{"_id":"6269796f0181a14eb2503c9a","slug":"loudspeakers-removed-from-600-religious-places-ambedkar-nagar-news-lko628109253","type":"story","status":"publish","title_hn":"600 धार्मिक स्थलों से उतारे गये लाउडस्पीकर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
600 धार्मिक स्थलों से उतारे गये लाउडस्पीकर
विज्ञापन
अंबेडकरनगर के शहजादपुर स्थित मस्जिद से लाउडस्पीकर उतारने के बारे में नागरिकों को जानकारी देते ए
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। धर्मस्थलों से लाउडस्पीकर हटाने का बड़ा अभियान बुधवार को जिलेे में चला। तहसीलों में एसडीएम व व सीओ ने मोर्चा संभाला। अलग अलग धर्मस्थलों पर जाकर समझाया बुझाया गया। बताया गया कि सभी धर्मस्थलों पर एक समान तरह की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। एक से अधिक लाइउडस्पीकर का प्रयोग नहीं होने पाएगा। इसके बाद कहीं पर स्वयं ही धर्मस्थलों से अतिरिक्त लाउडस्पीकर उतार दिए गए, तो कहीं पुलिस की मौजूदगी में लाउडस्पीकर को उतारना पड़ा। पूरे जिले से लगभग 600 धार्मिकस्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाए गए।
धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर के मनमाने प्रयोग पर अंकुश लगाने के लिए शासन के कड़े निर्णय का आमल कराने के लिए बुधवार को समूचे जिले में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी सड़कों पर उतर पड़े। दरअसल धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर के प्रयोग को लेकर जगह जगह दुरुपयोग की शिकायत सामने आ रही थी। कई क्षेत्रों में विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हुई थी। इसके चलते ही मुख्यमंत्री सख्त लहजे में कहा था कि बिना किसी भेदभाव के सभी धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर संबंधी निर्देशों का पालन कराया जाए। इसे लेकर जिले में पिछले दो दिन से कार्रवाई तेज हो गई थी। लगातार धर्मस्थलों से जुड़े लोगों से संपर्क किया जा रहा था। इससे कुछ धर्मस्थलों से तो लाउडस्पीकर हट गए थे, लेकिन ज्यादातर जगहों पर ऐसा नहीं हो पाया था। शासन ने 27 अप्रैल की शाम तक हरहाल में पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था।
इसी के चलते बुधवार को सभी तहसीलों में एसडीएम व सीओ ने स्वयं मोर्चा संभाला। अधिकारियों को सड़क पर उतरा देख थाना प्रभारियों ने भी ऐसा ही किया। सुबह से ही अलग अलग थाना क्षेत्र से मंदिरों व मस्जिदों पर दस्तक देने का सिलसिला शुरू हो गया। कहीं एसडीएम व सीओ ने धर्मस्थलों पर पहुंचकर मौलानाओं व पुजारियों से वार्ता की, तो कहीं पर यह जिम्मा कोतवाल व थानाध्यक्षों ने संभाला। थाने के अन्य उपनिरीक्षकों ने भी सिपाहियों के साथ अलग-अलग धर्मस्थलों का रुख किया।
विज्ञापन
नतीजा यह रहा कि पूरे जिले में धर्मस्थलों पर अनावश्यक ढंग से लगे लाउडस्पीकरों को हटाने का क्रम शुरू हो गया। कई जगहों पर तीन से चार लाउडस्पीकर लगे पाए गए। एक को छोड़कर बाकी सभी ध्वनि विस्तारक यंत्रों को उतरवा दिया गया। उधर पुलिस टीम के सड़कों पर उतरने की खबर मिलते ही तमाम धर्मस्थलों से खुद ही अनावश्यक लाउडस्पीकर उतार दिए गए। बुधवार शाम तक चले अभियान में 585 लाउडस्पीकर उतारे गए।
आवाज तेज न रखने की हिदायत
सभी तहसीलों में एसडीएम व सीओ समेत थाना प्रभारियों व दरोगाओं ने धर्मस्थलों पर पहुंचकर यह हिदायत दिया कि लाउडस्पीकर का प्रयोग अत्यंत धीमी आवाज में हो। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए जो मानक हैं, उनका प्रयोग हो। किसी भी दशा में एक लाउडस्पीकर से अधिक नहीं लगाया जाएगा। जिन धर्मस्थलों ने इसकी अनुमति नहीं ली है, वे अविलंब अनुमति प्राप्त कर लें। किसी भी नागरिक द्वारा यदि धर्मस्थलों पर तेज आवाज का प्रयोग किए जाने तथा एक से अधिक लाइडस्पीकर लगाने की शिकायत मिली, तो उस पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
