने इस प्राचीन स्थल को उपेक्षित कर दिया।
विज्ञापन
बीते दिनों विधायक अनीता कमल ने प्रदेश सरकार के ऐतिहासिक धरोहर बचाने की मुहिम के क्रम में चाड़ीपुर स्थित राजा मोरध्वज के किले को चुना। उन्होंने पर्यटन विभाग को पत्र लिखा। पर्यटन विभाग ने विधायक के इस पत्र को स्वीकार करते हुए 50 लाख रुपये सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत भी कर दिए। भी प्रदान कर दी। इस धनराशि से ऐतिहासिक स्थल में मिट्टी समतलीकरण, पुष्पवाटिका व सीमेंटेड बेंच बनाई जाएगी। स्थानीय शिवचरन तिवारी व महेंद्र सिंह ने इस कदम को सराहनीय बताया।
शासन से इस योजना पर काम करने की स्वीकृति मिल चुकी है। धन मिलते ही धरोहर को संरक्षित करने व सजाने-संवारने का काम शुुरू किया जाएगा। पयर्टन विभाग लगातार इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
- राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, अयोध्या मंडल