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मांगें पूरी न हुईं तो विधानसभा के समक्ष करेंगे प्रदर्शन
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अंबेडकरनगर। बकाया वेतन भुगतान, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बकाया पेंशन दिलाए जाने व मृतक आश्रितों को नौकरी दिए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर जलनिगम कर्मचारियों का विरोध सोमवार को भी जारी रहा। कहा गया कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो विधानसभा लखनऊ के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
जलनिगम कर्मचारी संघर्ष समिति अध्यक्ष वकार हुसैन ने कहा कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। आर्थिक समस्याओं से संघर्ष कर रहे कर्मचारियों को राहत दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उपेक्षा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते पांच माह से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल सका है। इसके लिए बार-बार जिम्मेदारों से शिकायतें की जा रही हैं। सिर्फ आश्वासन ही मिला है। अब तक भुगतान नहीं हो सका है।
लंबे समय से वेतन भुगतान न होने से उनके समक्ष विभिन्न प्रकार की आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। अनूप कुमार, अमन कुमार, राकेश पाण्डेय, शतींद्र कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए थे, उन्हें अब तक पेंशन नहीं मिल सकी है। ऐसा तब है, जबकि वे सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं। और तो और वर्ष 2018 के बाद से मृतक आश्रितों को नौकरी भी नहीं दी जा सकी है। पेंशन भुगतान व नौकरी दिए जाने को लेकर संबंधित अधिकारियों के दरवाजे लगातार खटखटाए जा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो लखनऊ में विधानसभा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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जलनिगम कर्मचारी संघर्ष समिति अध्यक्ष वकार हुसैन ने कहा कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। आर्थिक समस्याओं से संघर्ष कर रहे कर्मचारियों को राहत दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उपेक्षा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते पांच माह से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल सका है। इसके लिए बार-बार जिम्मेदारों से शिकायतें की जा रही हैं। सिर्फ आश्वासन ही मिला है। अब तक भुगतान नहीं हो सका है।
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लंबे समय से वेतन भुगतान न होने से उनके समक्ष विभिन्न प्रकार की आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। अनूप कुमार, अमन कुमार, राकेश पाण्डेय, शतींद्र कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए थे, उन्हें अब तक पेंशन नहीं मिल सकी है। ऐसा तब है, जबकि वे सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं। और तो और वर्ष 2018 के बाद से मृतक आश्रितों को नौकरी भी नहीं दी जा सकी है। पेंशन भुगतान व नौकरी दिए जाने को लेकर संबंधित अधिकारियों के दरवाजे लगातार खटखटाए जा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो लखनऊ में विधानसभा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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