हाईकोर्ट व शासन के निर्देश के क्रम में लगभग 600 धर्मस्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाए गए हैं। इन धर्मस्थलों पर एक से अधिक लाउडस्पीकर लगे पाए गए थे। इसमें वह धर्मस्थल भी शामिल हैं, जिन्होंने लाउडस्पीकर आदि के प्रयोग की अनुमति नहीं ले रखी है। उन्हें जल्द ही अनुमति प्राप्त कर लेने का निर्देश दिया गया है। -आलोक प्रियदर्शी, एसपी
विज्ञापन
धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर के मनमाने प्रयोग पर अंकुश लगाने के लिए शासन के कड़े निर्णय का आमल कराने के लिए बुधवार को समूचे जिले में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी सड़कों पर उतर पड़े। दरअसल धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर के प्रयोग को लेकर जगह जगह दुरुपयोग की शिकायत सामने आ रही थी। कई क्षेत्रों में विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हुई थी। इसके चलते ही मुख्यमंत्री सख्त लहजे में कहा था कि बिना किसी भेदभाव के सभी धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर संबंधी निर्देशों का पालन कराया जाए। इसे लेकर जिले में पिछले दो दिन से कार्रवाई तेज हो गई थी। लगातार धर्मस्थलों से जुड़े लोगों से संपर्क किया जा रहा था। इससे कुछ धर्मस्थलों से तो लाउडस्पीकर हट गए थे, लेकिन ज्यादातर जगहों पर ऐसा नहीं हो पाया था। शासन ने 27 अप्रैल की शाम तक हरहाल में पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
इसी के चलते बुधवार को सभी तहसीलों में एसडीएम व सीओ ने स्वयं मोर्चा संभाला। अधिकारियों को सड़क पर उतरा देख थाना प्रभारियों ने भी ऐसा ही किया। सुबह से ही अलग अलग थाना क्षेत्र से मंदिरों व मस्जिदों पर दस्तक देने का सिलसिला शुरू हो गया। कहीं एसडीएम व सीओ ने धर्मस्थलों पर पहुंचकर मौलानाओं व पुजारियों से वार्ता की, तो कहीं पर यह जिम्मा कोतवाल व थानाध्यक्षों ने संभाला। थाने के अन्य उपनिरीक्षकों ने भी सिपाहियों के साथ अलग-अलग धर्मस्थलों का रुख किया।
विज्ञापन
नतीजा यह रहा कि पूरे जिले में धर्मस्थलों पर अनावश्यक ढंग से लगे लाउडस्पीकरों को हटाने का क्रम शुरू हो गया। कई जगहों पर तीन से चार लाउडस्पीकर लगे पाए गए। एक को छोड़कर बाकी सभी ध्वनि विस्तारक यंत्रों को उतरवा दिया गया। उधर पुलिस टीम के सड़कों पर उतरने की खबर मिलते ही तमाम धर्मस्थलों से खुद ही अनावश्यक लाउडस्पीकर उतार दिए गए। बुधवार शाम तक चले अभियान में 585 लाउडस्पीकर उतारे गए।
आवाज तेज न रखने की हिदायत
सभी तहसीलों में एसडीएम व सीओ समेत थाना प्रभारियों व दरोगाओं ने धर्मस्थलों पर पहुंचकर यह हिदायत दिया कि लाउडस्पीकर का प्रयोग अत्यंत धीमी आवाज में हो। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए जो मानक हैं, उनका प्रयोग हो। किसी भी दशा में एक लाउडस्पीकर से अधिक नहीं लगाया जाएगा। जिन धर्मस्थलों ने इसकी अनुमति नहीं ली है, वे अविलंब अनुमति प्राप्त कर लें। किसी भी नागरिक द्वारा यदि धर्मस्थलों पर तेज आवाज का प्रयोग किए जाने तथा एक से अधिक लाइडस्पीकर लगाने की शिकायत मिली, तो उस पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
हाईकोर्ट व शासन के निर्देश के क्रम में लगभग 600 धर्मस्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाए गए हैं। इन धर्मस्थलों पर एक से अधिक लाउडस्पीकर लगे पाए गए थे। इसमें वह धर्मस्थल भी शामिल हैं, जिन्होंने लाउडस्पीकर आदि के प्रयोग की अनुमति नहीं ले रखी है। उन्हें जल्द ही अनुमति प्राप्त कर लेने का निर्देश दिया गया है। -आलोक प्रियदर्शी, एसपी