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Ambedkar Nagar News: अवैध दो मंजिला अस्पताल सील झोलाछाप को लिया हिरासत में
Thu, 18 Jan 2024 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 18 Jan 2024 11:10 PM IST
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गिरफ्तारी के बाद थाने में बैठाया गया चिकित्सक। -संवाद
एसडीएम व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मारा छापा, केस दर्ज करने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। अवैध ढंग से संचालित एक अस्पताल में छापा मारकर बृहस्पतिवार को प्रशासन ने उसे सील कर दिया। दो मंजिल अस्पताल के संचालक को पुलिस हिरासत में सौंप दिया गया। टीम के अनुसार संबंधित व्यक्ति के पास किसी प्रकार का कोई कागजात नहीं था।
एसडीएम सदर पवन जायसवाल के नेतृत्व में अपर सीएमओ डॉ. रामानंद सिद्धार्थ व डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा की टीम ने थाना क्षेत्र बेवाना के बहलोलपुर स्थित चित्रवंशी क्लीनिक पर छापा मारा। बेवाना थाने की पुलिस के साथ छापा डालने से मौके पर हड़कंप मच गया। वहां तैनात कर्मचारी भागने लगे। चिकित्सक कक्ष में मौजूद झोलाछाप रामपाल प्रजापति ने भी भागने का प्रयास किया लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया।
संबंधित व्यक्ति न तो कोई डिग्री दिखा सका और न ही उसके पास अस्पताल के संचालन से संबंधित कोई कागजात था। इस पर टीम ने रामपाल को पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही अस्पताल को सील कर दिया। उधर एसओ बेवाना शशांक शुक्ला ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लिया गया है। तहरीर मिलने के बाद केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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हुई थी यह शिकायत
बताया जाता है कि बेवाना निवासी राजेंद्र ने एक दिन पहले बुधवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचकर सीएमओ डॉ. राजकुमार से शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि मई माह में वह हार्निया का ऑपरेशन कराने जिला अस्पताल गया था। वहां पर रामपाल मिला। खुद को चिकित्सक व अपने बेटे को भी एमबीबीएस बताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में लापरवाही होती है। उसका अस्पताल बहलोलपुर में है। वहीं करा लो। इस पर 25 मई को उसके निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया। कुछ दिन बाद घर भेज दिया। ऑपरेशन का 20 हजार रुपये लिया। कुछ ही दिन बाद फिर से दर्द होने लगा। जब रामपाल को बताया तो उसने कहा कि फिर से ऑपरेशन करा देंगे। जो रुपये लिए हैं उसे वापस भी कर देंगे। हालांकि किया नहीं। इसी के बाद शिकायत सीएमओ से की।
साधारण कक्ष को बना दिया ओटी
टीम जब कथित ऑपरेशन कक्ष में पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गई। साधारण से कक्ष को ही ओटी बना दिया गया था। एक लकड़ी का तख्त, बेंच व मेज थी। मरीज को लिटाने के लिए एक लोहे की मेज रखी थी जिसके ऊपर एलईडी लगी थी। बेंच पर ऑपरेशन वाले उपकरण रखे हुए थे। कमरे में चारों तरफ बिजली के तार लटके थे। साफ सफाई भी बेहतर नहीं थी।
जिला अस्पताल भेजी गई महिला
टीम के निरीक्षण के दौरान एक महिला मरीज मौके पर मिली। सुल्तानपुर जनपद के नारा मदहीपुर निवासी चमेला देवी ने कहा कि 16 जनवरी को बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था। बताया कि अब तक लगभग 17 हजार रुपये लिए गए। बाद में चिकित्सकों की टीम ने उसे एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसके साथ मौजूद बहू ललिता देवी ने बाद में बताया कि जिला अस्पताल में सुचारु इलाज शुरू हो गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। अवैध ढंग से संचालित एक अस्पताल में छापा मारकर बृहस्पतिवार को प्रशासन ने उसे सील कर दिया। दो मंजिल अस्पताल के संचालक को पुलिस हिरासत में सौंप दिया गया। टीम के अनुसार संबंधित व्यक्ति के पास किसी प्रकार का कोई कागजात नहीं था।
एसडीएम सदर पवन जायसवाल के नेतृत्व में अपर सीएमओ डॉ. रामानंद सिद्धार्थ व डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा की टीम ने थाना क्षेत्र बेवाना के बहलोलपुर स्थित चित्रवंशी क्लीनिक पर छापा मारा। बेवाना थाने की पुलिस के साथ छापा डालने से मौके पर हड़कंप मच गया। वहां तैनात कर्मचारी भागने लगे। चिकित्सक कक्ष में मौजूद झोलाछाप रामपाल प्रजापति ने भी भागने का प्रयास किया लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया।
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संबंधित व्यक्ति न तो कोई डिग्री दिखा सका और न ही उसके पास अस्पताल के संचालन से संबंधित कोई कागजात था। इस पर टीम ने रामपाल को पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही अस्पताल को सील कर दिया। उधर एसओ बेवाना शशांक शुक्ला ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लिया गया है। तहरीर मिलने के बाद केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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हुई थी यह शिकायत
बताया जाता है कि बेवाना निवासी राजेंद्र ने एक दिन पहले बुधवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचकर सीएमओ डॉ. राजकुमार से शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि मई माह में वह हार्निया का ऑपरेशन कराने जिला अस्पताल गया था। वहां पर रामपाल मिला। खुद को चिकित्सक व अपने बेटे को भी एमबीबीएस बताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में लापरवाही होती है। उसका अस्पताल बहलोलपुर में है। वहीं करा लो। इस पर 25 मई को उसके निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया। कुछ दिन बाद घर भेज दिया। ऑपरेशन का 20 हजार रुपये लिया। कुछ ही दिन बाद फिर से दर्द होने लगा। जब रामपाल को बताया तो उसने कहा कि फिर से ऑपरेशन करा देंगे। जो रुपये लिए हैं उसे वापस भी कर देंगे। हालांकि किया नहीं। इसी के बाद शिकायत सीएमओ से की।
साधारण कक्ष को बना दिया ओटी
टीम जब कथित ऑपरेशन कक्ष में पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गई। साधारण से कक्ष को ही ओटी बना दिया गया था। एक लकड़ी का तख्त, बेंच व मेज थी। मरीज को लिटाने के लिए एक लोहे की मेज रखी थी जिसके ऊपर एलईडी लगी थी। बेंच पर ऑपरेशन वाले उपकरण रखे हुए थे। कमरे में चारों तरफ बिजली के तार लटके थे। साफ सफाई भी बेहतर नहीं थी।
जिला अस्पताल भेजी गई महिला
टीम के निरीक्षण के दौरान एक महिला मरीज मौके पर मिली। सुल्तानपुर जनपद के नारा मदहीपुर निवासी चमेला देवी ने कहा कि 16 जनवरी को बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था। बताया कि अब तक लगभग 17 हजार रुपये लिए गए। बाद में चिकित्सकों की टीम ने उसे एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसके साथ मौजूद बहू ललिता देवी ने बाद में बताया कि जिला अस्पताल में सुचारु इलाज शुरू हो गया है।