{"_id":"540477afee36b9a4d8144a46e35b5b9e","slug":"home-guard-killed-in-lightning-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलक्ट्रेट में बिजली गिरी, होमगार्ड की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलक्ट्रेट में बिजली गिरी, होमगार्ड की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Thu, 16 Jul 2015 09:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टांडा के कोरई मोहिउद्दीनपुर गांव निवासी रमाकांत चौबे (45) पुत्र अवध प्रसाद होमगार्ड था। मौजूदा समय में उसकी ड्यूटी कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पर लगी हुई थी। प्रतिदिन की तरह बुधवार रात भी वह ड्यूटी पर था।
देर रात हो रही बारिश के दौरान वह लघुशंका के लिए बाहर निकला। तभी अचानक गरज-चमक के साथ बिजली गिरी। जिसकी चपेट में आकर रमाकांत बुरी तरह से झुलस गया। वहां मौजूद अन्य कर्मियों ने आनन-फानन में उसे जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रात में ही पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच घटना की जानकारी परिवारीजनों को हुई, तो उनमें कोहराम मच गया। रोते बिलखते परिवारीजन पहले जिला चिकित्सालय और फिर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
विज्ञापन
इस बीच डीएम विवेक भी जिला चिकित्सालय पहुंचे और परिवारीजनों को ढांढस बंधाने के साथ ही आवश्यक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
डीएम ने अपने कोष से तत्काल 25 हजार रुपये का चेक परिवारीजनों को दिया और अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन से लगभग 20 हजार रुपये एकत्र कराकर परिवारीजनों को देने के निर्देश दिए। कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दिलाने का डीएम ने भरोसा दिया।
विज्ञापन
देर रात हो रही बारिश के दौरान वह लघुशंका के लिए बाहर निकला। तभी अचानक गरज-चमक के साथ बिजली गिरी। जिसकी चपेट में आकर रमाकांत बुरी तरह से झुलस गया। वहां मौजूद अन्य कर्मियों ने आनन-फानन में उसे जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
रात में ही पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच घटना की जानकारी परिवारीजनों को हुई, तो उनमें कोहराम मच गया। रोते बिलखते परिवारीजन पहले जिला चिकित्सालय और फिर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
विज्ञापन
इस बीच डीएम विवेक भी जिला चिकित्सालय पहुंचे और परिवारीजनों को ढांढस बंधाने के साथ ही आवश्यक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
डीएम ने अपने कोष से तत्काल 25 हजार रुपये का चेक परिवारीजनों को दिया और अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन से लगभग 20 हजार रुपये एकत्र कराकर परिवारीजनों को देने के निर्देश दिए। कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दिलाने का डीएम ने भरोसा दिया।