{"_id":"5fbe93d78ebc3edc1f664e3a","slug":"jam-ambedkar-nagar-news-lko5517647196","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिनभर जाम से जूझते रहे राहगीर, नहीं दिखी यातायात संभालने वाली टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिनभर जाम से जूझते रहे राहगीर, नहीं दिखी यातायात संभालने वाली टीम
विज्ञापन
फोटो 27, अंबेडकरनगर के शहजादपुर में इस तरह बुधवार दिन भर लगता रहा जाम।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। देवोत्थानी एकादशी को लेकर दुरुस्त व्यवस्था न करने से बुधवार को शहर को जाम से जूझना पड़ा। साथ ही परिक्रमार्थियों व आम राहगीरों को भी दिक्कत हुई। लगभग पूरे दिन जाम का संकट गहराया रहा। इसके बावजूद व्यवस्था को दुरुस्त करने के बजाए यातायात प्रभारी अपनी टीम के साथ शहर के बाहर यातायात जागरूकता का संदेश देने की रस्म अदायगी करते दिखे। यातायात पुलिस टीम की इस अदूरदर्शिता पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एसपी से जरूरी कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने कहा कि जब शहर के भीतर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जाम न लगने देने पर ध्यान देना था तब कई सिपाहियों को साथ लेकर शहर के बाहरी मार्गों पर यातायात जागरूकता की रस्म अदायगी करना गैर जिम्मेदाराना रहा।
बीते कुछ दिनों से अकबरपुर नगर एक बार फिर जाम के बड़े संकट से जूझ रहा है। इसमें दुकानदारों द्वारा किए जाने वाला अतिक्रमण तथा टैक्सी व निजी वाहनों की मनमानी पार्किंग तो शामिल ही है, लेकिन उससे भी ज्यादा जिम्मेदार यातायात पुलिस की लंबी चौड़ी टीम भी है। दरअसल यातायात व्यवस्था को किस तरह पटरी पर लाना है, इसकी कोई कार्ययोजना टीम द्वारा तैयार नहीं की जा रही।
जिला मुख्यालय पर किस दिन यातायात का दबाव ज्यादा रहता है तथा कौन से दिन पर्व या किसी बड़े आयोजन के चलते ज्यादा भीड़ होगी इस पर ध्यान देने की फुर्सत ही यातायात पुलिस टीम को नहीं है। यातायात पुलिस टीम के प्रभारी द्वारा यह ध्यान नहीं दिया जा रहा कि यातायात के दबाव के अनुरूप अलग अलग दिनों में पुलिस कर्मियों की संख्या में बदलाव किया जाता रहे। स्थानीय नागरिकों के अनुसार बिना किसी कार्ययोजना के प्रतिदिन सिर्फ लकीर पीटने का काम यातायात पुलिस टीम द्वारा किया जा रहा है। इसका एक प्रत्यक्ष प्रमाण बुधवार को एक बार फिर से देखने को मिला।
विज्ञापन
बुधवार को देवोत्थानी एकादशी पर सप्तकोसी परिक्रमा का आयोजन था। बड़ी तादाद में परिक्रमार्थी अकबरपुर नगर में अयोध्या मार्ग से होकर पुराने तहसील तिराहे व चौक होते हुए दोस्तपुर व पहितीपुर चौराहे तक लगातार चलते रहे। इससे इन मार्गों पर अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रही। इसके बावजूद यातायात पुलिस कर्मियों को परिक्रमा की कोई सुध ही नहीं थी। आम दिनों की तरह ही बुधवार को भी सामान्य इंतजाम थे। परिक्रमा का आंकलन कर न तो पुलिस प्रशासन से अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की मांग की गई न ही इन मार्गों के अतिरिक्त अन्य जगहों पर लगे पुलिस कर्मियों की संख्या कम कर संबंधित मार्गों पर लगाने की जरूरत महसूस की गई।
यातायात पुलिस प्रभारी की इस लापरवाही व अदूरदर्शिता का खामियाजा ऐसे में पूरे दिन न सिर्फ नगरवासियों वरन श्रद्धालुओं ने भी भुगता। ऐसा इसलिए क्योंकि परिक्रमा वाले मार्गों पर पूरे दिन यातायात को दुरुस्त करने की बजाए यातायात प्रभारी प्रदीप सिंह अपने साथ कई पुलिस कर्मियों को लेकर शहर के बाहर अलग-अलग क्षेत्रों में वाहन चालकों को यातायात के नियमों को पाठ पढ़ाने की रस्म अदायगी करते दिखे।
जाम में फंसे परिक्रमार्थी केसरी व रमेश्वर ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की लापरवाही के चलते ही परिक्रमार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यातायात नियमों की जानकारी देने का काम एक दो दिन बाद भी हो सकता था। परिक्रमा रोज नहीं होती है। ट्रैफिक पुलिस टीम सिर्फ लकीर पीटने का काम करती रही। इस तरह की लापरवाही बरतने वाले ट्रैफिक कर्मियों पर कार्रवाई की जरूरत है।
श्रद्धालु जितेंद्र त्रिपाठी व भोलेराम गुप्त का कहना था कि एक तरफ जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी जगहों के श्रद्धालुओं को सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने पर ध्यान दे रहे हैं। तब पवित्र रामनगरी अयोध्या के बगल में होने वाली सप्तकोसी परिक्रमा को लेकर यातायात पुलिस टीम की मनमानी निंदनीय है। भाजपा नेता दुर्गा प्रसाद तिवारी ने भी यातायात पुलिस कर्मियों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसकी शिकायत एसपी से मिलकर की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस लापरवाही से अवगत कराया जाएगा, जिससे भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो सके।
