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आंधी से 10 लाख की बिजली-पानी गुल

Mon, 24 Apr 2017 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Mon, 24 Apr 2017 11:55 PM IST
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 Lightning-watering gill of 10 lakhs from the storm
अंबेडकरनगर भियांव दरगाह में आंधी से धराशायी हुआ नीम का विशालकाय पेड़। - फोटो : अमर उजाला
रविवार रात आए तेज आंधी तूफान ने जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को छिन्न-भिन्न कर दिया। विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्र लगभग पूरी रात ठप रहे, जिससे लगभग 10 लाख की आबादी को पूरी रात अंधेरे में गुजारना पड़ा। ढाई सौ से अधिक विद्युत खंभे जहां तहां क्षतिग्रस्त हो गए, तो कई जगह तार व अन्य उपकरण भी तूफान के शिकार हो गए।
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आपूर्ति ठप होने के साथ विद्युत विभाग को भी लाखों रुपये की चपत लगी। उधर कई जगह पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ, तो वहीं तेज हवाओं के चलते दर्जनों स्थानों पर टीन शेड, छप्पर व वैवाहिक आयोजन में लगे टेंट आदि भी उखड़ गए।
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रविवार आधी रात को जिले में तेज हवाओं का रुख इतना तेज था कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के तमाम लोग सहम गए। कुछ देर में ही तेज बारिश का सिलसिला भी शुरू हो गया। आसमान में बादल भी तेजी से गरज चमक रहे थे। लगभग एक घंटे तक चले आंधी तूफान व बारिश के दौर ने सबसे ज्यादा असर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर डाला।
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अकबरपुर नगर की पूरी विद्युत आपूर्ति आधी रात करीब ठप पड़ गई। अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े ज्यादातर इलाकों में तो सुबह आठ बजे से आपूर्ति बहाल होना शुरू हो गई, लेकिन मरैला विद्युत उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में आपूर्ति का सिलसिला सुबह दस बजे के बाद शुरू हुआ। अपराहन तक नगर क्षेत्र के लगभग सभी उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करा दी गई थी। 

यही हाल टांडा व जलालपुर का भी रहा। सबसे बुरा हाल ग्रामीण इलाकों का था, जहां पेड़ व डाल के गिरने से जगह जगह विद्युत खंभे टूटकर गिर पड़े। अकबरपुर व टांडा विद्युत वितरण खण्ड से जुड़े क्षेत्रों में 250 से अधिक विद्युत खंभे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। नतीजा यह रहा कि इसके चलते भी पूरी रात व सोमवार को पूरे दिन आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई।

ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति शुरू होने में सोमवार शाम हो गई। विद्युत खंभों व तारों के टूटने के अलावा इंसुलेटर व कई अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त होने से विद्युत विभाग को लाखों रुपये की चपत लगी है। तूफान के चलते रविवार पूरी रात लगभग 10 लाख की आबादी प्रभावित रही। उधर तेज हवाओं के चलते जिले में जगह जगह पेड़ व डाल टूटकर गिर पड़े। इससे कई जगहों पर यातायात भी प्रभावित हुआ।

 महरुआ प्रतिनिधि के अनुसार विरतियापुर गांव में आम का बड़ा पेड़ पशुशाला में गिर जाने से फूलचंद यादव के एक दुधारू पशु की मौत हो गई। महरुआ थाना क्षेत्र के लौटन सेमरी गांव में आई आंधी के बीच एक पशु कुएं में गिर पड़ा। सूचना के बाद पहुंची पुलिस टीम ने उसे निकलवाकर इलाज के लिए भिजवाया। उधर तूफान के चलते सभी तहसीलों में 5 दर्जन से अधिक टीन शेड व छप्पर समेत वैवाहिक आयोजन में लगे टेंट आदि उखड़ गए।

उधर,  रविवार रात आई आंधी के दौरान जलालपुर तहसील क्षेत्र के भियांव दरगाह के निकट एक छप्पर पर नीम का पेड़ गिर जाने से उसमें दबकर दो श्रद्घालु गंभीर रूप से घायल हो गए। उधर अन्य हादसों में मां-बेटी समेत तीन लोग घायल हो गए।

जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार जलालपुर थाना क्षेत्र के भियांव दरगाह में दर्शन के लिए आए श्रद्घालुओं में से दो श्रद्घालु रविवार रात पेड़ गिरने से घायल हो गए। वाराणसी निवासी दिलीप (30 तथा लीलावती (65) अलग अलग छप्पर में सो रहे थे। इसी दौरान आंधी के बीच नीम का एक बड़ा पेड़ टूटकर गिर पड़ा। इसमें दबकर यह दोनों घायल हो गए।

दोनों को तत्काल नगपुर सीएचसी ले गए जहां से बाद में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के भारीडीहा गांव निवासी कृष्णकुमार के घर का छप्पर तेज आंधी में ढह गया। इससे वहां सो रही कमलेश कुमारी (40) तथा उसकी पुत्री सुहानी (5) घायल हो गई।

दोनों को तत्काल छप्पर के मलवे से बाहर निकाला गया तथा प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। उधर अकबरपुर बसखारी मार्ग पर बरियावन के निकट रात में गिरे विद्युत पोल में फंसकर बाइक सवार एक युवक दिलीप (28) निवासी पिपरी सैदपुर बसखारी घायल हो गया। उसे भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।  

वहीं,  तूफान व बारिश के चलते गेहूं की मड़ाई के कार्य प्रभावित हुआ है। जिले में 1 लाख 23 हजार 430 हेेक्टेअर क्षेत्रफल में गेहूं की बुआई की गई थी। फसल की कटाई का कार्य करीब एक पखवारे से हो रही है। लगभग 75 प्रतिशत क्षेत्रफल में बोई गई फसल की कटाई व मड़ाई का कार्य जिले में पूरा हो चुका है।

कुछ किसानों ने रविवार दिन में गेहूं की कटाई की थी उधर जिन किसानों की फसल अभी खेत में खड़ी है, उनकी फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचने की संभावना नहीं है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी व कृषि वैज्ञानिक डॉ. रवि प्रकाश मौर्य ने कहा कि किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं। जितनी बारिश हुई है, उससे उनकी फसल पर कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।

जिले में अब तक 2 हजार 840 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद ही हो पाई है। फिलहाल कहीं भी खुले में गेहूं रखने की नौबत सरकारी क्रय केंद्रों पर इसलिए नहीं है, क्योंकि गेहूं की ज्यादा खरीद हुई ही नहीं है। गौरतलब है कि जिले में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद का कार्य शुरू हुआ है। अभी तक सिर्फ 735 किसानों के ही गेहूं की खरीद प्रशासन तय कर पाया है।


इसमें भी अभी तक 2 हजार 840 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है, जबकि 77 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य जिले को मिला हैै। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अविनाश झा ने बताया कि सभी केंद्रों पर खरीद की जा रही है। किसान अपना गेहूं लेकर केंद्रों पर जाएं और उनकी बिक्री करें।
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