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305 गांवों में एमडीएम योजना ठप
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Dec 2015 10:11 PM IST
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जिले में 930 ग्राम पंचायतों के लिए बीते दिनों ग्राम प्रधान का चुनाव कराया गया था। सभी पदों पर परिणाम भी घोषित किए गए, लेकिन 305 ग्राम पंचायतों में कोरम न पूरा होने के चलते वहां संबंधित ग्राम प्रधानों को शपथ नहीं दिलायी जा सकी थी।
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इन ग्राम पंचायतों में दो तिहाई पद पर सदस्य ग्राम पंचायत का चुनाव नहीं हो सका था। इसके चलते ही निर्वाचित होने के बाद भी इन ग्रामों के प्रधानों के शपथ लेने की आस अधूरी रह गई। अब इसका खामियाजा परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
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विद्यालय में एमडीएम योजना पूरी तरह ठप चल रही है। एमडीएम के लिए खाद्यान्न उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों की होती है। नए ग्राम प्रधानों का निर्वाचन होने के कारण पुराने ग्राम प्रधानों से अब खाद्यान्न का कोई वास्ता नहीं रह गया।
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नए ग्राम प्रधानों के पास अभी कोई अधिकार ही शपथ न ले पाने के कारण नहीं आ पाया है। इसी के चलते जिले के 9 विकास खंड के 305 गांवों में मध्याह्न भोजन योजना का लाभ लगभग 30 हजार छात्र छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है।
इन गांवों में एमडीएम के अलावा विकास कार्यों पर भी असर पड़ा है। हालांकि ऐसे गांवों में प्रशासन ने एडीओ पंचायत को प्रशासक के तौर पर तैनात कर दिया है, लेकिन उनकी विभागीय व्यस्तताओं के चलते काम का माहौल नहीं बन पा रहा है।
भियांव विकास खंड के सकरा दक्षिण निवासी सुरेश व राजेन्द्र ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि चुनाव के बाद विकास के काम तेजी से होंगे, लेकिन अभी सबकुछ ठप है। गांव में जल निकासी के लिए नाली बनने की जरूरत सबसे ज्यादा है, लेकिन यह नहीं हो पा रहा है। 500 मीटर खड़ंजा का निर्माण भी अधर में लटका है।
जलालपुर विकास खंड क्षेत्र कजपुरा गांव के राकेश व रामप्रसाद ने कहा कि प्रशासन को ऐसे वैकल्पिक प्रबंध करने चाहिए जिससे कार्यों पर कोई असर न पड़े। ग्रामीणों ने बड़े उत्साह से ग्राम प्रधान चुनाव में भाग लिया था, लेकिन काम ठप पड़े रहने से निराशा का माहौल है। खड़ंजा मार्ग के साथ ही आवास सुविधा के लिए कई ग्रामीण लम्बे समय से इंतजार कर रहे हैं।