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Ambedkar Nagar News: मंकी पॉक्स को लेकर जिला अस्पताल में बनेगा आइसोलेशन वार्ड
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय - संवाद
अंबेडकरनगर। मंकी पॉक्स के खतरे को देखते हुए जिले में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। सभी सीएचसी व पीएचसी में जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड की स्थापना को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आशाओं को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्र में विदेश से आने वालों पर पैनी निगाह रखें। यदि कोई भी संक्रमित दिखे तो तत्काल उसकी जांच कराएं।
मंकी पॉक्स को लेकर जिले के सभी 10 सीएचसी व 29 पीएचसी के प्रभारियों को अलर्ट मोड में कर दिया गया है। पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता के साथ ही विदेश से आने वाले लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण के भी निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ कार्यालय से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी आशा बहुएं अपने-अपने क्षेत्र में नियमित भ्रमण करें। यह जानकारी हासिल करें कि कोई व्यक्ति विदेश से आया तो नहीं है। यदि ऐसा कोई मिले तो यह देखें कि उसमें मंकी पॉक्स के लक्षण तो नहीं हैं।
सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों से कहा गया है कि यदि कोई संक्रमित सामने आए तो तत्काल उसकी जांच कराएं। सीएमओ कार्यालय के अनुसार जिला अस्पताल में शीघ्र ही 10 बेड के आइसोलेशन वार्ड की स्थापना कर दी जाएगी। इन सबके बीच राहत की खबर यह है कि अभी तक जिले में इस रोग का कोई भी संक्रमित नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील किया है कि साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें।
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यह हैं लक्षण
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेश वर्मा ने बताया कि तेज बुखार, सिर व पीठ में दर्द, मांस पेशियों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना, लसीका ग्रंथि में सूजन होना मंकी पॉक्स के लक्षण हैं। किसी भी जानवर के काटने व खरोंच से यह रोग फैलता है। जंगली जानवर का मांस खाने से भी यह रोग फैल जाता है। जानवरों के शरीर पर किसी प्रकार के घाव के संपर्क में आने से भी रोग फैलता है। इससे बचने के लिए सफाई पर खास ध्यान दिए जाने की जरूरत है। संक्रमित व्यक्ति के कपड़े आदि का प्रयोग न करें।
जिले में नहीं है कोई मरीज
मंकी पॉक्स से पीड़ित कोई भी मरीज जिले में नहीं है। इससे निपटने को लेकर तैयारियां तेज कर दी गईं हैं। शीघ्र ही जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड की भी स्थापना की जाएगी। सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। - डॉ. राजकुमार सीएमओ
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मंकी पॉक्स को लेकर जिले के सभी 10 सीएचसी व 29 पीएचसी के प्रभारियों को अलर्ट मोड में कर दिया गया है। पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता के साथ ही विदेश से आने वाले लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण के भी निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ कार्यालय से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी आशा बहुएं अपने-अपने क्षेत्र में नियमित भ्रमण करें। यह जानकारी हासिल करें कि कोई व्यक्ति विदेश से आया तो नहीं है। यदि ऐसा कोई मिले तो यह देखें कि उसमें मंकी पॉक्स के लक्षण तो नहीं हैं।
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सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों से कहा गया है कि यदि कोई संक्रमित सामने आए तो तत्काल उसकी जांच कराएं। सीएमओ कार्यालय के अनुसार जिला अस्पताल में शीघ्र ही 10 बेड के आइसोलेशन वार्ड की स्थापना कर दी जाएगी। इन सबके बीच राहत की खबर यह है कि अभी तक जिले में इस रोग का कोई भी संक्रमित नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील किया है कि साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें।
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यह हैं लक्षण
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेश वर्मा ने बताया कि तेज बुखार, सिर व पीठ में दर्द, मांस पेशियों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना, लसीका ग्रंथि में सूजन होना मंकी पॉक्स के लक्षण हैं। किसी भी जानवर के काटने व खरोंच से यह रोग फैलता है। जंगली जानवर का मांस खाने से भी यह रोग फैल जाता है। जानवरों के शरीर पर किसी प्रकार के घाव के संपर्क में आने से भी रोग फैलता है। इससे बचने के लिए सफाई पर खास ध्यान दिए जाने की जरूरत है। संक्रमित व्यक्ति के कपड़े आदि का प्रयोग न करें।
जिले में नहीं है कोई मरीज
मंकी पॉक्स से पीड़ित कोई भी मरीज जिले में नहीं है। इससे निपटने को लेकर तैयारियां तेज कर दी गईं हैं। शीघ्र ही जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड की भी स्थापना की जाएगी। सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। - डॉ. राजकुमार सीएमओ