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Ambedkar Nagar News: 12 वर्ष पुराने हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास
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अंबेडकरनगर। महरुआ क्षेत्र में वर्ष 2014 में रिश्तेदारी में आए युवक की हत्या मामले में अपर जिला व सत्र न्यायाधीश (प्रथम) रामविलास सिंह ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामला 20 सितंबर 2014 का है।
महरुआ के रामपट्टी में रामरती के घर सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर के दूल्हापुर निवासी रामदेव वर्मा, श्रीपति और विजय प्रकाश आए थे। सुबह श्रीपति खेत की ओर नित्यक्रिया के लिए गए थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। खोजबीन के दौरान खेत के पास भीटी के दिलावरपुर निवासी गोली उर्फ श्रीप्रकाश खून से लथपथ हालत में दक्षिण दिशा की ओर भागता दिखाई दिया था। कुछ देर बाद गन्ने के खेत में श्रीपति का शव मिला था।
गांव के मुनिराम ने बताया कि आरोपी ने यह स्वीकार किया था कि उसने श्रीपति की हत्या कर दी है और किसी को बताने से मना किया था। मामले में रामदेव वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सत्र परीक्षण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी गोली उर्फ श्रीप्रकाश को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
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महरुआ के रामपट्टी में रामरती के घर सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर के दूल्हापुर निवासी रामदेव वर्मा, श्रीपति और विजय प्रकाश आए थे। सुबह श्रीपति खेत की ओर नित्यक्रिया के लिए गए थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। खोजबीन के दौरान खेत के पास भीटी के दिलावरपुर निवासी गोली उर्फ श्रीप्रकाश खून से लथपथ हालत में दक्षिण दिशा की ओर भागता दिखाई दिया था। कुछ देर बाद गन्ने के खेत में श्रीपति का शव मिला था।
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गांव के मुनिराम ने बताया कि आरोपी ने यह स्वीकार किया था कि उसने श्रीपति की हत्या कर दी है और किसी को बताने से मना किया था। मामले में रामदेव वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सत्र परीक्षण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी गोली उर्फ श्रीप्रकाश को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
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