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Ambedkar Nagar News: परचा बनवाने से इलाज तक लंबा इंतजार
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जिला अस्पताल के परचा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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अंबेडकरनगर। गर्मी और उमस के मौसम में सबके हाल बेहाल हैं। इस समय लोग तेजी से बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। रविवार के अवकाश के बाद जब सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुली तो मरीजों की भीड़ लग गई। परचा बनवाने से लेकर चिकित्सक को दिखाने तक लोगों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी।
किसी को समय से परचा तो मिल गया, लेकिन किसी को घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। चिकित्सकों की ओपीडी में भी खासी भीड़ रही। एक्सरे, लैब व फिजीशियन के कक्ष के सामने लोगों की लंबी कतार लगी रही। त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास मरीज अपनी अपनी समस्याएं लेकर सुबह आठ से दो बजे तक खड़े रहे। डॉ. विवेक पांडेय ने बताया कि इस समय उनकी ओपीडी में 30 से 35 प्रतिशत मरीज जुकाम, बुखार व पेट के रोग से ग्रसित आ रहे हैं। आम दिनों में जहां 700-800 मरीज ओपीडी आते थे, वहीं सोमवार को ओपीडी में 1322 मरीजों का उपचार किया गया।
परचा बनवाने में लगा समय
टांडा के सद्दरपुर के रहने वाले राहुल पटेल ने बताया कि वह अपने भाई को दवा दिलाने के लिए आया था। परचा बनवाने के लिए काफी देर कतार में खड़े रहना पड़ा। गेट तक लाइन लगी थी। कर्मचारी तो काम कर रहे थे, लेकिन भीड़ को कंट्रोल करने का कोई इंतजाम नहीं था।
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आए थे रिश्तेदार को दिखाने खुद हुए बीमार
अकबरपुर के सिहमई कारीरात के रहने वाले रामतिलक ने बताया कि उनके रिश्तेदार की तबीयत खराब थी, जिसे दिखाने के लिए वह आए थे। परचा बनवाने की जो भीड़ थी, उसे देख कर उनकी हालत खराब हो गई। किसी तरीके से परचा जब बन पाया तो वह डॉक्टर को दिखा पाए।
मौसम के कारण बढ़े मरीज
मौसम के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक पर्याप्त संसाधन हैं। सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जाता है।
डाॅ. पीएन यादव, सीएमएस
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किसी को समय से परचा तो मिल गया, लेकिन किसी को घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। चिकित्सकों की ओपीडी में भी खासी भीड़ रही। एक्सरे, लैब व फिजीशियन के कक्ष के सामने लोगों की लंबी कतार लगी रही। त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास मरीज अपनी अपनी समस्याएं लेकर सुबह आठ से दो बजे तक खड़े रहे। डॉ. विवेक पांडेय ने बताया कि इस समय उनकी ओपीडी में 30 से 35 प्रतिशत मरीज जुकाम, बुखार व पेट के रोग से ग्रसित आ रहे हैं। आम दिनों में जहां 700-800 मरीज ओपीडी आते थे, वहीं सोमवार को ओपीडी में 1322 मरीजों का उपचार किया गया।
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परचा बनवाने में लगा समय
टांडा के सद्दरपुर के रहने वाले राहुल पटेल ने बताया कि वह अपने भाई को दवा दिलाने के लिए आया था। परचा बनवाने के लिए काफी देर कतार में खड़े रहना पड़ा। गेट तक लाइन लगी थी। कर्मचारी तो काम कर रहे थे, लेकिन भीड़ को कंट्रोल करने का कोई इंतजाम नहीं था।
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आए थे रिश्तेदार को दिखाने खुद हुए बीमार
अकबरपुर के सिहमई कारीरात के रहने वाले रामतिलक ने बताया कि उनके रिश्तेदार की तबीयत खराब थी, जिसे दिखाने के लिए वह आए थे। परचा बनवाने की जो भीड़ थी, उसे देख कर उनकी हालत खराब हो गई। किसी तरीके से परचा जब बन पाया तो वह डॉक्टर को दिखा पाए।
मौसम के कारण बढ़े मरीज
मौसम के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक पर्याप्त संसाधन हैं। सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जाता है।
डाॅ. पीएन यादव, सीएमएस