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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   How to be treated, there is no facility for platelets test in Ambedkar Nagar.

जिला अस्पताल व सभी सीएचसी में दिक्कत: कैसे हो इलाज, प्लेटलेट्स जांच की सुविधा ही नहीं

Sat, 29 Oct 2022 04:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी,
संवाद न्यूज एजेंसी, Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Sat, 29 Oct 2022 04:33 PM IST
सार

अंबेडकरनगर के जिला अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। इससे मरीजों का इलाज चुनौती बन गया है।

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How to be treated, there is no facility for platelets test in Ambedkar Nagar.
जिला अस्पताल में प्लेटलेट्स की जांच न होने से निराश बैठे मरीज। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अंबेडकरनगर जिले में डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या के बावजूद जांच को लेकर अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं नदारद हैं। जिला अस्पताल से लेकर सभी सीएचसी में डेंगू जांच किट तो मौजूद है लेकिन प्लेटलेट्स काउंट करने की सुविधा ही नहीं है। इससे मरीजों का इलाज शुरू करना चुनौती बना हुआ है। सिर्फ राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में ही यह सुविधा उपलब्ध है। नतीजतन निजी पैथालॉजी पर मरीजों को भारी चपत लग रही है।
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बीते दिनों कोरोना को लेकर आम नागरिकों की चिंता बढ़ी हुई थी। उससे काफी हद तक राहत मिली है तो अब डेंगू ने तेजी से पांव पसारना शुरू कर दिया है। पहले तो लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया लेकिन अब आम लोगों के बीच सतर्कता दिखने लगी है। मच्छरों से बचने आदि के उपाय पर चर्चा होती दिख रही है।
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हालांकि स्वास्थ्य महकमे में डेंगू को लेकर सब कुछ अभी लकीर पीटने से आगे नहीं बढ़ सका है। तमाम दावे तो डेंगू से निपटने को लेकर लगातार किए जा रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत कोसों दूर है। डेंगू की पहचान व इलाज शुरू करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होती है प्लेटलेट्स की संख्या जानना। जिले के अस्पतालों में इस जांच की कोई सुविधा ही नहीं है।
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जिला अस्पताल व सभी सीएचसी पर डेंगू जांच की किट अवश्य मौजूद है। इस किट से यह पता तो चल जाता है कि संबंधित को डेंगू है या नहीं। जिस मरीज में डेंगू होने की पुष्टि हो जाती है उसके विधिवत इलाज के लिए चिकित्सक को प्लेटलेट्स की संख्या जानना जरूरी हो जाता है।

सरकारी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पाती। नतीजा यह होता है कि उन्हें निजी पैथालॉजी तक की दौड़ लगाने को विवश होना पड़ता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में प्लेटलेट्स काउंट करने की सुविधा मौजूद है लेकिन वहां तक जाने की हिम्मत दूरदराज क्षेत्र के तमाम मरीज व तीमारदार नहीं जुटा पाते हैं।

जिला अस्पताल तथा सीएचसी व पीएचसी पर सुविधा न होने के चलते मरीजों को प्लेटलेट्स की जांच के लिए निजी पैथालॉजी केंद्रों की शरण लेनी पड़ रही है। वहां जांच कराने में लंबी आर्थिक चपत लग रही है। कटेहरी के श्रीकांत यादव ने बताया कि प्लेटलेट्स की जांच कराने के लिए वे जिला अस्पताल के निकट स्थित एक पैथालॉजी पर गए थे।

वहां डेंगू व प्लेटलेट्स दोनों की जांच के लिए 12 सौ रुपये का भुगतान करना पड़ा। जलालपुर के इमरान कहते हैं कि बुखार से पीड़ित होने के बाद जांच में मुझेडेढ़ हजार रुपये खर्च करना पड़ा। यह सुविधा सीएचसी व जिला अस्पताल में होती तो पैसे तो बचते ही, अनावश्यक भागदौड़ भी न करनी पड़ती।

आलापुर के बिहारी यादव ने बताया कि सीएचसी जाने पर पता चला कि प्लेटलेट्स की जांच नहीं हो पाएगी। इस पर आजमगढ़ जाकर जांच कराई। इसमें पूरा एक दिन चला गया। प्लेटलेट्स जांच की सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों में हो तो मरीजों को दिक्कत न हो।

जिला अस्पताल में प्लेटलेट्स काउंट करने की मशीन लगाई गई थी लेकिन वह लंबे समय से खराब पड़ी है। डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद इस मशीन को दुरुस्त कराकर मरीजों को लाभ देने की फिक्र अब तक अधिकारियों को नहीं हो सकी है। इसके चलते ही मरीज निजी पैथालॉजी सेंटरों पर शोषण का शिकार होने को विवश हो रहे हैं।


सीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा का कहना है कि जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में संसाधनों की बेहतरी के लिए पत्र भेजे गए हैं। उस पर गंभीरता से विचार चल रहा है। नतीजे जल्दी सामने आएंगे।
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