अकबरपुर नगर में यातायात व्यवस्था को लगातार प्रभावी किया जा रहा है। कुछ बिंदुओं पर और ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए यातायात टीम को निर्देशित किया जा रहा है। उस पर अमल नहीं हुआ तो आगे कदम उठाया जाएगा।
- अवनीश कुमार मिश्र, एएसपी
विज्ञापन
बीते कुछ दिनों से अकबरपुर नगर एक बार फिर जाम के बड़े संकट से जूझ रहा है। इसमें दुकानदारों द्वारा किए जाने वाला अतिक्रमण तथा टैक्सी व निजी वाहनों की मनमानी पार्किंग तो शामिल ही है, लेकिन उससे भी ज्यादा जिम्मेदार यातायात पुलिस की लंबी चौड़ी टीम भी है। दरअसल यातायात व्यवस्था को किस तरह पटरी पर लाना है, इसकी कोई कार्ययोजना टीम द्वारा तैयार नहीं की जा रही।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय पर किस दिन यातायात का दबाव ज्यादा रहता है तथा कौन से दिन पर्व या किसी बड़े आयोजन के चलते ज्यादा भीड़ होगी इस पर ध्यान देने की फुर्सत ही यातायात पुलिस टीम को नहीं है। यातायात पुलिस टीम के प्रभारी द्वारा यह ध्यान नहीं दिया जा रहा कि यातायात के दबाव के अनुरूप अलग अलग दिनों में पुलिस कर्मियों की संख्या में बदलाव किया जाता रहे। स्थानीय नागरिकों के अनुसार बिना किसी कार्ययोजना के प्रतिदिन सिर्फ लकीर पीटने का काम यातायात पुलिस टीम द्वारा किया जा रहा है। इसका एक प्रत्यक्ष प्रमाण बुधवार को एक बार फिर से देखने को मिला।
विज्ञापन
बुधवार को देवोत्थानी एकादशी पर सप्तकोसी परिक्रमा का आयोजन था। बड़ी तादाद में परिक्रमार्थी अकबरपुर नगर में अयोध्या मार्ग से होकर पुराने तहसील तिराहे व चौक होते हुए दोस्तपुर व पहितीपुर चौराहे तक लगातार चलते रहे। इससे इन मार्गों पर अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रही। इसके बावजूद यातायात पुलिस कर्मियों को परिक्रमा की कोई सुध ही नहीं थी। आम दिनों की तरह ही बुधवार को भी सामान्य इंतजाम थे। परिक्रमा का आंकलन कर न तो पुलिस प्रशासन से अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की मांग की गई न ही इन मार्गों के अतिरिक्त अन्य जगहों पर लगे पुलिस कर्मियों की संख्या कम कर संबंधित मार्गों पर लगाने की जरूरत महसूस की गई।
यातायात पुलिस प्रभारी की इस लापरवाही व अदूरदर्शिता का खामियाजा ऐसे में पूरे दिन न सिर्फ नगरवासियों वरन श्रद्धालुओं ने भी भुगता। ऐसा इसलिए क्योंकि परिक्रमा वाले मार्गों पर पूरे दिन यातायात को दुरुस्त करने की बजाए यातायात प्रभारी प्रदीप सिंह अपने साथ कई पुलिस कर्मियों को लेकर शहर के बाहर अलग-अलग क्षेत्रों में वाहन चालकों को यातायात के नियमों को पाठ पढ़ाने की रस्म अदायगी करते दिखे।
जाम में फंसे परिक्रमार्थी केसरी व रमेश्वर ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की लापरवाही के चलते ही परिक्रमार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यातायात नियमों की जानकारी देने का काम एक दो दिन बाद भी हो सकता था। परिक्रमा रोज नहीं होती है। ट्रैफिक पुलिस टीम सिर्फ लकीर पीटने का काम करती रही। इस तरह की लापरवाही बरतने वाले ट्रैफिक कर्मियों पर कार्रवाई की जरूरत है।
श्रद्धालु जितेंद्र त्रिपाठी व भोलेराम गुप्त का कहना था कि एक तरफ जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी जगहों के श्रद्धालुओं को सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने पर ध्यान दे रहे हैं। तब पवित्र रामनगरी अयोध्या के बगल में होने वाली सप्तकोसी परिक्रमा को लेकर यातायात पुलिस टीम की मनमानी निंदनीय है। भाजपा नेता दुर्गा प्रसाद तिवारी ने भी यातायात पुलिस कर्मियों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसकी शिकायत एसपी से मिलकर की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस लापरवाही से अवगत कराया जाएगा, जिससे भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो सके।
अकबरपुर नगर में यातायात व्यवस्था को लगातार प्रभावी किया जा रहा है। कुछ बिंदुओं पर और ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए यातायात टीम को निर्देशित किया जा रहा है। उस पर अमल नहीं हुआ तो आगे कदम उठाया जाएगा।
- अवनीश कुमार मिश्र, एएसपी