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लाइन हाजिर सिपाही पशु तस्करी में लिप्त
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बसखारी। स्वाट टीम से लाइन हाजिर किया गया सिपाही पशु तस्करी में लिप्त पाया गया। उसके कब्जे से वध प्रतिबंधित पशु का 25 किलो मांस बरामद हुआ। इससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। बसखारी पुलिस ने मांस समेत उस बाइक को भी अभिरक्षा में ले लिया, जिस पर वह रखा गया था। बसखारी पुलिस ने मामले में फिलहाल दो व्यक्तियों के विरुद्घ केस दर्ज कर लिया है। सिपाही के विरुद्घ साक्ष्य एकत्र कर उसे भी नामजद करते हुए जेल भेजने की तैयारी है। इस बीच मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी आलोक प्रियदर्शी ने सिपाही को निलंबित कर दिया। कहा कि सभी वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी।
स्वाट टीम से हटाकर लाइन हाजिर होने के बाद एक सिपाही बसखारी थाना क्षेत्र में रहकर पशुओं की अवैध तस्करी करने एवं पशु वध को बढ़ावा देने में लिप्त पाया गया है। दरअसल बीते दिनों पुलिस हिरासत में युवक की मौत मामले में एसपी आलोक प्रियदर्शी ने सख्त कार्रवाई करते हुए पूरी स्वाट टीम को लाइन हाजिर कर दिया था। इसमें दो वर्ष पहले तक बसखारी थाना क्षेत्र के किछौछा पुलिस चौकी में तैनात रहा सिपाही अमलेश यादव भी शामिल था। बताया जाता है कि वह स्वाट टीम में तैनाती के दौरान भी किछौछा पुलिस चौकी के सरकारी आवास में रहा करता था। लाइन हाजिर होने के बाद भी पुलिस लाइन में रहने की बजाश् वह इसी आवास में रह रहा था।
चर्चा है कि इस बीच उसने पशु तस्करों की मदद करनी शुरू कर दी। इसमें कुछ स्थानीय नागरिक भी शामिल रहे। सिपाही होने का फायदा उठाते हुए अमलेश पर आरोप है कि वह अवैध कारोबार को बढ़ावा देने लगा। इसी बीच शनिवार को यह खबर मिली कि सिपाही के आवास में बाइक खड़ी है, जिस पर वध प्रतिबंधित पशु मांस मौजूद है। यह खबर मिलते ही बसखारी पुलिस सक्रिय हो गई। नागरिकों का आक्रोश भड़कने न पाए तथा स्थिति संभल जाए इसलिए एसओ श्रीनिवास पांडेय स्वयं भारी पुलिस बल लेकर किछौछा पुलिस चौकी पहुंच गए। खबर है कि वहां सरकारी आवास से ही बाइक व वध प्रतिबंधित पशु का 25 किलो मांस बरामद हो गया। इससे पहले आरोपी सिपाही वहां से फरार हो चुका था।
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बसखारी पुलिस ने मामले में फिलहाल रैकेेट में शामिल दो व्यक्तियों के विरुद्घ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इसमें सिपाही का नाम शामिल नहीं है। एसओ श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि सरकारी आवास से पशु का मांस नहीं मिला है। लेकिन जिस आवास में सिपाही रहता है, उसके पास से ही एक बाइक खड़ी मिली थी, जिस पर पशु का मांस बरामद हुआ। मामले में केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। सिपाही की संलिप्तता सामने आई तो उसे भी केस में शामिल किया जाएगा। उधर, एसपी आलोक प्रियदर्शी ने मामला संज्ञान में आते ही तत्काल प्रभाव से सिपाही को निलंबित कर दिया। एसपी ने बसखारी एसओ को निर्देशित किया कि सिपाही की भूमिका को लेकर तत्परतापूर्वक जांच की जाए। यदि उसके आवास या आवास के बगल से भी पशु का मांस मिलने तथा ऐसे किसी कृत्य में उसके लिप्त होने के प्रमाण मिलते हैं तो उसे नामजद करते हुए गिरफ्तारी की जाए।
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स्वाट टीम से हटाकर लाइन हाजिर होने के बाद एक सिपाही बसखारी थाना क्षेत्र में रहकर पशुओं की अवैध तस्करी करने एवं पशु वध को बढ़ावा देने में लिप्त पाया गया है। दरअसल बीते दिनों पुलिस हिरासत में युवक की मौत मामले में एसपी आलोक प्रियदर्शी ने सख्त कार्रवाई करते हुए पूरी स्वाट टीम को लाइन हाजिर कर दिया था। इसमें दो वर्ष पहले तक बसखारी थाना क्षेत्र के किछौछा पुलिस चौकी में तैनात रहा सिपाही अमलेश यादव भी शामिल था। बताया जाता है कि वह स्वाट टीम में तैनाती के दौरान भी किछौछा पुलिस चौकी के सरकारी आवास में रहा करता था। लाइन हाजिर होने के बाद भी पुलिस लाइन में रहने की बजाश् वह इसी आवास में रह रहा था।
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चर्चा है कि इस बीच उसने पशु तस्करों की मदद करनी शुरू कर दी। इसमें कुछ स्थानीय नागरिक भी शामिल रहे। सिपाही होने का फायदा उठाते हुए अमलेश पर आरोप है कि वह अवैध कारोबार को बढ़ावा देने लगा। इसी बीच शनिवार को यह खबर मिली कि सिपाही के आवास में बाइक खड़ी है, जिस पर वध प्रतिबंधित पशु मांस मौजूद है। यह खबर मिलते ही बसखारी पुलिस सक्रिय हो गई। नागरिकों का आक्रोश भड़कने न पाए तथा स्थिति संभल जाए इसलिए एसओ श्रीनिवास पांडेय स्वयं भारी पुलिस बल लेकर किछौछा पुलिस चौकी पहुंच गए। खबर है कि वहां सरकारी आवास से ही बाइक व वध प्रतिबंधित पशु का 25 किलो मांस बरामद हो गया। इससे पहले आरोपी सिपाही वहां से फरार हो चुका था।
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बसखारी पुलिस ने मामले में फिलहाल रैकेेट में शामिल दो व्यक्तियों के विरुद्घ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इसमें सिपाही का नाम शामिल नहीं है। एसओ श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि सरकारी आवास से पशु का मांस नहीं मिला है। लेकिन जिस आवास में सिपाही रहता है, उसके पास से ही एक बाइक खड़ी मिली थी, जिस पर पशु का मांस बरामद हुआ। मामले में केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। सिपाही की संलिप्तता सामने आई तो उसे भी केस में शामिल किया जाएगा। उधर, एसपी आलोक प्रियदर्शी ने मामला संज्ञान में आते ही तत्काल प्रभाव से सिपाही को निलंबित कर दिया। एसपी ने बसखारी एसओ को निर्देशित किया कि सिपाही की भूमिका को लेकर तत्परतापूर्वक जांच की जाए। यदि उसके आवास या आवास के बगल से भी पशु का मांस मिलने तथा ऐसे किसी कृत्य में उसके लिप्त होने के प्रमाण मिलते हैं तो उसे नामजद करते हुए गिरफ्तारी की जाए।