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स्ट्रेचर के लिए पहचान पत्र की अनिवार्यता खत्म
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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में स्ट्रेचर के संकट को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित खबर ने मरीजों के लिए बड़ी राहत प्रदान की है। जिला अस्पताल में लंबे समय से स्ट्रेचर के लिए चली आ रही पहचान पत्र देने की अनिवार्यता को डीएम ने खत्म करने का निर्देश दिया है। खबर को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने न सिर्फ जिला अस्पताल से जुड़े अधिकारियों को फटकार लगायी, बल्कि निर्देशित किया कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक जरूरतमंद मरीज को स्ट्रेचर उपलब्ध कराया जाए। यह भी कहा कि एंबुलेंस से जो मरीज आते हैं, उन्हें उस पर मौजूद स्ट्रेचर आदि से तत्परता के साथ भर्ती कराया जाए।
स्ट्रेचर की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। बीते दिन अमर उजाला में प्रकाशित खबर को डीएम सैमुअल पॉल एन ने गंभीरता से संज्ञान में लिया। सूत्रों के अनुसार डीएम ने न सिर्फ जिला अस्पताल के सीएमएस को फटकार लगायी, बल्कि तत्काल व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया।
अस्पताल में स्ट्रेचर लेने के लिए मरीजों या तीमारदारों को पहले पहचान पत्र देने की अनिवार्यता को लेकर डीएम ने नाराजगी जतायी। कहा कि भविष्य में किसी भी गंभीर किस्म के मरीज व तीमारदार को स्ट्रेचर के लिए पहचान पत्र देने की बाध्यता से न जूझना पड़े। डीएम ने कहा कि जिला अस्पताल में जो भी स्ट्रेचर मौजूद हैं, उन्हें बेहतर हालत में रखा जाए।
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डीएम की फटकार का गुरुवार को जिला अस्पताल में असर भी दिखा। इमरजेंसी गेट पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होमगार्डों की निगरानी में चार स्ट्रेचर गेट पर खड़े मिले। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बगैर किसी पहचान पत्र आदि के ही स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया।
स्ट्रेचर बढ़ाने को निदेशालय को भेजा पत्र
जिला अस्पताल में 30 स्ट्रेचर की जरूरत है, 15 की उपलब्धता है। फिलहाल मरीजों को जरूरत पड़ने पर स्ट्रेचर की सुविधा दी जाती है। साथ ही एंबुलेंस कर्मियों को भी निर्देशित किया गया है कि यदि वह मरीज लेकर आते हैं तो वाहन में मौजूद स्ट्रेचर का प्रयोग करते हुए मरीज को भर्ती कराएं। स्ट्रेचर की संख्या बढ़ाने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है।
हर्षित गुप्त, प्रबंधक जिला अस्पताल
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स्ट्रेचर की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। बीते दिन अमर उजाला में प्रकाशित खबर को डीएम सैमुअल पॉल एन ने गंभीरता से संज्ञान में लिया। सूत्रों के अनुसार डीएम ने न सिर्फ जिला अस्पताल के सीएमएस को फटकार लगायी, बल्कि तत्काल व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया।
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अस्पताल में स्ट्रेचर लेने के लिए मरीजों या तीमारदारों को पहले पहचान पत्र देने की अनिवार्यता को लेकर डीएम ने नाराजगी जतायी। कहा कि भविष्य में किसी भी गंभीर किस्म के मरीज व तीमारदार को स्ट्रेचर के लिए पहचान पत्र देने की बाध्यता से न जूझना पड़े। डीएम ने कहा कि जिला अस्पताल में जो भी स्ट्रेचर मौजूद हैं, उन्हें बेहतर हालत में रखा जाए।
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डीएम की फटकार का गुरुवार को जिला अस्पताल में असर भी दिखा। इमरजेंसी गेट पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होमगार्डों की निगरानी में चार स्ट्रेचर गेट पर खड़े मिले। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बगैर किसी पहचान पत्र आदि के ही स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया।
स्ट्रेचर बढ़ाने को निदेशालय को भेजा पत्र
जिला अस्पताल में 30 स्ट्रेचर की जरूरत है, 15 की उपलब्धता है। फिलहाल मरीजों को जरूरत पड़ने पर स्ट्रेचर की सुविधा दी जाती है। साथ ही एंबुलेंस कर्मियों को भी निर्देशित किया गया है कि यदि वह मरीज लेकर आते हैं तो वाहन में मौजूद स्ट्रेचर का प्रयोग करते हुए मरीज को भर्ती कराएं। स्ट्रेचर की संख्या बढ़ाने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है।
हर्षित गुप्त, प्रबंधक जिला अस्पताल